होम / BW क्लास / BW Class: क्या होता है Rights Issue? इससे निवेशकों को क्या फायदा?

BW Class: क्या होता है Rights Issue? इससे निवेशकों को क्या फायदा?

राइट्स इश्यू से शेयरधारकों को एक फायदा होता है कि उन्हें कंपनी के शेयर सस्ते भाव पर मिल जाते हैं. राइट्स इश्यू जारी होने से कंपनी के शेयर बेस के ऊपर असर पड़ता है

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

राइट्स इश्यू क्या होता है
जब कोई कंपनी पैसा जुटाने के लिए पहली बार शेयर बाजार में अपने शेयर लेकर आती है, उसे Initial Public Offer या IPO कहा जाता है. इसमें कंपनी अपने शेयरों को बोली के लिए रखती है, निवेशक बोली में हिस्सा लेते हैं और जिन्हें शेयर अलॉट हो जाते हैं वो उस कंपनी के शेयरहोल्डर बन जाते हैं. 

अब मान लीजिए उसी कंपनी को IPO लाने के बाद भी पैसों की जरूरत पड़ती है तो वो क्या करेगी. अब चूंकि कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट हो चुकी है. इसलिए उसके पास एक विकल्प होता है कि वो अतिरिक्त शेयरों को जारी करे, लेकिन इसमें एक शर्त ये होती है कि इन शेयरों पर पहला 'RIGHT' मौजूदा शेयरधारकों का होता है, इसलिए इसे राइट्स इश्यू कहते हैं. मतलब ये शेयर सबसे पहले मौजूदा शेयरहोल्डर्स को ऑफर किये जाते हैं, हालांकि शेयरधारकों के लिए इनको खरीदने की कोई बाध्यता नहीं होती है. अगर कंपनी सीधा बाजार में अपने शेयर उतार देगी तो हो सकता है कि शेयरहोल्डर्स इस पर आपत्ति जताएं. 

राइट्स इश्यू का गणित 
आमतौर पर राइट्स इश्यू को मौजूदा शेयर प्राइस से डिस्काउंट रेट या कम कीमत पर ऑफर किया जाता है, अगर ऐसा नहीं होगा तो कोई इसमें हिस्सा ही क्यों लेगा. मान लीजिए किसी कंपनी ABC का मौजूदा शेयर प्राइस 100 रुपये है तो वो कंपनी राइट्स इश्यू के लिए 85 रुपये का भाव तय कर सकती है. ये राइट्स इश्यू एक तय अवधि के लिए ही लाये जाते हैं. इसी अवधि में ही शेयरधारकों को इसमें हिस्सा लेना होता है. 

राइट्स इश्यू का अनुपात 
अब समझिये कि राइट्स इश्यू लाया कैसे जाता है. देखिए ये एक अनुपात में लाया जाता है, जैसे बोनस शेयर या स्टॉक स्प्लिट अनुपात में होता. मान लीजिए कि कंपनी ABC ने 1:5 के राइट्स इश्यू का ऐलान किया है. मतलब ये कि किसी शेयर धारक के पास अगर पहले से शेयर हैं तो उसके हर 5 शेयर पर 1 शेयर मिलेगा. मतलब अगर किसी के पास 20 शेयर हैं, तो राइट्स के जरिए वो 4 अतिरिक्त शेयर ले सकता है, वो भी डिस्काउंट रेट पर.  

राइट्स इश्यू क्यों लाती हैं कंपनियां?
कंपनियां राइट्स इश्यू लाती हैं अतिरिक्त पूंजी जुटाने के लिए, अब इस पूंजी जुटाने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. जैसे - 

1- अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी को पैसों की जरूरत होती है. 
2- कंपनियों का डेट-इक्विटी रेश्यो बहुत बढ़ गया हो, आसान भाषा में समझें तो कंपनी पर कर्ज का भार बहुत बढ़ गया है 
3- कंपनियां अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए भी राइट्स इश्यू लाती हैं, इस पैसे का इस्तेमाल कंपनियां अन्य कंपनियों के अधिग्रहण के लिए करती हैं
4- इसके अलावा अगर कंपनी को नया प्लांट या मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगाना चाहती है तो वो राइट्स इश्यू से पैसे जुटाती है

राइट्स इश्यू से निवेशकों का क्या फायदा 
राइट्स इश्यू से शेयरधारकों को एक फायदा होता है कि उन्हें कंपनी के शेयर सस्ते भाव पर मिल जाते हैं. राइट्स इश्यू जारी होने से कंपनी के शेयर बेस के ऊपर असर पड़ता है और कंपनी का इक्विटी बेस भी बढ़ जाता है. राइट्स इश्यू जारी होने से स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी के शेयरों की लिक्विडिटी में बढ़ोतरी हो जाती है. हालांकि इससे कंपनी की ओनरशिप में कोई बदलाव नहीं होता है


टैग्स
सम्बंधित खबरें

क्या है Digital Arrest जिसको लेकर PM Modi ने जताई चिंता, कैसे इससे बचा जा सकता है?

ऑनलाइन फ्रॉड के खतरे के बीच आजकल डिजिटल अरेस्ट के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं जिसमें लोग मिनटों में अपनी जीवन की जमा-पूंजी गंवा दे रहे हैं.

28-October-2024

क्या है BRICS करेंसी जिसको बताया जा रहा डॉलर का विकल्प, ऐसा हुआ तो क्या होगा बदलाव?

दुनिया की इन 3 महाशक्तियों के अलावा ब्रिक्‍स समूह में शामिल 7 अन्‍य देशों ने आपसी व्‍यापार में स्‍थानीय मुद्रा के इस्‍तेमाल पर सहमति जताई.

25-October-2024

BW Class: क्या होता है फ्रंट रनिंग, जिसके फेर में फंस गईं फिर कुछ कंपनियां?

फ्रंट रनिंग घोटाले में तीन कंपनियों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है. इन कंपनियों के नाम आदित्य बिड़ला सन लाइफ AMC, फर्स्टक्राई और PNB हाउसिंग फाइनेंस हैं.

09-September-2024

BW Class: आखिर क्या होता है FPO और IPO? दोनों में क्या है अंतर? यहां जानें सब कुछ

क्या आप जानते हैं कि FPO और IPO क्या होता है और कोई कंपनी इसे क्यों लेकर आती है? साथ ही, FPO और इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) में फर्क क्या है? आइए आज इसी को समझते हैं.

13-April-2024

BW Class: UPI जानते हैं, PPI के बारे में पता है कुछ. इसका कैसे होता है इस्‍तेमाल?

RBI द्वारा थर्ड-पार्टी यूपीआई ऐप्स को पीपीआई से लिंक करने का प्रस्ताव दिया गया है. यूपीआई ट्रांजैक्शन के बारे में तो सब जानते लेकिन PPI के बारे में काफी कम लोगों को जानकारी होती है.

06-April-2024


बड़ी खबरें

ग्रोसरी बाजार में बड़ी एंट्री, मीशो ने 202 करोड़ रुपये में खरीदा किराना क्लब

कंपनी का मानना है कि यह सौदा उसे विभिन्न रिटेल सेगमेंट्स में अपने B2B कारोबार का विस्तार करने में मदद करेगा.

4 hours ago

अब UPI और ATM से निकाल सकेंगे PF का पैसा, जून के अंत तक शुरू हो सकती है नई सुविधा

नई व्यवस्था लागू होने के बाद सदस्य क्लेम की स्वीकृत राशि सीधे अपने बैंक खाते में प्राप्त कर सकेंगे और फिर जरूरत पड़ने पर ATM से नकदी निकाल सकेंगे.

2 hours ago

सरकारी खजाना हुआ मालामाल, डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 5.21 लाख करोड़ रुपये के पार

सरकार ने इस अवधि के दौरान करदाताओं को 89,026 करोड़ रुपये का टैक्स रिफंड जारी किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.19 प्रतिशत अधिक है. इसके बावजूद शुद्ध कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई.

4 hours ago

NEET-UG री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर रोक बरकरार, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के फैसले को दी मंजूरी

NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को प्रस्तावित है. ऐसे में सरकार ने किसी भी संभावित पेपर लीक या परीक्षा संबंधी अनियमितता को रोकने के लिए टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया था. यह प्रतिबंध 22 जून तक लागू रहेगा.

4 hours ago

भारत फोर्ज की अमेरिकी रक्षा कंपनी से बड़ी डील, मिलकर बनाएंगी 155mm मोबाइल तोप

फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित यूरोसैटरी डिफेंस एक्सपो के दौरान इस साझेदारी पर मुहर लगी. समझौते का उद्देश्य दुनियाभर की सेनाओं के लिए अत्याधुनिक 155mm मोबाइल आर्टिलरी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है.

7 hours ago