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दिल्ली की हवा फिर हुई खराब, AIIMS के पास AQI 255 पर पहुंचा; सांस के मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी
दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने से हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई है. CPCB के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह AIIMS के आसपास वायु गुणवत्ता सूचकांक 255 दर्ज किया गया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
दिल्ली में शुक्रवार, 23 अक्टूबर की सुबह वायु गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, AIIMS के आसपास एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 255 पर पहुंच गया, जो खराब श्रेणी में आता है. हवा की गुणवत्ता बिगड़ने से राजधानी के लोगों को प्रदूषण के बढ़ते स्तर का सामना करना पड़ रहा है.
200 के पार AQI, खराब श्रेणी में हवा
भारत के वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार, 201 से 300 के बीच AQI को खराब श्रेणी में रखा जाता है. इस स्तर के प्रदूषण में लंबे समय तक रहने से लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है. इसका असर खासतौर पर सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों, बच्चों और बुजुर्गों पर अधिक पड़ सकता है.
AQI के बढ़ने का मतलब है कि हवा में प्रदूषकों का स्तर स्वास्थ्य के लिहाज से चिंता का विषय बन रहा है. ऐसे में लोगों को अपने आसपास की वायु गुणवत्ता पर नजर रखने और प्रदूषण के संपर्क में लंबे समय तक रहने से बचने की जरूरत है.
सर्दियों से पहले क्यों बढ़ती है प्रदूषण की चिंता?
दिल्ली में अक्टूबर के दौरान वायु प्रदूषण एक बड़ी चिंता बन जाता है. मौसम में बदलाव, विभिन्न स्रोतों से होने वाला उत्सर्जन और वातावरण में प्रदूषकों के फैलाव में कमी जैसे कारक हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं. इन परिस्थितियों में प्रदूषक वातावरण में जमा होने लगते हैं, जिससे AQI बढ़ सकता है.
हालांकि, प्रदूषण का स्तर पूरे शहर में एक जैसा नहीं होता. अलग-अलग इलाकों में स्थानीय परिस्थितियों और प्रदूषण के स्रोतों के आधार पर वायु गुणवत्ता में अंतर हो सकता है. इसलिए किसी एक मॉनिटरिंग स्टेशन पर दर्ज AQI पूरे दिल्ली-एनसीआर की स्थिति को पूरी तरह नहीं दर्शाता.
प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें?
प्रदूषण का स्तर अधिक रहने पर लोगों को अपने इलाके का AQI नियमित रूप से जांचना चाहिए. खराब हवा में लंबे समय तक बाहर रहने और अधिक शारीरिक मेहनत वाली गतिविधियों को सीमित करना उपयोगी हो सकता है.
बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. यदि प्रदूषण के दौरान सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न या अन्य असामान्य लक्षण महसूस हों, तो चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए.
CPCB कैसे रखता है हवा की गुणवत्ता पर नजर?
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दिल्ली में विभिन्न मॉनिटरिंग स्टेशनों के जरिए हवा की गुणवत्ता पर नजर रखता है. इन स्टेशनों से प्रदूषकों के स्तर और समग्र AQI से जुड़े आंकड़े उपलब्ध कराए जाते हैं. इन आंकड़ों की मदद से लोग अपने आसपास की हवा की स्थिति समझ सकते हैं और उसी के अनुसार जरूरी सावधानियां बरत सकते हैं.
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