✕

होम / रियल एस्टेट / रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ा बदलाव, को-वर्किंग स्पेस की लीज डील में 43% की कमी

रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ा बदलाव, को-वर्किंग स्पेस की लीज डील में 43% की कमी

जनवरी-मार्च 2025 की तिमाही में भारत के प्रमुख शहरों में को-वर्किंग स्पेस की लीज में 43% की गिरावट दर्ज की गई है, जो रियल एस्टेट सेक्टर के लिए चिंता का विषय है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

देश के रियल एस्टेट सेक्टर (Real Estate Sector) में एक अहम बदलाव देखने को मिला है. दरअसल, को-वर्किंग स्पेस यानी साझा कार्यालय स्थान देने वाली कंपनियों द्वारा लीज पर दिए जाने वाले एरिया में इस साल के पहले तीन महीनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी CBRE इंडिया की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी-मार्च 2025 की तिमाही में देश के नौ प्रमुख शहरों में को-वर्किंग स्पेस के लिए लीज पर दिए गए क्षेत्र में सालाना आधार पर 43 प्रतिशत की कमी आई है. तो आइए इस रिपोर्ट पर एक नजर डालते हैं.

नौ प्रमुख शहरों में घटा को-वर्किंग स्पेस का एरिया  
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मार्च 2025 तिमाही में नौ बड़े बाजारों में महज 21.6 लाख वर्ग फुट कार्यस्थल को लीज पर दिया गया, जबकि मार्च 2024 में यह आंकड़ा 37.6 लाख वर्ग फुट था. इस गिरावट ने इस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के लिए चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इससे उनकी आमदनी और विस्तार की संभावनाएं प्रभावित हो सकती हैं. आंकड़ों के अनुसार, कुल लीज डील्स में को-वर्किंग स्पेस की हिस्सेदारी घटकर 12 प्रतिशत रह गई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 22 प्रतिशत थी. यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब कोविड महामारी के बाद वर्किंग स्पेस की मांग में फिर से तेजी देखने को मिल रही थी.

कुल लीजिंग में हल्की बढ़त  
हालांकि, अगर कुल कार्यालय लीजिंग की बात की जाए तो इसमें 5 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है. जनवरी-मार्च 2025 तिमाही में नौ शहरों में कुल 180 लाख वर्ग फुट ऑफिस स्पेस लीज पर दिया गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा 171 लाख वर्ग फुट था.

क्या है को-वर्किंग कल्चर?  
को-वर्किंग कल्चर का मतलब है ऐसी जगह जहां एक ही बिल्डिंग या फ्लोर पर कई कंपनियां एक साथ काम करती हैं. इस तरह की जगहें आमतौर पर स्पेशलाइज्ड फर्म्स द्वारा संचालित की जाती हैं जो पहले प्रॉपर्टी ओनर्स से लीज पर जगह लेती हैं और फिर उसे कॉर्पोरेट कंपनियों को उनके हिसाब से सब-लीज पर देती हैं. CBRE इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर राम चंदनानी ने कहा कि भारत एक वैश्विक क्षमता केंद्र के रूप में उभर रहा है. उनके अनुसार, 2025 तक टोटल वर्किंग स्पेस की मांग में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) का योगदान 35-40 प्रतिशत तक हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि टेक्नोलॉजी और बैंकिंग एवं फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर इस डिमांड को और भी आगे बढ़ाएंगे.

 


टैग्स  
सम्बंधित खबरें

फेस्टिव सीजन में NCR के लग्जरी घरों की बढ़ी मांग, गुरुग्राम बना प्रीमियम हाउसिंग का हब

PropEquity के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में गुरुग्राम में आवासीय प्रॉपर्टी की लॉन्च वैल्यू 1.38 लाख करोड़ रुपये रही.

1 week ago

क्रिसुमी कॉर्पोरेशन गुरुग्राम में 1,300 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करेगी, द फॉरेस्ट रिजर्व के नए चरणों पर काम शुरू

द फॉरेस्ट रिजर्व को अल्ट्रा-लक्जरी आवासीय परियोजना के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसमें 2, 3 और 4 एलडीके (लिविंग, डाइनिंग और किचन) वाले आवास शामिल होंगे. परियोजना का डिजाइन जापान की आर्किटेक्चर फर्म निकेन सेक्केई ने तैयार किया है.

16-October-2026

RBI MPC से पहले रियल्टी की उम्मीदें, 5.25% पर रेपो रेट रहने से होमबायर्स का भरोसा बढ़ने की आस

त्योहारी सीजन में घर खरीदारी के बीच रियल एस्टेट डेवलपर्स की नजर RBI के फैसले पर, स्थिर दरों से EMI, अफोर्डेबिलिटी और हाउसिंग डिमांड को मिल सकता है सहारा

06-October-2026

आवासीय बाजार में लौटी रफ्तार, Q3 में बिक्री 3% बढ़कर 1 लाख यूनिट के पार; त्योहारी सीजन से और तेजी की उम्मीद

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, रोजगार के अवसर और बदलती खरीदार प्राथमिकताओं के बीच आगामी त्योहारी सीजन मांग को और गति दे सकता है.

29-September-2026

3BHK और प्रीमियम घरों की बढ़ी मांग, क्या बदल रही है होमबायर्स की पसंद? डेवलपर्स ने बताया नया ट्रेंड

एनारॉक के एक सर्वे के अनुसार, सिर्फ घर का आकार ही नहीं, खरीदारों का बजट भी ऊपर जा रहा है. सर्वे में 90 लाख से 1.5 करोड़ रुपये का प्राइस बैंड सबसे लोकप्रिय रहा. वहीं 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले घरों की ओर भी खरीदारों का झुकाव बढ़ा है.

24-September-2026


बड़ी खबरें

रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन ने पकड़ी रफ्तार, 12 साल में तीन गुना बढ़ा आंकड़ा; 99.7% नेटवर्क हुआ इलेक्ट्रिक

आंकड़ों के मुताबिक, 1950 तक देश के केवल 0.7 फीसदी रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हुआ था. 1961 में यह आंकड़ा 1.3 फीसदी और 2001 तक 23.6 फीसदी पहुंचा. इसके बाद भी रफ्तार सीमित रही, लेकिन 2014 के बाद इलेक्ट्रिफिकेशन के काम में तेजी आई.

3 hours ago

सचिन तेंदुलकर ने गेमिंग कंपनी मेटास्पोर्ट्स इंटरएक्टिव में किया निवेश, 3 साल में 10 करोड़ डाउनलोड का लक्ष्य

कंपनी का लोकप्रिय क्रिकेट गेम 'हिटविकेट' अब तक 120 देशों में 2 करोड़ से ज्यादा यूजर्स तक पहुंच चुका है.

2 hours ago

डेटा सेंटर कारोबार पर अडानी ग्रुप का बड़ा दांव, 1.5 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज जुटाने की तैयारी

गौतम अडानी के नेतृत्व वाला अडानी ग्रुप अब ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़कर डिजिटल क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने पर जोर दे रहा है. प्रस्तावित फंडिंग इसी रणनीति का हिस्सा है.

5 hours ago

डिज्नी में फिर होगी छंटनी! खर्च में 20% तक कटौती की तैयारी, हजारों कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी

डिज्नी पिछले कई वर्षों से लागत घटाने और कारोबार के पुनर्गठन की प्रक्रिया में जुटी है. इस दौरान कंपनी हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है और अरबों डॉलर के खर्च में कटौती की है.

5 hours ago

NTT DATA मंगलुरु में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 2027 तक 2,500 करेगी, AI और क्लाउड पर रहेगा फोकस

कंपनी ने बताया कि विस्तार के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा के क्षेत्र में विशेष क्षमताएं विकसित की जाएंगी. इसके अलावा हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज, हाईटेक, ऑटोमोटिव और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया जाएगा.

7 hours ago