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क्या होती है इनसाइडर ट्रेडिंग? ये गैर-कानूनी है या कानूनी, समझिए आसान भाषा में

किसी कंपनी में इनसाइडर का मतलब होता है कि उसके पास कंपनी की कम से कम 10 परसेंट हिस्सेदारी हो और उसके पास वो सूचनाएं पहुंचती हों जो अभी पब्लिक में नहीं हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

क्या होती है इनसाइडर ट्रेडिंग? 
इनसाइडर ट्रेडिंग को समझने के लिए सबसे पहले आपको शेयर बाजार को समझना होगा. अगर आप शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं या आप ये सोचते हैं कि किसी कंपनी में पैसा लगाना चाहिए तो सबसे पहले आप अपने स्तर पर थोड़ी सी रिसर्च करते हैं. उस कंपनी के बारे में पता करते हैं. वो कंपनी क्या करती है, कितनी पुरानी है, उसके तिमाही नतीजे कैसे हैं, उस पर कर्ज है या नहीं, उसका मैनेजमेंट कैसा है वगैरह - वगैरह. उस कंपनी की वित्तीय जानकारियों के साथ साथ आप ये भी देखते हैं कि उस कंपनी ने बीते साल भर या किसी तय अवधि में कितना रिटर्न दिया है और उसकी परफॉर्मेंस कैसी है. जब आप पूरी तरह संतुष्ट हो जाते हैं तो आप उसके शेयर खरीदकर अपने पोर्टफोलियो में रख लेते हैं, ये सोचकर कि आपको आने वाले वक्त में अच्छा रिटर्न मिलेगा. लेकिन ये जानकारियां तो पब्लिक में हैं यानी सार्वजनिक हैं, और आपके अलावा बाकी लोग भी उसे पढ़ सकते हैं और निवेश करने की सोच सकते हैं. तो फिर आपने क्या अलग किया और आपको कैसे भारी भरकम फायदा होगा. 

इनसाइडर ट्रेडिंग को ऐसे समझिए 
ऐसे में जब आप ये सोचते हैं कि काश किसी कंपनी के बारे में कोई ऐसी जानकारी मिल जाए जो किसी के पास न हो जिसका फायदा शेयर बाजार में निवेश करके उठाया जा सके. मान लीजिए आपका कोई दोस्त है जो किसी लिस्टेड कंपनी में काम करता है और काफी बड़े पद पर है. बातों बातों में उसने आपको अपनी कंपनी की भविष्य की निवेश योजनाओं के बारे में कोई ऐसी जानकारी दे दी जो सार्वजनिक रूप से अभी कहीं नहीं है, क्योंकि कंपनी ने इसका ऐलान नहीं किया है, लेकिन आपको पहले ही मालूम हो गई है. तब आप इस कॉन्फिडेंशियल जानकारी को भुनाने के लिए उस कंपनी के शेयरों को खरीदकर रख लेते हैं, क्योंकि आपको लगता है कि जब भी कभी कंपनी अपनी निवेश योजनाओं को सार्वजनिक करेगी उस कंपनी के शेयर दौड़ेंगे और आपको फायदा होगा. इसे ही इनसाइडर ट्रेडिंग कहते हैं. आमतौर पर ये देखा जाता है कि कंपनी के कर्मचारी या अधिकारी, डायेरक्टर ही इनसाइडर ट्रेडिंग में लिप्त पाए जाते हैं. क्योंकि वो अपनी कंपनी की सभी सूचनाओं के सबसे पहले जानते हैं, और उसका फायदा उठाने की कोशिश करते हैं. कई बार ऐसा भी होता है कि किसी कंपनी के कर्मचारी या अधिकारियों को अपनी कंपनी के बारे में कोई निगेटिव खबर की जानकारी पहले ही हो जाती है और वो शेयर बेचकर निकल जाते हैं, लेकिन दूसरे निवेशक फंसे रह जाते हैं. 

इनसाइडर ट्रेडिंग कानूनी या गैर-कानूनी
किसी कंपनी में इनसाइडर का मतलब होता है कि उसके पास कंपनी के कम से कम 10 परसेंट हिस्सेदारी हो और उसके पास वो सूचनाएं पहुंचती हों जो अभी पब्लिक में नहीं हैं. इनसाइडर ट्रेडिंग आमतौर पर सभी देशों में गैर-कानूनी होता है, लेकिन कुछ एक मौकों को छोड़कर ये कानूनी भी होता है. जब किसी कंपनी के कर्मचारी, प्रमोटर या डायरेक्टर अपनी ही कंपनी के शेयरों को खरीदते या बेचते हैं, लेकिन वो अपनी इस खरीद फरोख्त की जानकारी डिस्क्लोजर के तौर पर सेबी को पहले ही देते हैं. ऐसे में ये इनसाइडर कानूनी हो जाता हैं. उदारहण के तौर पर मान लीजिए किसी कंपनी के CEO ने अपनी ही कंपनी के 1 लाख शेयर खरीदे हैं, लेकिन इसकी जानकारी उसने मार्केट रेगुलेटर को दे दी है, तो उसे कानूनी मान्यता मिल जाती है, इसी तरह अगर उसी कंपनी के किसी कर्मचारी को कंपनी की ओर से स्टॉक ऑप्शन मिले हुए हैं और वो इसका इस्तेमाल करते हुए कंपनी के 100 शेयर खरीद लेता है तो ये भी कानूनी है और अगर किसी कंपनी के बोर्ड मेंबर ने 10,000 शेयर खरीद लिए हैं लेकिन सेबी को इसकी सूचना दे दी है तो वो भी गैर-कानूनी नहीं माना जाएगा. 

लेकिन अगर यही लोग किसी गोपनीय सूचना के दम पर बिना की किसी को बताए अपनी कंपनियों के शेयरों को खरीदते ये बेचते हैं, तो वो गैर-कानूनी हो जाएगा. जाहिर सी बात है कि वो ऐसी खरीद फरोख्त अपने अकाउंट में नहीं करेंगे, इसके लिए ये लोग अपनी मां, भाई, पत्नी, बच्चों या रिश्तेदारों के नाम पर शेयर खरीद लेते हैं ताकि जांच में उन पर कोई शक न करे. 

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