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दिल्ली-NCR में रियल एस्टेट का बूम, 2024 में बिक्री 1.53 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची

एक रिपोर्ट के अनुसार 2024 में दिल्ली-NCR में घरों की बिक्री 63% बढ़कर 1.53 लाख करोड़ पहुंच गई, जबकि गुड़गांव अकेले 1 लाख करोड़ रुपये की सीमा को पार कर गया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

राजधानी दिल्‍ली और इससे सटा एनसीआर अब लोगों के लिए रहने और निवेश की पहली पसंद बन गया है. बीते साल 2024 के आंकड़े सामने आने लगे हैं तो साफ होने लगा है कि प्रॉपर्टी खरीद के लिए नंबर 1 माने जाने वाले मुंबई को भी अब दिल्‍ली-एनसीआर ने पछाड़ दिया है. हाल ही में आई प्रॉपइक्विटी की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है. दिल्‍ली एनसीआर में साल 2024 में डेढ़ लाख करोड़ से अधिक की प्रापर्टी की बिक्री हुई है। वहीं, गुड़गांव अकेले ही एक लाख करोड़ के लक्ष्‍य को पार कर गया है. 

प्रॉपइक्विटी PropEquity की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-NCR में कुल बिक्री 2024 में 63% बढ़कर 1.53 लाख करोड़ रुपये हो गई, जबकि मुंबई में यह 1.38 लाख करोड़ रुपये रही, जो 13% बढ़ा और हैदराबाद में यह 1.05 लाख करोड़ रुपये रही, जो 18% घट गई. 2023 में दिल्ली-NCR में कुल बिक्री मूल्य 94,143 करोड़ रुपये था, मुंबई में 1.22 लाख करोड़ रुपये था और हैदराबाद में 1.28 लाख करोड़ रुपये था.

2023 में गुड़गांव का कुल बिक्री मूल्य 64,314 करोड़ रुपये था, जो हैदराबाद से लगभग आधा था, जबकि 2024 में यह इसको पार कर गया. PropEquity के संस्थापक और CEO समीर जासुजा ने कहा "गुड़गांव, जो 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री के साथ अकेले दिल्ली-NCR के कुल बिक्री मूल्य का 66% से अधिक योगदान कर रहा है, ने इसे शीर्ष स्थान पर लाने में मदद की. दरअसल, गुड़गांव का बिक्री मूल्य मुंबई से केवल दूसरे स्थान पर है। गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और नई दिल्ली जैसे शहरों में भी 2024 में बिक्री मूल्य में काफी वृद्धि देखी गई."

"दिल्ली-NCR में, औसत बिक्री मूल्य 12,469 रुपये प्रति वर्ग फीट हो गया है, जबकि 2024 में यूनिट्स का एवरेज आकार 2229 वर्ग फीट हो गया है। घर खरीदारी का का आधे से अधिक हिस्सा 2 करोड़ रुपये और उससे अधिक कीमत वाले घरों में हुआ है और एक चौथाई हिस्सा 1-2 करोड़ रुपये के बीच कीमत वाले घरों में."

काउंटी ग्रुप के डायरेक्‍टर अमित मोदी ने बताया कि दिल्ली-NCR में कीमतों में वृद्धि और मांग में मजबूती का कारण मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, बढ़ती कॉर्पोरेट प्रजेंस और रोजगार के ज्‍यादा से ज्‍यादा अवसर होना है. दिल्ली-NCR में बीते कुछ समय में ऑफिस लीजिंग में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. वहीं, सरकार का रुझान भी रियल एस्‍टेट के प्रति सकारात्‍मक है. पिछले बजट और बाद में रेपो रेट में कमी से यह साफ हो गया है. वहीं लोग अब लग्‍जरी घरों की ओर रुख कर रहे हैं जिससे उनकी लाइफ बेहतर हो सके. ऐसे में दो करोड़ और उससे अधिक के घरों की मांग में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. 

डेवलपर्स बना रहे लोगों के मनपसंद फ्लैट
एसकेए ग्रुप के डायरेक्टर संजय शर्मा ने बताया कि लग्‍जरी सेगमेंट में खरीदारों की रुचि बढ़ी है, इसलिए एनसीआर में बड़े फ्लैट तेजी से बिक रहे हैं. खासकर वे लोग जो अपग्रेड करना चाहते हैं, वे अधिक स्पेस और सुविधाओं वाले फ्लैट को प्राथमिकता दे रहे हैं. कोविड के बाद लोगों को घर में ज्यादा जगह की जरूरत महसूस हुई, जिससे 3BHK और 4BHK फ्लैट की डिमांड बढ़ गई है. डेवलपर्स अब ऐसे प्रोजेक्ट्स ला रहे हैं जो बड़े और हवादार हों, ताकि लोग अपनी फैमिली के साथ आराम से रह सकें. यही कारण है कि साल दर साल यहां रियल एस्‍टेट सेक्‍टर मजबूत हो रहा है.

मिग्‍सन ग्रुप के एमडी यश मिगलानी के अनुसार दिल्‍ली-एनसीआर हमेशा से लोगों के रहने के लिए पहली पसंद रहा है. इसका कारण यहां मौजूद रोजगार के अवसर और सुविधाएं हैं. पिछले कुछ समय में यहां मूलभूत ढांचे का विकास भी तेजी से हुआ है. यही कारण है कि लोगों यहां रहकर अपने लाइफस्‍टाइल को बेहतर करना चाहते हैं. एससीबीएस डेवलपमेंट्स के ग्रुप एमडी सौरभ सहारन के अनुसार आने वाले समय में दिल्‍ली एनसीआर और गुड़गांव देश की सबसे बेहतर रियल एस्‍टेट मार्केट बनकर उभरेंगे. गुड़गांव ने अकेले दम पर एक लाख करोड़ से अधिक का टारगेट अचीव किया है जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. गुड़गांव का भविष्‍य बेहतर है, ऐसे में आने वाले समय में हम भी यहां और बेहतर प्रोजेक्‍ट्स लेकर आने वाले हैं.

बुनियादी ढाँचे के विकास से प्रेरित है ये उछाल

ट्रिनिटी इंफ्राटेक के मैनेजिंग डायरेक्टर आदिल अल्ताफ ने कहा, शहर के रियल एस्टेट बाजार में 2024 में उल्लेखनीय उछाल आया है, जिसमें लग्जरी होम्स की बिक्री 66% बढ़कर लगभग 1.07 लाख करोड़ रुपये हो गई है. यह वृद्धि शहर के रणनीतिक स्थान और द्वारका एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसे चल रहे बुनियादी ढाँचे के विकास से प्रेरित है. एक प्रमुख कॉर्पोरेट हब के रूप में, गुरुग्राम प्रीमियम रहने की जगह की तलाश करने वाले पेशेवरों को आकर्षित करता है. लग्जरी प्रॉपर्टी की मांग मजबूत बनी हुई है, जिसे हाई नेट वर्द वाले व्यक्तियों और एनआरआई द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है. डेवलपर्स द्वारा अपस्केल परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने के साथ, गुरुग्राम भारत के लग्जरी रियल एस्टेट क्षेत्र में अग्रणी के रूप में उभरा है, जिसने अल्ट्रा-लक्जरी हाउसिंग डील्स में मुंबई जैसे शहरों को पीछे छोड़ दिया है.”

आने वाला समय रियल एस्‍टेट में और लाएगा बूम
सीआरसी ग्रुप के डायरेक्‍टर मार्केटिंग व बिजनेस मैनेजमेंट सलिल कुमार के अनुसार पिछले कुछ समय में दिल्‍ली-एनसीआर में इतने बेहतरीन रियल एस्‍टेट प्रोजेक्‍ट्स लांच हुए हैं कि लोगों ने यहां रहने और लाइफस्‍टाइल को बेहतर करने में रुचि दिखाई है. हमें उम्‍मीद है कि साल 2025 के आने वाले कुछ माह में एनसीआर में खासकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा में रियल एस्‍टेट का बड़ा बूम दिखाई देगा.

हैदराबाद की मार्केट में आई गिरावट
"हैदराबाद के रेजिडेंशियल मार्केट ने 2024 में महत्वपूर्ण गिरावट देखी, जिसमें नए लॉन्च 2020 के बाद से सबसे कम और 2021 के बाद से पजेशन सबसे कम रहा. आपूर्ति और पजेशन में साल दर साल क्रमशः 25% और 49% की गिरावट आई है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इस उपलब्धि के साथ, दिल्ली-NCR में घरों की बिक्री मूल्य का हिस्सा 2023 में 16% से बढ़कर 2024 में 23% हो गया. मुंबई का हिस्सा 2023 में 20% से बढ़कर 2024 में 21% हो गया, जबकि हैदराबाद का हिस्सा 2023 में 21% से घटकर 2024 में 16% हो गया.

बिक्री के तुलनात्‍मक आंकड़े
शहर             2023 (Rs cr)    2024 (Rs cr)    % परिवर्तन    2023 में % हिस्सेदारी    2024 में % हिस्सेदारी

दिल्ली-NCR          94,143                1,53,000               63%     16%                             23%
गुड़गांव                  64,314                1,06,739               66%    11%                              16%
हैदराबाद               1,28,000              1,05,000              -18%    21%                              16%
मुंबई                      1,22,000             1,38,000               13%    20%                              21%
कुल (शीर्ष 9 शहर)    6,00,143             6,73,000               12%
 


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