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नीति आयोग में नई नियुक्ति: जमीनी विकास अनुभव के साथ जुड़े आर बालासुब्रमण्यम
पेशे से एक प्रशिक्षित डॉक्टर रहे बालासुब्रमण्यम ने अपने करियर में विकास और नीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 hours ago
सरकार के प्रमुख नीति थिंक टैंक नीति आयोग में एक अहम बदलाव के तहत प्रख्यात पब्लिक पॉलिसी विशेषज्ञ, लेखक और विकास कार्यकर्ता आर बालासुब्रमण्यम को पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति नीति आयोग की कार्यप्रणाली को जमीनी अनुभव से और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.
जमीनी विकास और नीति निर्माण का मजबूत अनुभव
पेशे से एक प्रशिक्षित डॉक्टर रहे बालासुब्रमण्यम ने अपने करियर में विकास और नीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है. उन्होंने स्वामी विवेकानंद यूथ मूवमेंट और ग्रासरूट रिसर्च एंड एडवोकेसी मूवमेंट जैसे संगठनों की स्थापना की, जिन्होंने जमीनी स्तर पर विकास और सार्वजनिक नीति के बीच सेतु का काम किया है. उनका अनुभव उन्हें नीति निर्माण और वास्तविक जरूरतों के बीच संतुलन बनाने में सक्षम बनाता है.
वैश्विक शिक्षा और प्रशासनिक समझ
बालासुब्रमण्यम ने हावर्ड कैनेडी स्कूल से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री हासिल की है. इससे उन्हें शासन और प्रशासन की गहरी समझ मिली है, जो उनके जमीनी अनुभव के साथ मिलकर उन्हें एक प्रभावशाली नीति विशेषज्ञ बनाती है.
नीति आयोग में बड़ा बदलाव
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब 2015 में प्लानिंग कमीशन की जगह बने नीति आयोग में पहली बड़ी पुनर्रचना की गई है. 24 अप्रैल को सरकार ने नए उपाध्यक्ष और कई पूर्णकालिक सदस्यों की नियुक्ति की. प्रख्यात अर्थशास्त्री अशोक लहीरी को उपाध्यक्ष बनाया गया है, जिन्होंने सुमन बेरी का स्थान लिया. इसके अलावा अभय करनदिकर और एम श्रीनिवासको भी सदस्य नियुक्त किया गया है.
प्रधानमंत्री ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर बालासुब्रमण्यम को बधाई देते हुए कहा कि उनका अनुभव और विभिन्न मुद्दों की समझ नीति निर्माण को मजबूत करेगी. उन्होंने विश्वास जताया कि उनका योगदान अलग-अलग क्षेत्रों में नवाचार और विकास को गति देगा.
जमीनी अनुभव से राष्ट्रीय नीति तक का सफर
डॉक्टर से विकास कार्यकर्ता और फिर नीति विशेषज्ञ बनने तक का बालासुब्रमण्यम का सफर अब देश के सर्वोच्च नीति संस्थान में औपचारिक भूमिका तक पहुंच गया है. माना जा रहा है कि उनका फील्ड-आधारित अनुभव राष्ट्रीय स्तर की नीतियों को और व्यावहारिक और प्रभावी बनाने में मदद करेगा.
आर बालासुब्रमण्यम की नियुक्ति से NITI Aayog को जमीनी हकीकतों से जुड़ी नई दृष्टि मिलने की उम्मीद है. इससे सरकार की नीतियों में व्यावहारिकता और प्रभावशीलता बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
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