होम / ऑटोमोबाइल / कौनसी गाड़ी है चोरों की पहली पसंद, कौनसे रंग पर टिकती है उनकी नज़र, जान लें सबकुछ
कौनसी गाड़ी है चोरों की पहली पसंद, कौनसे रंग पर टिकती है उनकी नज़र, जान लें सबकुछ
एक इंश्योरेंस कंपनी की रिपोर्ट में बताया गया है कि देशभर में चोरी होने वाले वाहनों में से 56 प्रतिशत दिल्ली-NCR में होते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
गाड़ी चोरी की घटनाएं आम हैं. किसी न किसी शहर में रोज कोई न कोई वाहन चोरी हो ही जाता है. टू-व्हीलर से लेकर फोर-व्हीलर तक जो हाथ लगे, चोर लेकर रफूचक्कर हो जाते हैं. एक बार जो वाहन चोरी हुआ, तो फिर उसकी वापसी की उम्मीद लगभग न के बराबर है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कौनसी कार या बाइक चोरों के निशाने पर सबसे ज्यादा रहती है? एक रिपोर्ट में इस सवाल का जवाब दिया गया है.
दिल्ली-NCR सबसे रिस्की
इंश्योरेंस कंपनी ACKO की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में चोरी होने वाले वाहनों में से 56 प्रतिशत दिल्ली-NCR में होते हैं. रिपोर्ट में दिल्ली-NCR को वाहन मालिकों के लिए सबसे रिस्की एरिया बताया गया है. चोरों की पसंद के बारे में रिपोर्ट कहती है कि देश में मारुति सुजुकी वैगनआर और स्विफ्ट सबसे ज्यादा चोरी होने वाली कारें हैं. वहीं, बाइक की बात करें, तो स्प्लेंडर प्लस पर चोर सबसे ज्यादा हाथ साफ करते हैं. रिपोर्ट में दिल्ली-एनसीआर में चोरी होने वाली टॉप-5 कार और बाइक्स की लिस्ट भी दी गई है. हर 12 मिनट में चोरी
रिपोर्ट में बताया गया है कि मारुति सुजुकी वैगनआर और स्विफ्ट सबसे ज्यादा चोरी होने वाली कारें हैं. इसके बाद हुंडई क्रेटा, हुंडई सेंट्रो, होंडा सिटी, हुंडई आई10 का नंबर आता है. वहीं, टू-व्हीलर सेगमेंट में हीरो कंपनी की स्प्लेंडर सबसे ज्यादा चोरी होती है. इसके बाद होंडा एक्टिवा, बजाज पल्सर, रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 और टीवीएस अपाचे चोरों की पसंद हैं. दिल्ली-NCR के बारे में रिपोर्ट कहती है कि यहां हर 12 मिनट में एक गाड़ी चोरी हो जाती है. दिल्ली में होने वाले कुछ अपराधों में वाहन चोरी की हिस्सेदारी करीब 20% है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बाद सबसे अधिक गाड़ी बेंगलुरु और चेन्नई में चोरी होती हैं.
यहां सबसे कम घटनाएं
रिपोर्ट में उन शहरों के नाम भी बताए गए हैं, जहां सबसे कम गाड़ियां चोरी होती हैं. हैदराबाद, मुंबई और कोलकाता ऐसे शहर हैं, जहां देश के बाकी हिस्सों के मुकाबले वाहन चोरी की घटनाएं कम होती हैं. रिपोर्ट की मानें तो सफेद रंग की कारें सबसे अधिक चोरी होती हैं. इसका कारण यह है कि सफेद रंग की कार की पहचान एकदम मुश्किल हो जाती है. इसके बाद चोरों के निशाने पर काले रंग की कारें आती हैं. दिल्ली में वाहन चोरी बढ़ने की एक बड़ी वजह यह भी है कि यहां पार्किंग की समस्या है, इसके चलते लोग सड़क किनारे वाहन खड़ा कर देते हैं और चोरों को उन्हें निशाना बनाने का मौका आसानी से मिल जाता है.
टैग्स