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RRTS कॉरिडोर बदल रहा टियर-2 शहरों की तस्वीर, डेवलपर्स और निवेशक उत्साहित

दिल्ली-पानीपत-करनाल RRTS सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट नहीं बल्कि यह इन शहरों के लिए निवेश, जीवनशैली और स्मार्ट शहरी नियोजन के नए आयाम भी खोल रहा है.

रितु राणा 8 months ago

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आने वाला है. दिल्ली-पानीपत-करनाल रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS), जिसे 'नमो भारत' भी कहा जाता है. इन टियर-2 शहरों की तस्वीर बदलने को तैयार है. इस हाई-स्पीड रेल के जरिए दिल्ली से पानीपत तक का सफर करीब 1 घंटे और करनाल तक सिर्फ 90 मिनट में पूरा किया जा सकेगा. इससे इन शहरों में आवासीय और व्यावसायिक निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. आइए जानते हैं इस प्रोजेक्ट से कैसे इन शहरों की तस्वीर बदल जाएगी?

इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारों की शुरुआत

नेशनल कैपिटल रीजनल ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने दिल्ली–पानीपत–करनाल रोड के चौड़ीकरण और मरम्मत के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह कार्य RRTS सेवा शुरू होने से पहले यातायात को सुचारू रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो इस कॉरिडोर की राष्ट्रीय प्राथमिकता को दर्शाता है.

औद्योगिक शहर से अब स्मार्ट रियल एस्टेट हब

एम3एम इंडिया के प्रेसिडेंट रॉबिन मंगला ने कहा “दिल्ली-पानीपत-करनाल आरआरटीएस कॉरिडोर के उद्घाटन के साथ क्षेत्रीय विकास की कहानी नए सिरे से लिखी जा रही है. यह सिर्फ बेहतर परिवहन नहीं है, बल्कि पानीपत जैसे उभरते शहरों की नई पहचान और विकास को आकार दे रहा है.” उन्होंने कहा “दिल्ली तक आसान और तेज पहुँच के साथ, पानीपत आवासीय, व्यावसायिक और जीवनशैली आधारित विकास के लिए तैयार है. हम ऐसी परियोजनाएं विकसित कर रहे हैं जो आधुनिक सोच और स्थायित्व का संतुलन रखें. हमें विश्वास है कि पानीपत रणनीतिक विकास और रियल एस्टेट में नए मानदंड स्थापित करेगा.”

कृषि शहर से अब भविष्य का हाउसिंग हब

ट्राइडेंट रियल्टी के सीईओ परविंदर सिंह ने कहा “RRTS कॉरिडोर करनाल जैसे छोटे शहरों की छुपी हुई संभावनाओं को सामने ला रहा है. बेहतर कनेक्टिविटी, किफायती दाम और बढ़ती मांग करनाल को निवेश के लिए आदर्श स्थान बना रहे हैं. खासतौर पर टाउनशिप प्रोजेक्ट्स की मांग में तेजी आई है.”  “हम ऐसे घर बना रहे हैं जो आधुनिक हों, अच्छी कनेक्टिविटी के साथ भविष्य के लिए तैयार हों.”

लंबी अवधि के निवेश को बल मिलेगा

अल्फा कॉर्प के CFO और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर संतोष अग्रवाल ने भी इस बदलाव को क्रांतिकारी बताते हुए कहा “नमो भारत हाई-स्पीड रेल करनाल को रियल एस्टेट के सबसे आकर्षक गंतव्यों में शामिल कर देगी. इससे लंबी अवधि के निवेश को बल मिलेगा और सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा. यह शहर रेजिडेंशियल और कमर्शियल दोनों दृष्टिकोण से भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार हो रहा है.”

रियल एस्टेट मांग को मिलेगा बढ़ावा

अराइज ग्रुप की सेल्स एंड मार्केटिंग डायरेक्टर डॉ. रेनू सिंह ने कहा  “RRTS करनाल के रियल एस्टेट विकास के लिए एक मजबूत कारण बन रहा है. दिल्ली तक यात्रा का समय कम होने से यह शहर प्रोफेशनल्स और परिवारों के लिए आदर्श गंतव्य बनता जा रहा है. करनाल की रणनीतिक स्थिति और बुनियादी ढांचे में हो रहे सुधार इसे उत्तर भारत का उभरता रियल एस्टेट हब बना रहे हैं.” उन्होंने कहा “यह समय एकीकृत, टिकाऊ परियोजनाएं लाने का है जो आधुनिक खरीदारों की उम्मीदों को पूरा कर सकें.”

निवेश के नए हॉटस्पॉट बनते शहर

पानीपत और करनाल दोनों ही अब नए टाउनशिप, रिटेल हब और व्यावसायिक कॉरिडोर की ओर बढ़ रहे हैं. पानीपत, जो पहले से ही एक प्रमुख औद्योगिक और टेक्सटाइल हब है, अब डेवलपर्स के लिए आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग वाले प्रोजेक्ट्स का केंद्र बनता जा रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली-एनसीआर से निकटता, मजबूत औद्योगिक गतिविधियां और आगामी आरआरटीएस स्टेशनों से संपत्ति के मूल्यों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है. यह शहर उन पेशेवरों और कारोबारों को आकर्षित करने के लिए तैयार है, जो राजधानी के किफायती लेकिन बेहतर कनेक्टिविटी वाले विकल्प तलाश रहे हैं.

वहीं, करनाल, जो पारंपरिक रूप से अपनी कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और फूड प्रोसेसिंग उद्योग के लिए जाना जाता है, अब एक उभरते हुए रियल एस्टेट गंतव्य के रूप में भी पहचान बना रहा है. बड़े भूखंडों की उपलब्धता, बेहतर होती नागरिक सुविधाएं और दिल्ली–चंडीगढ़ कॉरिडोर पर इसकी रणनीतिक स्थिति इसे इंटीग्रेटेड टाउनशिप, प्लॉटेड डेवलपमेंट और मिड-सेगमेंट हाउसिंग के लिए आदर्श बनाती है. नमो भारत द्वारा मिलने वाली बेहतर कनेक्टिविटी इस शहर को दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़ और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले यात्रियों के लिए पसंदीदा आवासीय विकल्प में बदलने की संभावना रखती है.

इसके अलावा एनसीआर से निकटता, औद्योगिक गतिविधियों और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण इन शहरों में संपत्ति मूल्यों में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है. रियल एस्टेट विश्लेषकों के अनुसार, दिल्ली और गुरुग्राम के मुकाबले किफायती कीमतों और बेहतर पहुंच के कारण इन शहरों में मांग तेजी से बढ़ेगी.

 


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