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जानते हैं क्‍यों EPFO में पेंशन के लिए लगता है इतना समय, नहीं हो पा रहा है ये काम 

मौजूदा समय में तकनीक के अपडेट न होने के कारण एक पेंशन आवेदन को निपटाने में 30 मिनट से ज्‍यादा का समय लग रहा है जबकि ये काम उससे काफी कम समय में हो सकता है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

डिजिटल क्रांति के युग में एक ओर जहां आए दिन प्राइवेट सेक्‍टर से एआई के इस्‍तेमाल से काम को और आसान बनाने की खबर आ रही है वहीं दूसरी ओर सरकार का ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन) डिपार्टमेंट अभी भी तकनीकी अपग्रेडेशन न होने कारण हांफने पर मजबूर है. इसका नतीजा ये हो रहा है कि जहां काम की रफ्तार बेहद कम हो गई है वहीं दूसरी ओर सिस्‍टम में कई तरह की परेशानियां भी आ रही हैं. सबसे दिलचस्‍प बात ये है कि समस्‍या की शिकायत होने के बावूजद अभी इसका समाधान नहीं किया गया है. 

EPFO की मीटिंग में उठ सकता है ये मामला 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, EPFO के एक रिटॉयर्ड अधिकारी बताते हैं कि उनके वहां के सिस्‍टम और सॉफ्टवेयर पुराने हो चुके हैं. हालात ये हैं कि ईपीएफओ के पास काम करने के लिए न तो पर्याप्‍त सिस्‍टम हैं और न ही तकनीक सही से काम कर रही है. इस पुरानी तकनीक के कारण हो ये रहा है कि किसी भी पेंशन के आवेदन में 30 मिनट तक का समय लग रहा है जबकि ये काम उससे काफी कम समय में हो सकता है. आने वाले दिनों में ये मामला EPFO की न्‍यासी मीटिंग में उठ सकता है. 

मामले की शिकायत मंत्रालय में हो चुकी है
मीडिया रिपोर्ट ये तक कहती है कि इस मामले में ईपीएफओ के द्वारा इसकी शिकायत मंत्रालय तक की जा चुकी है. लेकिन बावजूद इसके अभी तक इसका समाधान नहीं किया जा सका है. इसके कारण कर्मचारियों को काम करने में बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. EPFO में मौजूदा समय में 7 करोड़ से अधिक सक्रिय सदस्‍य और 77.2 लाख से अधिक पेंशन भोगी हैं. इतने सदस्‍य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पास होते हैं. इतनी संख्‍या पर उनका आईटी सुधार बजट ईपीएफओ से कई गुना ज्‍यादा होता है. मसलन एसबीआई की बात करें तो वित्‍त वर्ष में बैंक का आईटी बजट 3500 करोड़ रुपये था वहीं ईपीएफओ का बजत मात्र 134 करोड़ था. 

क्‍यों नहीं किया जा सकता इस विभाग का कायाकल्‍प 
सरकार अपने डिजिटल इंडिया अभियान के तहत लगातार सभी विभागों को आईटी से जोड़ रही है. ताकि लोगों को बेहतर सुविधा दी जा सके. ए‍क अधिकारी कहते हैं कि अगर पासपोर्ट सेवा से लेकर इनकम टैक्‍स और जीएसटी के लिए निजी कंसल्‍टेंट हायर किया जा सकता है तो ईपीएफओ को ये सुविधा क्‍यों नहीं मिल सकती है. अगर ऐसा होता है तो ईपीएफओ में काम आसानी से हो सकेगा. एक आंकड़े के अनुसार, उच्‍च पेंशन के लिए 1.74 मिलियन आवेदन प्राप्‍त हुए हैं जिन पर वर्तमान में कार्रवाई की जा रही है.  
 


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