होम / जनता की बात / मोदी कैबिनेट से कौन होगा बाहर, किसकी होगी एंट्री? 

मोदी कैबिनेट से कौन होगा बाहर, किसकी होगी एंट्री? 

मोदी कैबिनेट में कुछ बड़े मंत्रालयों को देख रहे मंत्रियों को पार्टी संगठन में भेजा जा सकता है. क्‍योंकि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव को लेकर उन्‍हें अहम जिम्‍मेदारी दी जा सकती है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

पिछले लंबे समय से मोदी कैबिनेट में होने वाले बदलाव को लेकर चर्चा तो चल रही है लेकिन अभी तक ये हो नहीं पाया है. हालांकि आज बुधवार को माना जा रहा है कि मोदी कैबिनेट में ये बदलाव हो सकता है. बदलाव में बड़े नामों को राज्‍यों में जिम्‍मेदारी देने के साथ-साथ कई नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. उम्‍मीद ये भी जताई जा रही है कि सहयोगी दलों को भी कैबिनेट में बर्थ मिल सकती है.

किसको भेजा जा सकता है संगठन में 
अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों का असर मोदी कैबिनेट में होने वाले बदलाव पर दिख सकता है. ऐसे में जिन नामों को संगठन में भेजे जाने की बात सामने आ रही है. उनमें सबसे बड़ा नाम धर्मेन्‍द्र प्रधान का है. धर्मेन्‍द्र प्रधान मौजूदा समय में शिक्षा मंत्रालय जैसा भारी भरकम मंत्रालय देख रहे हैं, लेकिन उन्‍हें पार्टी ने यूपी का प्रभारी भी बनाया है. क्‍योंकि यूपी एक बड़ा राज्‍य है ऐसे में पार्टी उस पर फुल टाइम फोकस करने को लेकर गंभीरता से सोच रही है.

इसी तरह से जल शक्ति मंत्री गजेन्‍द्र सिंह शेखावत को भी पार्टी संगठन के कामों में लगा सकती है. अगले साल लोकसभा के चुनाव होने हैं लेकिन उससे पहले पांच राज्‍यों में विधानसभा चुनाव भी होने हैं. सबसे दिलचस्‍प बात ये है कि पांच राज्‍य जिनमें चुनाव होने हैं वो पार्टी का बड़ा बेस हैं. ऐसे में शेखावत को मंत्रिमंडल से निकालकर उनके गृह राज्‍य से लेकर दूसरे किसी राज्‍य की जिम्‍मेदारी दी जा सकती है. अनुराग ठाकुर का नाम भी चर्चा में है. वो मौजूदा समय में सूचना प्रसारण मंत्री हैं. क्‍योंकि पार्टी अभी हिमाचल का चुनाव भी हारी है ऐसे में उन्‍हें उनके राज्‍य में या किसी दूसरे राज्‍य में भेजा जा सकता है. इसी कड़ी में रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव का भी नाम चर्चा में है कि उन्‍हें भी कैबिनेट से निकालकर संगठन में लाया जा सकता है. उन्‍हें हाल ही में मध्‍य प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया गया है.

सहयोगी दलों को मिल सकता है मौका 
मोदी मंत्रिमंडल से जहां कई मंत्रियों को सरकार से निकालकर संगठन में भेजने की तैयारी हो रही है. वहीं, दूसरी ओर कुछ सहयोगी दलों को कैबिनेट में भेजने की तैयारी भी लगभग हो चुकी है. इनमें शिंदे गुट को एक कैबिनेट बर्थ मिल सकती है, जबकि चिराग पासवान को भी मंत्री बनाया जा सकता है. साथ ही पार्टी अन्‍य सहयोगियों को भी मौका दे सकती है. 

अब तक कई बार हो चुका है मंत्रिमंडल विस्‍तार 
इससे पहले मोदी कैबिनेट में 2014 से लेकर अब तक कई बार कैबिनेट में बदलाव हो चुका है. इनमें सबसे पहले 9 नवंबर 2014 को मंत्रिमंडल में पहला विस्‍तार किया गया,  इसमें 21 चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था. जबकि उसके बाद 5 जुलाई 2016 को 19 नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल किया गया. उसके बाद 3 सितंबर 2017 और 7 जुलाई 2021 को कैबिनेट में बदलाव किया जा चुका है. साथ ही इसके बाद 18 मई को भी कैबिनेट में बदलाव देखने को मिला था, जब किरण रिजिजू को केन्‍द्रीय कानून मंत्री और उनके सहयोगी एस.पी.एस बघेल को हटाकर दूसरे मंत्रालय भेज दिया गया था. अर्जुन राम मेघवाल को नया कानून मंत्री बना दिया गया था.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

दृष्टिहीन-बधिर महिलाओं ने मांगी नेतृत्व में बराबर भागीदारी, जनगणना 2027 में सटीक आंकड़ों की उठाई मांग

सेंस इंडिया के मुताबिक, सटीक आंकड़ों के अभाव में यह समुदाय नीतियों, सरकारी योजनाओं और सेवाओं में अदृश्य रह सकता है.

22-August-2026

जंतर-मंतर के 1.5 किमी दायरे में आज रात 12 बजे तक बंद रहेगा मोबाइल इंटरनेट, गृह मंत्रालय ने जारी किया आदेश

मंत्रालय का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा, आपात स्थिति, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार के अपराध के लिए उकसावे को रोकने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है.

23-July-2026

दिल्ली में प्रदूषण पर सख्ती, BS-6 वाहनों को ही एंट्री, पीयूसी के बिना पेट्रोल पर रोक

एक ओर जहां प्रदूषण पर काबू पाने के लिए दिल्ली में वाहनों को लेकर सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मौसम की मार से हवाई यातायात भी प्रभावित है.

17-December-2025

‘जंगल सिर्फ पेड़ और बाघ नहीं हैं’: कर्नाटक ने जलवायु-लचीले भविष्य के लिए हरित शासन को नए सिरे से परिभाषित किया

वन, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी विभाग के प्रधान सचिव आईएफएस श्रीनिवासुलु का कहना है कि भारत के वन “कार्बन संतुलन की दोधारी तलवार” हैं और इन्हें आजीविका, जलवायु सुरक्षा और स्वयं प्रकृति से सीखने के इंजन के रूप में प्रबंधित किया जाना चाहिए

24-October-2025

त्योहारी सीजन में कैश ऑन डिलीवरी पर अतिरिक्त चार्ज? सरकार ने ई‑कॉमर्स कंपनियों पर कसा शिकंजा

त्योहारी सेल के दौरान ग्राहकों को लुभाने की कोशिशों के बीच अगर कंपनियां गलत तरीके अपनाती हैं तो सरकार सख्त कार्रवाई के लिए तैयार है.

04-October-2025


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

1 day ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

1 day ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

1 day ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

1 day ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

1 day ago