होम / अप्वाइंटमेंट / नीति आयोग में नई नियुक्ति: जमीनी विकास अनुभव के साथ जुड़े आर बालासुब्रमण्यम

नीति आयोग में नई नियुक्ति: जमीनी विकास अनुभव के साथ जुड़े आर बालासुब्रमण्यम

पेशे से एक प्रशिक्षित डॉक्टर रहे बालासुब्रमण्यम ने अपने करियर में विकास और नीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

सरकार के प्रमुख नीति थिंक टैंक नीति आयोग में एक अहम बदलाव के तहत प्रख्यात पब्लिक पॉलिसी विशेषज्ञ, लेखक और विकास कार्यकर्ता आर बालासुब्रमण्यम को पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति नीति आयोग की कार्यप्रणाली को जमीनी अनुभव से और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.

जमीनी विकास और नीति निर्माण का मजबूत अनुभव

पेशे से एक प्रशिक्षित डॉक्टर रहे बालासुब्रमण्यम ने अपने करियर में विकास और नीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है. उन्होंने स्वामी विवेकानंद यूथ मूवमेंट और ग्रासरूट रिसर्च एंड एडवोकेसी मूवमेंट जैसे संगठनों की स्थापना की, जिन्होंने जमीनी स्तर पर विकास और सार्वजनिक नीति के बीच सेतु का काम किया है. उनका अनुभव उन्हें नीति निर्माण और वास्तविक जरूरतों के बीच संतुलन बनाने में सक्षम बनाता है.

वैश्विक शिक्षा और प्रशासनिक समझ

बालासुब्रमण्यम ने हावर्ड कैनेडी स्कूल से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री हासिल की है. इससे उन्हें शासन और प्रशासन की गहरी समझ मिली है, जो उनके जमीनी अनुभव के साथ मिलकर उन्हें एक प्रभावशाली नीति विशेषज्ञ बनाती है.

नीति आयोग में बड़ा बदलाव

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब 2015 में प्लानिंग कमीशन की जगह बने नीति आयोग में पहली बड़ी पुनर्रचना की गई है. 24 अप्रैल को सरकार ने नए उपाध्यक्ष और कई पूर्णकालिक सदस्यों की नियुक्ति की. प्रख्यात अर्थशास्त्री अशोक लहीरी को उपाध्यक्ष बनाया गया है, जिन्होंने सुमन बेरी का स्थान लिया. इसके अलावा अभय करनदिकर और एम श्रीनिवासको भी सदस्य नियुक्त किया गया है.

प्रधानमंत्री ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर बालासुब्रमण्यम को बधाई देते हुए कहा कि उनका अनुभव और विभिन्न मुद्दों की समझ नीति निर्माण को मजबूत करेगी. उन्होंने विश्वास जताया कि उनका योगदान अलग-अलग क्षेत्रों में नवाचार और विकास को गति देगा.

जमीनी अनुभव से राष्ट्रीय नीति तक का सफर

डॉक्टर से विकास कार्यकर्ता और फिर नीति विशेषज्ञ बनने तक का बालासुब्रमण्यम का सफर अब देश के सर्वोच्च नीति संस्थान में औपचारिक भूमिका तक पहुंच गया है. माना जा रहा है कि उनका फील्ड-आधारित अनुभव राष्ट्रीय स्तर की नीतियों को और व्यावहारिक और प्रभावी बनाने में मदद करेगा.

आर बालासुब्रमण्यम की नियुक्ति से NITI Aayog को जमीनी हकीकतों से जुड़ी नई दृष्टि मिलने की उम्मीद है. इससे सरकार की नीतियों में व्यावहारिकता और प्रभावशीलता बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

एक्सक्लूसिव: सिद्धार्थ बुटालिया बने फ्लाईदुबई के सीनियर VP, कॉरपोरेट ब्रांड और मार्केटिंग की संभालेंगे कमान

सिद्धार्थ बुटालिया टाटा समूह के साथ दो दशक बिताने के बाद दुबई स्थित एयरलाइन में शामिल हुए हैं, जहां उन्होंने आखिरी बार एयर इंडिया एक्सप्रेस में चीफ मार्केटिंग ऑफिसर के रूप में कार्य किया.

3 days ago

Info Edge ने हिमांशु अग्रवाल को बनाया नया CFO, 17 सितंबर से संभालेंगे जिम्मेदारी

अंतरिम CFO अंबरिश रघुवंशी की जगह लेंगे हिमांशु अग्रवाल, 31 अक्टूबर तक वित्त सलाहकार के रूप में जुड़े रहेंगे.

4 days ago

च‍ित्रा अवस्थी बनीं Anya गुरुग्राम की नई जनरल मैनेजर, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में 25 साल से ज्यादा का अनुभव

25 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ च‍ित्रा अवस्थी संभालेंगी होटल के संचालन, राजस्व, अतिथि अनुभव और ब्रांड पोजिशनिंग की जिम्मेदारी

5 days ago

Wingify ने महरनाज दलाल को बनाया CFO, 20 साल से ज्यादा का है वित्तीय नेतृत्व का अनुभव

दलाल के पास APAC, EMEA और नॉर्थ अमेरिका में वित्तीय नेतृत्व का 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है

03-September-2026

कोलगेट-पामोलिव के MD और CEO बने मनीष आनंदानी, प्रभा नरसिम्हन को भी मिली नई जिम्मेदारी

प्रभा नरसिम्हन 27 सितंबर को संभालेंगी नई भूमिका, एशिया-पैसिफिक डिवीजन में मार्केटिंग की जिम्मेदारी; 28 सितंबर से मनीष आनंदानी होंगे कंपनी के नए MD और CEO

21-August-2026


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

12 hours ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

9 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

10 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

11 hours ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

18 hours ago