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इंफ्रास्ट्रक्चर और डिमांड के दम पर रियल एस्टेट सेक्टर ने दिखाई मजबूती, 2026 के लिए भी ग्रोथ का भरोसा
2025 भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर के लिए मजबूती, संतुलन और भरोसे का साल रहा है. इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, नीति समर्थन और बढ़ती उपभोक्ता मांग ने सेक्टर को स्थिर आधार दिया है.
रितु राणा 4 months ago
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच 2025 भारत के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए स्थिरता और संतुलित विकास का साल साबित हुआ है. कोलियर्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, हाउसिंग, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल, तीनों ही सेगमेंट में मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला. लगातार बनी उपभोक्ता मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का फोकस और निवेशक विश्वास ने इस सेक्टर को मजबूती दी है.
कमर्शियल और इंडस्ट्रियल रियल एस्टेट में स्थिर ग्रोथ
कोलियर्स रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के पहले नौ महीनों में भारत में लगभग 5 करोड़ वर्ग फुट ऑफिस स्पेस लीज पर दिया गया. आईटी, बैंकिंग-फाइनेंस, इंजीनियरिंग और फ्लेक्स ऑफिस कंपनियों की इसमें अहम भूमिका रही. वहीं, ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के विस्तार से इंडस्ट्रियल और वेयरहाउसिंग सेगमेंट में भी लगातार तेजी बनी रही. रिपोर्ट का अनुमान है कि 2026 में इस सेगमेंट में और मजबूती देखने को मिल सकती है.
हाउसिंग सेक्टर को मिला सपोर्ट
रिपोर्ट में बताया गया है कि बढ़ती आय, बेहतर अफोर्डेबिलिटी और बड़े शहरों में हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारों के चलते 2025 में हाउसिंग सेक्टर मजबूत बना रहा. मिड-इनकम हाउसिंग के साथ-साथ प्रीमियम रेजिडेंस, प्लॉटेड डेवलपमेंट और गेटेड कम्युनिटीज में भी स्थिर मांग देखने को मिली.
टियर-2 और टियर-3 शहर बने नए ग्रोथ इंजन
डेवलपर्स और निवेशकों का फोकस तेजी से टियर-2 और टियर-3 शहरों की ओर बढ़ रहा है. एक्सप्रेसवे, मेट्रो कॉरिडोर, रीजनल एयरपोर्ट और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स ने इन शहरों की कनेक्टिविटी और आकर्षण को बढ़ाया है. सस्ती जमीन और बेहतर रिटर्न की संभावनाओं के कारण ये शहर अब बड़े मेट्रो के मजबूत विकल्प के रूप में उभर रहे हैं.
सोनीपत बना दिल्ली-एनसीआर का उभरता हॉटस्पॉट
रॉयल ग्रीन रियल्टी के मैनेजिंग डायरेक्टर यशांक वासन के मुताबिक, 2025 में सोनीपत ने दिल्ली-एनसीआर में एक मजबूत रियल एस्टेट मार्केट के रूप में अपनी पहचान बनाई है. मेट्रो विस्तार, एक्सप्रेसवे और इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स ने यहां रेजिडेंशियल डिमांड को बढ़ाया है. उन्होंने बताया कि दिल्ली-सोनीपत-पानीपत आरआरटीएस और मारुति सुजुकी प्लांट जैसे प्रोजेक्ट्स 2026 तक सोनीपत को लॉन्ग-टर्म निवेश के लिए और आकर्षक बनाएंगे.
नीतियों और इंफ्रास्ट्रक्चर से बढ़ा भरोसा
जिंदल रियल्टी के सीईओ और प्रेजिडेंट अभय कुमार मिश्रा ने कहा कि 2025 दिल्ली-एनसीआर रियल एस्टेट के लिए बदलाव का साल रहा. अनुकूल रेपो रेट, मजबूत रेरा नियम और जीएसटी 2.0 के आसान क्रियान्वयन ने मार्केट को अधिक पारदर्शी और निवेशक-मित्र बनाया है.
प्लॉटेड डेवलपमेंट और कस्टम होम्स की बढ़ती मांग
हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर के अनुसार, टियर-2 और टियर-3 शहरों में प्लॉटेड डेवलपमेंट की मांग तेजी से बढ़ रही है. बेहतर सड़कें, मेट्रो नेटवर्क और दिल्ली-एनसीआर से नजदीकी इन शहरों को खरीदारों और निवेशकों दोनों के लिए आकर्षक बना रही है.
कनेक्टिविटी बनी सबसे बड़ा फैक्टर
न्यूस्टोन के सीईओ रजत बोकोलिया का कहना है कि केएमपी और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं ने सोनीपत के हाउसिंग मार्केट को नया बूस्ट दिया है. मास्टर प्लान 2031 के साथ सोनीपत एनसीआर में निवेश के लिए प्रमुख गंतव्य बनकर उभरा है.
दिल्ली-एनसीआर: निवेशकों की पहली पसंद
दिल्ली-एनसीआर में एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, मेट्रो विस्तार और गुरुग्राम-नोएडा जैसे हब्स के विकास से नए माइक्रो-मार्केट उभर रहे हैं. बड़े घर, गेटेड कम्युनिटीज और लाइफस्टाइल-फोकस्ड प्रोजेक्ट्स खरीदारों की प्राथमिकता बने हुए हैं.
2026 के लिए पॉजिटिव आउटलुक
कोलियर्स रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का रियल एस्टेट सेक्टर 2026 तक अपनी मौजूदा रफ्तार बनाए रखेगा, जिसमें मजबूत घरेलू ग्रोथ, बढ़ती होम ओनरशिप और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कनेक्टिविटी के कारण कमर्शियल और रेजिडेंशियल दोनों तरह की डिमांड अच्छी बनी रहेगी. रिपोर्ट यह भी बताती है कि निवेशकों की भागीदारी भी मजबूत बनी रहेगी. स्टेकहोल्डर्स के लिए 2026 स्थिर ग्रोथ का साल होने वाला है, जहाँ अनुशासित एग्जीक्यूशन, सस्टेनेबिलिटी के साथ तालमेल और कनेक्टिविटी बेहतर परफॉर्मेंस के लिए जरूरी होंगे.
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