होम / अप्वाइंटमेंट / कौन हैं प्रीति सुदन जिन्हें बनाया गया UPSC का नया प्रेसिडेंट, कल से संभालेंगी कुर्सी?
कौन हैं प्रीति सुदन जिन्हें बनाया गया UPSC का नया प्रेसिडेंट, कल से संभालेंगी कुर्सी?
मनोज सोनी के इस्तीफे के बाद प्रीति सुदन को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) का नया प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के प्रेसिडेंट की कुर्सी पर प्रीति सुदन (Preeti Sudan) बैठेंगी. वह कल यानी 1 अगस्त से कार्यभार संभालेंगी. अब तक मनोज सोनी यह जिम्मेदारी संभाल रहे थे, लेकिन उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए कार्यकाल खत्म होने के पहले ही इस्तीफा दे दिया था. उनके इस्तीफे को पूजा खेडकर विवाद को लेकर UPSC पर उठे सवालों से जोड़कर भी देखा गया. सोनी का कार्यकाल मई 2029 को समाप्त होना था. उन्होंने 16 मई 2023 को UPSC का अध्यक्ष पद ग्रहण किया था.
कई पदों का अनुभव
UPSC की नई प्रेसिडेंट प्रीति सुदन 1983 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं. मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली प्रीति ने 1983 में यूपीएससी की परीक्षा पास की थी. इसके बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया. प्रीति सुदन ने महिला एवं बाल विकास और रक्षा मंत्रालय के अलावा खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग में बतौर सचिव सेवाएं दी हैं.
AP कैडर की IAS
हरियाणा की रहने वालीं प्रीति आंध्र प्रदेश कैडर की पूर्व IAS अधिकारी हैं. वह जुलाई 2020 में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव के रूप में रिटायर हुई थीं और इसके बाद वह यूपीएससी से जुड़ गईं. उनके अनुभव और UPSC में किए गए कामों को देखते हुए उन्हें अब संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया गया है. प्रीति सुदन ने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान, 'आयुष्मान भारत मिशन', राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग और एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल आयोग के कामों में भी सक्रिय योगदान दिया है.
सामने होगी बड़ी चुनौती
एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में ई-सिगरेट को बैन करवाने में प्रीति सुदन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. IAS प्रीति के पास इकोनॉमिक्स में M.Phil की डिग्री है. उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड सोशल साइंस से MSc भी किया हुआ है. प्रीति सुदन के सामने सबसे बड़ी चुनौती UPSC की चयन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों को दूर करने के लिए सिस्टम की खामियों को दुरुस्त करने की होगी. ट्रेनी IAS पूजा खेडकर और IAS अभिषेक सिंह को लेकर UPSC विवादों में रहा है. इन दोनों पर OBC और विकलांग कैटेगरी का गलत फायदा उठाकर सिलेक्शन लेने का आरोप है.
क्या है UPSC की जिम्मेदारी?
UPSC भारत के संविधान के तहत यह एक संवैधानिक निकाय है. इसके अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति सीधे राष्ट्रपति द्वारा की जाती है. UPSC केंद्र सरकार की ओर से कई परीक्षाएं आयोजित करता है. इसके द्वारा हर साल सिविल सेवा परीक्षाएं (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और केंद्रीय सेवाओं- जैसे कि ग्रुप A और ग्रुप B में नियुक्ति के लिए एग्जाम कंडक्ट करवाए जाते हैं. आयोग में अध्यक्ष के अलावा 10 सदस्य गवर्निंग बॉडी में होते हैं. UPSC के सदस्यों क कार्यकाल छह साल का होता है.
टैग्स