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मिडिल ईस्ट तनाव से कच्चे तेल में उबाल, ब्रेंट 107 डॉलर के पार; होर्मुज संकट ने बढ़ाई चिंता
तेल की कीमतें पहले ही 100 डॉलर के पार जा चुकी हैं. पिछले सप्ताह भी ब्रेंट और WTI दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स में तेजी दर्ज की गई थी. अब नए हमलों और सप्लाई रूट पर बढ़ते जोखिम ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अहम तेल आपूर्ति मार्गों पर बढ़ते जोखिम का असर वैश्विक कच्चे तेल बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है. सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.8 फीसदी उछलकर 107.54 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई. वहीं, अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 2.3 फीसदी बढ़कर 102.34 डॉलर प्रति बैरल हो गया. सऊदी अरब की अहम पाइपलाइन बंद होने, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज पर हमले और कूटनीतिक बातचीत टलने से तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है.
सऊदी अरब ने बंद की अहम पाइपलाइन
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के पीछे मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव प्रमुख वजह है. सऊदी अरब में ड्रोन हमलों के बाद देश ने अपनी महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया. इस पाइपलाइन के बंद होने से वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है.
तेल की कीमतें पहले ही 100 डॉलर के पार जा चुकी हैं. पिछले सप्ताह भी ब्रेंट और WTI दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स में तेजी दर्ज की गई थी. अब नए हमलों और सप्लाई रूट पर बढ़ते जोखिम ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है.
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव
मिडिल ईस्ट का संकट सिर्फ पाइपलाइन तक सीमित नहीं है. दुनिया के प्रमुख समुद्री तेल व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य में भी तनाव बढ़ गया है. रविवार को इस इलाके में एक मर्चेंट जहाज को निशाना बनाया गया. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि तीन अन्य घायल हुए.
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है. ऐसे में इस मार्ग पर किसी भी तरह की बाधा से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका रहती है.
ईरान के सख्त नियमों से बढ़ी चिंता
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर ईरान ने भी नियम सख्त कर दिए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, अब कुछ जहाजों को इस मार्ग से गुजरने के लिए अनुमति लेने की जरूरत पड़ रही है. ईरान की ओर से जहाजों से सर्विस फीस लेने की व्यवस्था तैयार करने की भी बात सामने आई है.
इस बीच ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने भी स्थिति को और जटिल बना दिया है. इससे बाजार में यह आशंका बढ़ रही है कि तेल आपूर्ति से जुड़े जोखिम जल्द खत्म नहीं होंगे.
कूटनीतिक बातचीत टलने से बढ़ी बाजार की चिंता
मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने की कोशिशों को भी झटका लगा है. ओमान ने ईरान और खाड़ी देशों के बीच होने वाली अहम बातचीत को फिलहाल टाल दिया है. इस बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य और क्षेत्रीय तनाव को लेकर समाधान तलाशने की उम्मीद थी.
बातचीत टलने के बाद बाजार में यह चिंता बढ़ गई है कि मिडिल ईस्ट संकट का जल्द समाधान मुश्किल हो सकता है. यही वजह है कि निवेशकों ने तेल की कीमतों में जोखिम प्रीमियम बढ़ा दिया है और ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है.
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