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बैंकिंग फ्रॉड पर लगेगी लगाम, RBI बनाएगा 'Fraud Registry', जानिए कैसे काम करेगा
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल बैंकिंग, NBFCs और डिजिटल पेमेंट सिस्टम की सेवा की कमियों को दूर करने के लिए एक इंटीग्रेटेड बैंकिंग ओम्बुड्समैन सिस्टम की शुरुआत की थी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
मुंबई: बैंक फ्रॉड को रोकने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) एक फ्रॉड रजिस्ट्री बनाने पर विचार कर रहा है, रिजर्व बैंक के इस कदम से ग्राहकों की सुरक्षा और डिजिटल फ्रॉड को रोकने में मदद मिलेगी
जानिए क्या है RBI की फ्रॉड रजिस्ट्री
RBI की फ्रॉड रजिस्ट्री में फ्रॉड वेबसाइट्स, फोन, फ्रॉड करने के तमाम तरीकों और कई अन्य जानकारियों का डेटाबेस होगा, रिजर्व बैंक इसके जरिए फ्रॉड करने वालों को बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करने से रोकना चाहती है. RBI इसे लागू करने के लिए कई स्टेकहोल्डर्स और प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बातचीत कर रहा है. मीडिया से बात करते हुए RBI के एग्जीक्यूटिव डायेरक्टर अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि इस तरह के डेटाबेस से बार-बार फ्रॉड करने वालों पर रोक लगेगी, क्योंकि फोन नंबर और वेबसाइट्स ब्लैकलिस्ट हो जाएंगी. उन्होंने कहा कि फ्रॉड रजिस्ट्री को तैयार करने की समयसीमा नहीं है, फिलहाल हम पेमेंट और सेटलमेंट और आरबीआई के पर्यवेक्षण जैसे विभागों सहित कई स्टेकहोल्डर्स से से बात कर रहे हैं.
कैसे करेगा काम
पेमेंट सिस्टम पार्टिसिपेंट्स को रियल टाइम में धोखाधड़ी की निगरानी के लिए इस रजिस्ट्री तक एक्सेस दिया जाएगा. ग्राहकों के लिए बढ़ते जोखिमों के बारे में शिक्षित करने के लिए फ्रॉड डेटा को प्रकाशित किया जाएगा. अनिल शर्मा ने बताया कि नवंबर 2021 में रिजर्व बैंक ने इंटीग्रेटेड बैंकिंग ओम्बुड्समैन स्कीम की शुरुआत की थी, उसके बाद बैंकिंग लोकपाल कार्यालयों की ओर से ग्राहकों की बैंकिंग फ्रॉड की शिकायतों के निपटारे में तेजी आई है. साल 2015 में पहले 95 दिन लगते थे, अब 38 दिन हो गए हैं.
शिकायतों के निपटारे में तेजी आई
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल बैंकिंग, NBFCs और डिजिटल पेमेंट सिस्टम की सेवा की कमियों को दूर करने के लिए एक इंटीग्रेटेड बैंकिंग ओम्बुड्समैन सिस्टम की शुरुआत की थी. यह स्कीम रिजर्व बैंक द्वारा रेगुलेटेड संस्थाओं की ओर से दी जाने वाली सर्विसेज के संबंध में ग्राहकों के शिकायतों के तुरंत निपटारे के लिए शुरू की गई थी. अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि ओम्बुड्समैन स्कीम के तहत साल 2021-22 के दौरान 4.18 लाख शिकायतें मिली थीं, जबकि पिछले वर्ष 3.82 लाख शिकायतें आईं थी, पिछले वित्त वर्ष में 97.9 प्रतिशत मामलों का निपटारा किया गया, जबकि इसके पिछले साल में 96.5 प्रतिशत मामले निपटाए गए थे.
ग्राहकों के लिए चेतावनी
ऐसे में ग्राहकों को क्या करना चाहिए कि वो फ्रॉड के चंगुल में न फंसे, अनिल कुमार शर्मा ने जोर दिया कि ग्राहकों को कभी भी किसी के साथ बैंक अकाउंट की जानकारी शेयर नहीं करना चाहिए, उन्होंने कहा, ग्राहकों को अपने जोखिम को कम करने के लिए तुरंत बैंक को धोखाधड़ी से संबंधित किसी भी घटना की सूचना देनी चाहिए. अपने फोन या डिवाइस पर किसी भी अज्ञात ऐप को डाउनलोड न करें, हमेशा बैंक, एनबीएफसी या ई-वॉलेट प्रोवाइडर की आधिकारिक वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें
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