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द वेल्थ कंपनी और बूट्स ने मिलाया हाथ : भारत में नेट-जीरो रियल एस्टेट निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम

भारत भूमि फंड और बूट्स के बीच यह पार्टनरशिप निवेशकों को मजबूत रिटर्न देने के साथ-साथ भारत की लो-कार्बन अर्थव्यवस्था की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 6 months ago

भारत की रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री में एक नया युग शुरू हो चुका है. वेल्थ कंपनी एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के अधीन ₹2,000 करोड़ का कैटेगरी II एआईएफ भारत भूमि फंड ने भारत की पहली नेट-जीरो इंजीनियरिंग कंपनी बूट्स के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है. यह गठजोड़ जिम्मेदार पूंजी और सतत नवाचार का संगम है, जिसका उद्देश्य देशभर में ऊर्जा-सक्षम, जल-संरक्षणयुक्त और कार्बन-घटाने वाले रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स का निर्माण करना है.

भारत भूमि फंड: टिकाऊ और दीर्घकालिक निवेश का केंद्र

इस वर्ष लॉन्च किया गया भारत भूमि फंड भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र को दीर्घकालिक और टिकाऊ परिसंपत्तियों के माध्यम से पुनर्परिभाषित करने पर केंद्रित है. फंड का उद्देश्य नेट-ज़ीरो और उच्च-रिटर्न देने वाले प्रोजेक्ट्स का विकास करना है, जो ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में वास्तविक प्रभाव डालें.

साझेदारी का मकसद और प्रोजेक्ट्स की रूपरेखा

भारत भूमि फंड और बूट्स मिलकर देश के उभरते विकास गलियारों में नए युग की परियोजनाओं की पहचान, डिजाइन और क्रियान्वयन करेंगे. इन परियोजनाओं में नेट-जीरो प्लॉटेड डेवलपमेंट्स, लग्जरी विला कम्युनिटीज और मिक्स्ड-यूज़ स्मार्ट टाउनशिप्स शामिल होंगी. सभी प्रोजेक्ट्स संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप होंगे और इनमें अत्याधुनिक तकनीकों जैसे नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां, हाइड्रॉनिक कूलिंग सिस्टम और जीरो लिक्विड डिस्चार्ज आधारित जल पुनर्चक्रण समाधान का समावेश किया जाएगा.

बूट्स की भूमिका और निवेश की रणनीति

मुख्य ईपीसी पार्टनर के रूप में बूट्स इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन का नेतृत्व करेगा. कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा और जल प्रबंधन जैसी कोर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रणालियों में सह-निवेश भी करेगी, जिससे प्रत्येक परियोजना ऊर्जा स्वतंत्रता और दीर्घकालिक लाभप्रदता प्राप्त कर सके.

भारत भूमि फंड की दृष्टि

भारत भूमि फंड के प्रबंध भागीदार राकेश कुमार ने कहा, “भारत भूमि फंड केवल एक वित्तीय साधन नहीं, बल्कि हरित परिवर्तन का उत्प्रेरक है. बूट्स के साथ साझेदारी के ज़रिए हम जिम्मेदार पूंजी और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को एक मंच पर ला रहे हैं, ताकि ऐसी परिसंपत्तियां तैयार हों जो बेहतर रिटर्न देने के साथ ही भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में स्थायित्व के नए मानक स्थापित करें.”

सतत निर्माण लाभदायक

बूट्स के संस्थापक और प्रबंध निदेशक दीपक राय ने कहा, “यह साझेदारी भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के एक नए मॉडल की शुरुआत है, जहां हर वर्ग फुट निर्माण आर्थिक और पर्यावरणीय मूल्य उत्पन्न करता है. भारत भूमि फंड के साथ मिलकर हम यह साबित कर रहे हैं कि सतत निर्माण केवल संभव ही नहीं, बल्कि लाभदायक भी है. यह भारत को नेट-जीरो तथा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों के और करीब ले जाएगा.”

 


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