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भारतीय रियल एस्टेट में 2025 की पहली तीन तिमाहियों में 4.3 अरब डॉलर का निवेश : रिपोर्ट
2025 की शुरुआत भले ही धीमी रही हो, लेकिन तीसरी तिमाही में निवेश प्रवाह में मजबूती दिखी है. घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और रियल एस्टेट सेगमेंट्स में विविधता इस क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 6 months ago
वैश्विक बाजारों में जारी अनिश्चितता और व्यापार तनाव के बीच, भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र में 2025 की पहली नौ महीनों में संस्थागत पूंजी निवेश 4.3 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 35 हडजार करोड़ रुपये) तक पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 9% की गिरावट को दर्शाता है. कोलियर्स इंडिया की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि यह गिरावट दर्ज की गई, फिर भी यह आंकड़ा पिछले पांच वर्षों की इसी अवधि के औसत निवेश (4 अरब डॉलर) से अधिक है, जिससे भारत की आर्थिक मजबूती और रियल एस्टेट में निवेशकों के विश्वास की पुष्टि होती है.
घरेलू निवेश में भारी उछाल, विदेशी पूंजी में गिरावट
रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू संस्थागत निवेश में 52% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 2.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि विदेशी निवेश 36% घटकर 2.1 अरब डॉलर पर सिमट गया. 2021 में जहां कुल पूंजी प्रवाह में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 84% थी, वहीं अब घरेलू निवेशकों की भूमिका तेजी से बढ़ती दिख रही है.
कोलियर्स इंडिया के सीईओ बादल याग्निक ने कहा, "Q3 2025 में भारतीय रियल एस्टेट में 1.3 अरब डॉलर का निवेश दर्ज किया गया, जो सालाना 11% अधिक है. इस तिमाही में 60% निवेश घरेलू पूंजी से हुआ, जिसमें ऑफिस और रेसिडेंशियल सेगमेंट में खास रुचि देखी गई."
ऑफिस सेगमेंट में सबसे ज्यादा निवेश, 35% हिस्सेदारी
2025 की पहली नौ महीनों में ऑफिस सेगमेंट में सबसे ज्यादा 1.5 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो कुल निवेश का 35% है. वहीं, रेसिडेंशियल सेगमेंट में 1.1 अरब डॉलर का निवेश दर्ज किया गया, जो पिछले साल की तुलना में 11% अधिक है.
कोलियर्स इंडिया के रिसर्च प्रमुख विमल नाडार के अनुसार, "Q3 2025 में ऑफिस सेगमेंट में निवेश 27% बढ़ा और यह 0.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया. चेन्नई और पुणे जैसे शहरों में रेडी टू मूव कमर्शियल प्रॉपर्टीज में बड़ी डील्स देखी गईं."
मुंबई और बेंगलुरु में निवेश का एक-तिहाई हिस्सा
2025 में अब तक मुंबई में 0.8 अरब डॉलर और बेंगलुरु में 0.5 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो क्रमश: कुल निवेश का 19% और 12% है. हैदराबाद, पुणे, दिल्ली-NCR और चेन्नई जैसे शहरों में भी निवेश सक्रिय रहा. मल्टी-सिटी डील्स ने कुल पूंजी प्रवाह में 30% से अधिक का योगदान दिया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि टियर-2 शहरों में भी संस्थागत निवेश का रुझान तेजी से बढ़ रहा है.
प्रमुख आंकड़े (USD मिलियन में):
एसेट-वाइज निवेश (जनवरी-सितंबर 2025):
सेगमेंट निवेश YoY बदलाव
ऑफिस 1,482.7 -2%
रेसिडेंशियल 1,139.7 +11%
वैकल्पिक संपत्तियाँ 232.7 +1008%
इंडस्ट्रियल व वेयरहाउसिंग 324.7 -82%
मिक्स्ड-यूज 707.8 +132%
रिटेल 380.0 NA
कुल 4,267.6 -9%
शहर-वार निवेश (YTD 2025):
शहर निवेश हिस्सेदारी (%) YoY बदलाव
मुंबई 809.5 19% +99%
बेंगलुरु 530.1 12% +9%
हैदराबाद 397.4 9% +32%
पुणे 297.3 7% +10%
चेन्नई 335.3 8% -37%
दिल्ली NCR 209.6 5% -50%
कोलकाता 380.0 9% NA
अन्य/मल्टी-सिटी 1,308.4 31% -42%
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