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फ्यूचर-फोकस्ड होम्स: जानिए क्यों गुरुग्राम बन रहा है प्रीमियम रियल एस्टेट का केंद्र

गुरुग्राम का प्रीमियम रियल एस्टेट सेगमेंट 6.65 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित बाजार को चला रहा है, एनारॉक के अनुसार कुल आवास बिक्री में सालाना 20% वृद्धि की उम्मीद है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago

भारतीय आवासीय बाजार बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. यह व्यापक मांग के चक्र से निकलकर प्रीमियम सेगमेंट के नेतृत्व में एक उच्च-मूल्य वाले क्षेत्र में बदल रहा है. एनारॉक समूह के हालिया आंकड़ों के अनुसार, बाजार मूल्य रिकॉर्ड तोड़ने के कगार पर है, हालांकि इकाई बिक्री में स्थिरता बनी रहने की संभावना है. एनारॉक के शोध के अनुसार, शीर्ष सात शहरों में कुल घरों की बिक्री का मूल्य वित्त वर्ष 26 में सालाना 20% बढ़कर 6.65 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकता है. यह बढ़ोतरी बिक्री की संख्या से नहीं जुड़ी है, क्योंकि घरों की बिक्री या तो वैसी की वैसी रहेगी या सिर्फ 4% तक बढ़ेगी. इसका मतलब है कि अब बाजार में मुख्य ध्यान उच्च आय वाले घर खरीदारों की ओर बढ़ रहा है.

उत्साह और महत्वाकांक्षा में बढ़ती प्रवृत्ति
दिल्ली-एनसीआर में नए प्रोजेक्ट्स में यह बदलाव साफ़ दिख रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में लॉन्च हुए नए प्रोजेक्ट्स में से 42% लक्जरी और अल्ट्रा-लक्जरी श्रेणी के हैं. अब बड़े घरों की मांग बढ़ रही है, जिनमें उच्च सुरक्षा, आधुनिक तकनीक और स्वास्थ्य सुविधाएँ शामिल हैं. इस तरह के घर आमतौर पर HNIs, NRIs, स्टार्टअप के संस्थापक और कॉर्पोरेट जगत के धनी लोग खरीदते हैं. यह बदलाव खरीदारों की बढ़ती आय और जीवनशैली की पसंद के कारण हुआ है। साथ ही, सरकारी नीतियाँ, शेयर बाजार में बढ़त और नए प्रोजेक्ट लॉन्च इस प्रवृत्ति को और बढ़ावा दे रहे हैं.

गुरुग्राम- लक्जरी प्रॉपर्टी का केंद्र
एनसीआर इस लक्जरी-आधारित बाजार का मुख्य केंद्र बनकर उभरा है. एनसीआर, चेन्नई के साथ वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में अन्य शहरों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया और केवल छह महीनों में अपने पूरे FY25 की बिक्री का 74% हासिल कर लिया. एनसीआर के भीतर, गुरुग्राम ने उत्तर भारत में प्रीमियम रियल एस्टेट का दर्जा प्राप्त कर लिया है. यह शहर उन संपन्न घर खरीदारों के लिए आकर्षण का केंद्र है, जो स्थायित्व, प्रतिष्ठा और गोपनीयता वाले हाई-एंड घरों की तलाश में हैं.

गुरुग्राम के मुख्य क्षेत्रों की जानकारी
1. द्वारका एक्सप्रेसवे: यह हाई-एंड घरों के लिए मुख्य जगह है. यहाँ प्रीमियम सुविधाएँ और कामकाजी केंद्रों तक आसान पहुँच है. निवेशक और घर खरीदने वाले लोग इसे पसंद करते हैं क्योंकि यहाँ नए और आधुनिक प्रोजेक्ट्स बन रहे हैं.
2. गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड (GCER): यह पहले से ही प्रीमियम इलाका है. यहाँ ब्रांडेड और खास घर होने के कारण लोग महंगे लेन-देन के लिए आते हैं. इसके पास शॉपिंग और ऑफिस भी हैं.
3. सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR): यह तेजी से विकसित हो रहा इलाका है. यहाँ बड़ी जमीनें हैं और नए, बड़े प्रोजेक्ट्स बनाए जा रहे हैं. इससे महंगे विला और लक्ज़री अपार्टमेंट्स की बिक्री बढ़ रही है.

ये सभी इलाके सीधे तौर पर घर खरीदने वालों की जीवनशैली और निवेश की प्राथमिकताओं को पूरा करते हैं.

विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर ने कहा, "भारत में लग्ज़री घरों की माँग मौसमी उछाल और चक्रीय उतार-चढ़ाव से आगे बढ़ गई है, यह अब एक संरचनात्मक वास्तविकता है. दिल्ली-एनसीआर उच्च-स्तरीय आवासीय विकास के लिए एक जीवंत केंद्र के रूप में उभरा है, जहाँ द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे माइक्रो मार्केट में समझदार खरीदारों की निरंतर रुचि देखी जा रही है. महामारी के दौरान अनिश्चितता की प्रतिक्रिया के रूप में जो शुरू हुआ, वह भारतीयों की जीवनशैली, सुरक्षा और रियल एस्टेट में निवेश के प्रति दृष्टिकोण में एक दीर्घकालिक बदलाव के रूप में विकसित हुआ है. कोविड के वर्ष एक महत्वपूर्ण मोड़ थे. इसने प्राथमिकताओं का व्यापक पुनर्मूल्यांकन किया-स्थान, स्वास्थ्य, आराम और आत्मनिर्भरता घर के विचार के केंद्र में आ गए, लेकिन यह बदलाव केवल भावनात्मक नहीं है, मजबूत आर्थिक और संरचनात्मक बुनियादी ढाँचे इसके मूल में हैं."

बीपीटीपी के सीईओ मानिक मलिक इस विषय पर कहते हैं कि, "भारतीय आवास बाजार अब महंगे घरों की ओर बढ़ रहा है. कुल बिक्री की संख्या तो लगभग स्थिर है, लेकिन घरों की कीमतों में तेजी आई है, खासकर प्रीमियम और लक्जरी घरों में, यह बदलाव गुरुग्राम जैसे एनसीआर बाजारों में ज्यादा दिख रहा है, जहाँ खरीदार सस्ते या बड़े घरों की बजाय अच्छी क्वालिटी, सही जगह और बेहतर सुविधाओं वाले घरों को पसंद कर रहे हैं. बीपीटीपी के प्रीमियम प्रोजेक्ट्स पेशेवरों, जीसीसी निवासी और सपन्न घरेलू खरीदारों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं. बाजार अब सिर्फ कीमतों के हिसाब से नहीं, बल्कि गेटेड कम्युनिटी, स्वास्थ्य-सुविधाएँ और टिकाऊ डिजाइन जैसी चीजों के हिसाब से भी परिपक्व हो रहा है. हमें भरोसा है कि यह महंगे घरों की ओर बढ़ती प्रवृत्ति मजबूत है और वित्त वर्ष 26 में भी इसे और बढ़ावा देगी."

न्यूस्टोन के सीईओ रजत बोकोलिया बताते हैं कि, "भारत के प्रमुख आवास बाजार अब अलग-अलग खंडों में बंट चुके हैं. FY25 में 4.2 लाख से अधिक घरों की बिक्री लगभग 5,59,290 करोड़ रुपये की हुई थी, और FY26 में यह बढ़कर 6.65 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होने की उम्मीद है. प्रीमियम घरों की लगातार मांग बढ़ रही है, जिससे लेन-देन की औसत कीमत भी बढ़ रही है और कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. हालांकि, घरों की कुल संख्या में केवल थोड़ा ही बढ़ोतरी (4% से कम) होने की संभावना है. इसका मतलब है कि उच्च ब्याज दरें और सीमित उपलब्धता आम लोगों की खरीद को रोक रही हैं. बाजार अब ज्यादा संख्या में घर बेचने की बजाय महंगे और उच्च-मूल्य वाले घरों पर ध्यान दे रहा है, जिससे यह साफ़ होता है कि धनी खरीदार अब गुणवत्ता और सुविधाओं को ज्यादा महत्व दे रहे हैं."

गुरुग्राम के प्रीमियम रियल एस्टेट में लोगों का विश्वास बड़े डेवलपर्स द्वारा बड़े प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने से साफ़ दिखता है. जैसे-जैसे यहाँ इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ रहा है और क्षेत्र की लंबी अवधि की आकर्षकता मजबूत हो रही है, एनारॉक के आंकड़े बताते हैं कि अब भारत के रियल एस्टेट में मुख्य रूप से धनी खरीदार सक्रिय हैं. गुरुग्राम के प्रीमियम इलाके और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स इस विकास की रफ्तार तय कर रहे हैं, जिससे यह बढ़ोतरी और भी साफ़ दिखाई दे रही है.


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