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Zomato ने खत्म किया 'Pro मेंबरशिप', जानिए इसे ले चुके ग्राहकों का अब क्या होगा?
इस सुविधा को सब्सक्राइब करने वाले ग्राहकों को आम ग्राहकों के मुकाबले कुछ अतिरिक्त सुविधा दी जाती थी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) ने ग्राहकों के फायदे वाली एक सुविधा को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है. अब आप लॉयल्टी डाइनिंग मेंबरशिप प्रोग्राम 'प्रो' और 'प्रो प्लस' की सुविधा नहीं ले पाएंगे. Zomato ने इस बारे में बताया है कि मेंबरशिप प्रोग्राम 'प्रो' और 'प्रो प्लस' के लिए अब नए यूजर्स को साइनअप करना या पुराने सब्सक्रिप्शन को रिन्यू करना बंद कर दिया गया है.
ग्राहकों को मिलती थीं कई सुविधाएं
आपको बता दें कि ऑनलाइन फूड एग्रीगेटर ने 2020 में 'जोमैटो प्रो' और 2021 में 'जोमैटो प्रो प्लस' लॉन्च किया था. इसे सब्सक्राइब करने वाले ग्राहकों को आम ग्राहकों के मुकाबले कुछ अतिरिक्त सुविधा दी जाती थी. जैसे- फ्री डिलीवरी, डिलीवरी में प्रायोरिटी, एक्सट्रा डिस्काउंट और मनी बैक गारंटी. फूड टेक यूनिकॉर्न ने अपने गोल्ड सब्सक्रिप्शन प्रोग्राम का नाम बदलकर जोमैटो प्रो कर दिया था.
किसी और प्लान पर काम कर रहा है Zomato?
जोमैटो के प्रवक्ता ने बताया, "जोमैटो प्रो और प्रो प्लस को उसके ग्राहकों और व्यापारियों द्वारा बहुत पसंद किया गया है. हम चाहते हैं कि यह और भी खासकर सबसे व्यस्त ग्राहकों और व्यापारी भागीदारों के लिए फायदेमंद हो. हम फीडबैक ले रहे हैं और एक नया कार्यक्रम तैयार करने के लिए अपने ग्राहकों और रेस्तरां भागीदारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. इस बीच, हम जोमैटो प्रो और जोमैटो प्रो प्लस में नए सदस्यों और मर्चेट पार्टनर्स को शामिल नहीं कर रहे हैं."
जो सब्सक्रिप्शन ले चुके हैं, उनका क्या होगा
जो ग्राहक 'प्रो' और 'प्रो प्लस' का सब्सक्रिप्शन ले चुके हैं, वे एक्सपायरी डेट तक इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं. उसके बाद इसे रिन्यू नहीं किया जाएगा.
Swiggy का भी लॉयल्टी प्रोग्राम
Zomato के कॉम्पटीटर Swiggy का भी अपना एक लॉयल्टी प्रोग्राम है, जिसे Swiggy One कहा जाता है. यह इसके सदस्यों को 99 रुपये से अधिक के ऑर्डर पर चुनिंदा रेस्तरां से अनलिमिटेड फ्री डिलीवरी की सुविधा दी जाती है.
जोमैटो को हो रहा घाटा
30 जून को समाप्त तिमाही में जोमैटो को 185.7 करोड़ रुपये का घाटा हुआ, जबकि पिछली तिमाही में उसे 359.7 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. जोमैटो के संस्थापक और सीईओ दीपिंदर गोयल ने कहा, "कंपनी बुद्धिमानी से खर्च करने और कम लागत वाली संस्कृति को लगातार मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है. विशेषकर हमारे जैसा व्यवसाय इस समय घाटे में चल रहा है."
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