✕

होम / रियल एस्टेट / RRTS कॉरिडोर बदल रहा टियर-2 शहरों की तस्वीर, डेवलपर्स और निवेशक उत्साहित

RRTS कॉरिडोर बदल रहा टियर-2 शहरों की तस्वीर, डेवलपर्स और निवेशक उत्साहित

दिल्ली-पानीपत-करनाल RRTS सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट नहीं बल्कि यह इन शहरों के लिए निवेश, जीवनशैली और स्मार्ट शहरी नियोजन के नए आयाम भी खोल रहा है.

रितु राणा 1 year ago

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आने वाला है. दिल्ली-पानीपत-करनाल रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS), जिसे 'नमो भारत' भी कहा जाता है. इन टियर-2 शहरों की तस्वीर बदलने को तैयार है. इस हाई-स्पीड रेल के जरिए दिल्ली से पानीपत तक का सफर करीब 1 घंटे और करनाल तक सिर्फ 90 मिनट में पूरा किया जा सकेगा. इससे इन शहरों में आवासीय और व्यावसायिक निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. आइए जानते हैं इस प्रोजेक्ट से कैसे इन शहरों की तस्वीर बदल जाएगी?

इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारों की शुरुआत

नेशनल कैपिटल रीजनल ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने दिल्ली–पानीपत–करनाल रोड के चौड़ीकरण और मरम्मत के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह कार्य RRTS सेवा शुरू होने से पहले यातायात को सुचारू रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो इस कॉरिडोर की राष्ट्रीय प्राथमिकता को दर्शाता है.

औद्योगिक शहर से अब स्मार्ट रियल एस्टेट हब

एम3एम इंडिया के प्रेसिडेंट रॉबिन मंगला ने कहा “दिल्ली-पानीपत-करनाल आरआरटीएस कॉरिडोर के उद्घाटन के साथ क्षेत्रीय विकास की कहानी नए सिरे से लिखी जा रही है. यह सिर्फ बेहतर परिवहन नहीं है, बल्कि पानीपत जैसे उभरते शहरों की नई पहचान और विकास को आकार दे रहा है.” उन्होंने कहा “दिल्ली तक आसान और तेज पहुँच के साथ, पानीपत आवासीय, व्यावसायिक और जीवनशैली आधारित विकास के लिए तैयार है. हम ऐसी परियोजनाएं विकसित कर रहे हैं जो आधुनिक सोच और स्थायित्व का संतुलन रखें. हमें विश्वास है कि पानीपत रणनीतिक विकास और रियल एस्टेट में नए मानदंड स्थापित करेगा.”

कृषि शहर से अब भविष्य का हाउसिंग हब

ट्राइडेंट रियल्टी के सीईओ परविंदर सिंह ने कहा “RRTS कॉरिडोर करनाल जैसे छोटे शहरों की छुपी हुई संभावनाओं को सामने ला रहा है. बेहतर कनेक्टिविटी, किफायती दाम और बढ़ती मांग करनाल को निवेश के लिए आदर्श स्थान बना रहे हैं. खासतौर पर टाउनशिप प्रोजेक्ट्स की मांग में तेजी आई है.”  “हम ऐसे घर बना रहे हैं जो आधुनिक हों, अच्छी कनेक्टिविटी के साथ भविष्य के लिए तैयार हों.”

लंबी अवधि के निवेश को बल मिलेगा

अल्फा कॉर्प के CFO और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर संतोष अग्रवाल ने भी इस बदलाव को क्रांतिकारी बताते हुए कहा “नमो भारत हाई-स्पीड रेल करनाल को रियल एस्टेट के सबसे आकर्षक गंतव्यों में शामिल कर देगी. इससे लंबी अवधि के निवेश को बल मिलेगा और सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा. यह शहर रेजिडेंशियल और कमर्शियल दोनों दृष्टिकोण से भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार हो रहा है.”

रियल एस्टेट मांग को मिलेगा बढ़ावा

अराइज ग्रुप की सेल्स एंड मार्केटिंग डायरेक्टर डॉ. रेनू सिंह ने कहा  “RRTS करनाल के रियल एस्टेट विकास के लिए एक मजबूत कारण बन रहा है. दिल्ली तक यात्रा का समय कम होने से यह शहर प्रोफेशनल्स और परिवारों के लिए आदर्श गंतव्य बनता जा रहा है. करनाल की रणनीतिक स्थिति और बुनियादी ढांचे में हो रहे सुधार इसे उत्तर भारत का उभरता रियल एस्टेट हब बना रहे हैं.” उन्होंने कहा “यह समय एकीकृत, टिकाऊ परियोजनाएं लाने का है जो आधुनिक खरीदारों की उम्मीदों को पूरा कर सकें.”

निवेश के नए हॉटस्पॉट बनते शहर

पानीपत और करनाल दोनों ही अब नए टाउनशिप, रिटेल हब और व्यावसायिक कॉरिडोर की ओर बढ़ रहे हैं. पानीपत, जो पहले से ही एक प्रमुख औद्योगिक और टेक्सटाइल हब है, अब डेवलपर्स के लिए आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग वाले प्रोजेक्ट्स का केंद्र बनता जा रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली-एनसीआर से निकटता, मजबूत औद्योगिक गतिविधियां और आगामी आरआरटीएस स्टेशनों से संपत्ति के मूल्यों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है. यह शहर उन पेशेवरों और कारोबारों को आकर्षित करने के लिए तैयार है, जो राजधानी के किफायती लेकिन बेहतर कनेक्टिविटी वाले विकल्प तलाश रहे हैं.

वहीं, करनाल, जो पारंपरिक रूप से अपनी कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और फूड प्रोसेसिंग उद्योग के लिए जाना जाता है, अब एक उभरते हुए रियल एस्टेट गंतव्य के रूप में भी पहचान बना रहा है. बड़े भूखंडों की उपलब्धता, बेहतर होती नागरिक सुविधाएं और दिल्ली–चंडीगढ़ कॉरिडोर पर इसकी रणनीतिक स्थिति इसे इंटीग्रेटेड टाउनशिप, प्लॉटेड डेवलपमेंट और मिड-सेगमेंट हाउसिंग के लिए आदर्श बनाती है. नमो भारत द्वारा मिलने वाली बेहतर कनेक्टिविटी इस शहर को दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़ और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले यात्रियों के लिए पसंदीदा आवासीय विकल्प में बदलने की संभावना रखती है.

इसके अलावा एनसीआर से निकटता, औद्योगिक गतिविधियों और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण इन शहरों में संपत्ति मूल्यों में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है. रियल एस्टेट विश्लेषकों के अनुसार, दिल्ली और गुरुग्राम के मुकाबले किफायती कीमतों और बेहतर पहुंच के कारण इन शहरों में मांग तेजी से बढ़ेगी.

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

आवासीय बाजार में लौटी रफ्तार, Q3 में बिक्री 3% बढ़कर 1 लाख यूनिट के पार; त्योहारी सीजन से और तेजी की उम्मीद

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, रोजगार के अवसर और बदलती खरीदार प्राथमिकताओं के बीच आगामी त्योहारी सीजन मांग को और गति दे सकता है.

9 hours ago

3BHK और प्रीमियम घरों की बढ़ी मांग, क्या बदल रही है होमबायर्स की पसंद? डेवलपर्स ने बताया नया ट्रेंड

एनारॉक के एक सर्वे के अनुसार, सिर्फ घर का आकार ही नहीं, खरीदारों का बजट भी ऊपर जा रहा है. सर्वे में 90 लाख से 1.5 करोड़ रुपये का प्राइस बैंड सबसे लोकप्रिय रहा. वहीं 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले घरों की ओर भी खरीदारों का झुकाव बढ़ा है.

5 days ago

फेस्टिव क्वार्टर में कमर्शियल रियल एस्टेट की बदलती तस्वीर, ऑफिस से रिटेल तक लीजिंग में क्यों आती है तेजी?

त्योहारी सीजन में कंपनियां नए ऑफिस, रिटेल स्टोर और बेहतर कमर्शियल लोकेशन पर तेजी से लेती हैं फैसले, 2025 में ऑफिस और रिटेल दोनों सेगमेंट में मजबूत लीजिंग दर्ज

15-September-2026

UP-RERA का बड़ा फैसला, नोएडा-गाजियाबाद में ₹472 करोड़ के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को मंजूरी

UP-RERA के अनुसार, गाजियाबाद में करीब ₹286 करोड़ की लागत वाली तीन परियोजनाओं को मंजूरी मिली है. इनमें दो कमर्शियल और एक रेसिडेंशियल परियोजना शामिल है.

14-September-2026

द्वारका एक्सप्रेसवे ने बदला गुरुग्राम के लग्जरी रियल एस्टेट का नक्शा, 5 साल में 135% बढ़े घरों के दाम

एनारॉक की रिपोर्ट के मुताबिक, द्वारका एक्सप्रेसवे अब गुरुग्राम के स्थापित लग्जरी इलाकों को दे रहा चुनौती, बेहतर कनेक्टिविटी और प्रीमियम प्रोजेक्ट्स से बढ़ी मांग

10-September-2026


बड़ी खबरें

बॉम्बे रेयॉन की दिवाला जांच: बिना बही-खातों के ₹483 करोड़ के सप्लायर बिल

भाग 2: बॉम्बे रेयॉन की दिवाला प्रक्रिया में उसके सप्लायर्स द्वारा किए गए कुल दावों में से आधे से अधिक का कंपनी के अपने रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो सका, इनमें से ₹317 करोड़ चार ट्रेडिंग कंपनियों के थे, जिनके पास कोई मिल नहीं है. संबंधित पक्ष के तौर पर चिन्हित किए गए केवल दो दावे प्रमोटर्स से जुड़े थे, और दोनों का पूरा भुगतान किया गया, जबकि 2,027 कर्मचारियों को प्रति रुपये पर 14 पैसे की वसूली हुई. यह वही कंपनी है, जिसकी खरीद के आधार पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कर्ज दिया, तीन बार पुनर्गठन किया और अंततः ₹1,300 करोड़ से अधिक की रकम को बट्टे खाते में डाल दिया.

8 hours ago

यूएई भारत में करेगा 25 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश, पोर्ट, एनर्जी और स्पेस पर फोकस

2032 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य, भारत में पहले ही करीब 25 अरब डॉलर का निवेश कर चुका है यूएई

7 hours ago

अडानी ग्रुप को सेबी से बड़ी राहत, MPS मामले में 4 कंपनियों ने ₹1.48 करोड़ में किया सेटलमेंट

अडानी ग्रुप से जुड़े मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) मामले में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 28 सितंबर को दो अहम आदेश जारी किए.

10 hours ago

त्योहारी सीजन से पहले फ्लिपकार्ट की बड़ी तैयारी, 1.4 करोड़ क्यूबिक फीट बढ़ी वेयरहाउसिंग क्षमता

लेह, कारगिल और पूर्वोत्तर के कई नए इलाकों तक पहुंचा ‘द बिग बिलियन डेज’; ईकार्ट नेटवर्क में जुड़े 750 से ज्यादा नए पिन कोड

8 hours ago

आवासीय बाजार में लौटी रफ्तार, Q3 में बिक्री 3% बढ़कर 1 लाख यूनिट के पार; त्योहारी सीजन से और तेजी की उम्मीद

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, रोजगार के अवसर और बदलती खरीदार प्राथमिकताओं के बीच आगामी त्योहारी सीजन मांग को और गति दे सकता है.

9 hours ago