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क्या फर्जी HRA Claims की जांच के लिए चल रहा है अभियान? IT डिपार्टमेंट ने बताया पूरा सच

कई मीडिया रिपोर्ट्स यह दावा कर रही हैं कि Income Tax Department HRA Claims के लिए एक विशेष अभियान चला रहा है. इस संबंध में विभाग ने एक्स पर एक पोस्ट किया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

कई बार टैक्सपेयर इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय टैक्स बचाने के लिए HRA यानी हाउस रेंट अलाउंस से जुड़ी जानकारी गलत भर देते हैं. इन मामलों को लेकर पिछले कई दिनों ये ये जानकारी सामने आ रही थी कि HRA क्लेम का कई लोग गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं. इस तरह के फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए आयकर विभाग (Income Tax Department) कई केस को दोबारा खोल रहा है और एक अभियान चलाकर ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई  की जा रही है. इस तरह की मीडिया रिपोर्ट्स पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी )ने एक प्रेस रिलीज जारी कर एक बयान दिया है. साथ ही आयकर विभाग ने भी सीबीडीटी की प्रेस रिजील को एक्स पर पोस्ट कर जांच अभियान वाली रिपोर्ट्स का खंडन किया है.   

विभाग ने एक्स पर क्या किया पोस्ट?
आयकर विभाग ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर सीबीडीटी द्वारा जारी पोस्ट प्रेस रिलीज को पोस्ट किया है. साथ ही विभाग ने बताया कि वह इस तरह के मामलों के लिए कोई स्पेशल ड्राइव नहीं चला रहा है. विभाग ने टैक्सपेयर को इन गलतियों को सुधारने का मौका भी दिया है. सीबीडीटी ने इन रिपोर्ट का खंडन किया और कहा कि विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर मामलों को फिर से खोलने का आरोप लगाने वाली मीडिया रिपोर्टें गलत हैं.

सीबीडीटी ने क्या बयान दिया?

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने  अपने बयान में कहा कि गलत तरीके से एचआरए क्लेम करने वालों के खिलाफ हमारी तरफ से कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है. अगर कोई टैक्सपेयर एचआरए में गलती कर देता है, तो उसे सुधारने के लिए विभाग मौका देता है. कुछ समय से कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह जानकारी सामने आ रही थी कि जो भी करदाता गलत तरीके से एचआरए क्लेम कर रहे हैं, उनके खिलाफ आयकर विभाग सख्त हो रहा है. विभाग द्वारा जुर्माना या फिर केस को री-ओपन किया जा रहा है. 

भूल सुधारने का दिया गया है मौका
आयकर विभाग ने कहा है कि एचआरए क्लेम के मामले में भी विभाग नियमित प्रक्रिया का पालन कर रहा है और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया जा रहा है. विभाग ने बताया कि उन्हें वित्त वर्ष 2020-21 के कुछ एचआरए मामलों की जांच की, जिसमें कुछ गलतियां पाई गई हैं. विभाग ने ऐसे करदाताओं को भूल सुधारने के लिए मौका दिया है. उन्हें केवल चेतावनी दी जा रही है और फिर से आईटीआर फाइल करने के लिए कहा जा रहा है.   
 
 


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