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जब हॉकी के जादूगर 'मेजर ध्यानचंद' बरसाने लगे चौके-छक्के, जवाब से चौंकाया
ध्यानचंद क्रिकेट ट्रेनिंग कैंप पहुंचे और बैटिंग कर रहे खिलाड़ी से क्रिकेट खेलने की इच्छा जताई. इसके बाद जो हुआ, उसकी किसी ने सपने में भी कल्पना नहीं की थी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का आज (29 अगस्त) जन्मदिन है, जिसे पूरे देश में खेल दिवस (National Sports Day) के रूप में मनाया जाता है. मेजर ध्यानचंद के हॉकी के हुनर की पूरी दुनिया को दीवानी थी. जब वह स्टिक थामे मैदान पर उतरते, विपक्षी टीम के हौसले उन्हें देखते ही पस्त हो जाते. वह एक ऐसे भारतीय खिलाड़ी थे, जिनका तानाशाह हिटलर भी मुरीद था. मेजर ध्यानचंद हॉकी के जादूगर तो थे ही, क्रिकेट में भी उन्होंने जलवे दिखाए थे. हालांकि, उन्होंने अपने इस हुनर का प्रदर्शन राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नहीं किया.
माउंट आबू का वो ट्रेनिंग कैंप
मेजर ध्यानचंद ने एक क्रिकेट ट्रेनिंग कैंप में जब बल्ला थामा, तब लोगों को पता चला कि अपने एक इशारे पर हॉकी की गेंद को नचाने वाले ध्यानचंद क्रिकेट की बॉल को भी मैदान से बाहर पहुंचाने का हुनर रखते हैं. 1961 में राजस्थान के माउंट आबू में क्रिकेट ट्रेनिंग कैंप चल रहा था. ध्यानचंद भी हॉकी खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए वहीं मौजूद थे. जब उन्हें क्रिकेट ट्रेनिंग कैंप के बारे में पता चला, तो वह खुद को वहां जाने से नहीं रोक सके.
विकेटकीपर करता रहा इंतजार
ध्यानचंद क्रिकेट ट्रेनिंग कैंप पहुंचे और बैटिंग कर रहे खिलाड़ी से क्रिकेट खेलने की इच्छा जताई. इसके बाद जो हुआ, उसकी किसी ने सपने में भी कल्पना नहीं की थी. क्रिकेट का बल्ला थामते ने मेजर ने गेंद को ऐसे हिट करना शुरू किया, जैसे वह हॉकी नहीं बल्कि क्रिकेट के ही महारथी हैं. गेंदबाज गेंद
फेंकते जा रहे थे और ध्यानचंद उसे बड़े आराम से बाउंड्री के बाहर भेज रहे थे. उन्होंने एक भी बॉल विकेटकीपर के दस्तानों तक नहीं पहुंचने दी.
सवाल का दिया शानदार जवाब
उन्होंने करीब 50 से 60 गेंद खेलीं, मगर कोई भी बॉल स्लिप या विकेट कीपर के पास नहीं जाने दी. ताबड़तोड़ बैटिंग उन्होंने बिना ग्लब्ज और पैड के की. क्रिकेट के मैदान पर सभी को हैरत में डालने के बाद जब मेजर ध्यानचंद से पूछा गया कि आपने एक भी बॉल विकेट कीपर के पास जाने नहीं दी, ऐसा कैसे किया? तो उन्होंने बड़ी सरलता से कहा - हम हॉकी स्टिक के दो इंच के छोटे से ब्लेड से गेंद को पीछे नहीं जाने देते तो फिर यह क्रिकेट का चार इंच का चौड़ा बैट है, इससे गेंद पीछे कैसे जा सकती है.
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