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कैसे बना आगरे का 'पागलखाना', क्यों हैं इतना मशहूर; जानिए इसका इतिहास

आगरा क्रांतिकारियों का गढ़ पहले से ही रहा है. 1857 की लड़ाई शुरू हो गई थी. झांसी में रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों को लोहे के चने चबा दिए थे.

आमिर कुरेशी 3 years ago

आगरा: आप सभी ने ताजमहल तो देखा होगा परंतु आगरे का पागलखाना नहीं देखा होगा. आखिर क्या वजह है कि आगरे का पागलखाना इतना मशहूर है? हमने इसके इतिहास के बारे में जानने की कोशिश की. आगरा ताजमहल, पेठा और जूते के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. पर क्या आप जानते हैं कि पहले इसे पागलखाने के नाम से जाना जाता था?

अब मानसिक आरोग्यशाला कहिए
आपको बता दें कि अब इसे मानसिक आरोग्यशाला के नाम से जाना जाता है. इसके निर्माण की कहानी भी एकदम अलग है. ऐसा कहा जाता है कि क्रांतिकारियों के विद्रोह के चलते एक अंग्रेज अफसर पागल हो गए. इसके साथ उस अंग्रेज अफसर को हैजा हो गया और उसकी मौत हो गई. इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने यह निर्णय लिया आगरा में मानसिक आरोग्यशाला का निर्माण कराया जाए.

लेफ्टिनेंट जनरल जॉन रेचल केल्विन विद्रोह से घबरा गया
आगरा क्रांतिकारियों का गढ़ पहले से ही रहा है. 1857 की लड़ाई शुरू हो गई थी. झांसी में रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों को लोहे के चने चबा दिए थे. इधर मेरठ में सैनिक विद्रोही हो गए थे और आगरा में भी विद्रोह के बादल गरज रहे थे. विद्रोह देख आगरा किले का प्रभारी और लेफ्टिनेंट जनरल जॉन रेचल केल्विन पूरी तरह घबरा गया.

केल्विन पागल हो गया
क्रांतिकारियों की रणनीति से केल्विन पागल हो गया और उसकी दिमागी हालत खराब हो गई और फिर कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो जाती है. अंग्रेज अफसरों ने केल्विन को आगरा किले में ही दफना दिया. आज भी उसकी कब्र आगरा किले के दीवाने आम के सामने मौजूद है.

कोलकाता में जन्मे कैल्विन
केल्विन का जन्म 19 मई 1807 को कोलकाता में हुआ था. तब कोलकाता बंगाल प्रेसिडेंसी का हिस्सा था. केल्विन का परिवार एग्लो इंडियन मूल का था. केल्विन की पढ़ाई ईस्ट इंडिया कंपनी कॉलेज में हर्डफोटशायर से इंग्लैंड में हुई.

क्वीन विक्टोरिया ने बनवाया अस्पताल
मानसिक चिकित्सालय क्वीन विक्टोरिया ने बनवाया था. इतिहासकार राजकिशोर राज्य के मुताबिक क्रांतिकारियों के डर से घबराए अंग्रेज अफसरों ने कैल्विन को आगरा किला में दफना दिया. कब्र के पास एक ब्रिटिश जमाने की तोप भी रखी हुई है.

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