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अडानी एनर्जी का मुनाफा 148% उछला, रेवेन्यू 10,076 करोड़ रुपये के पार; कर्ज में भी बढ़ोतरी
कंपनी के तिमाही नतीजों में मुनाफे और रेवेन्यू की मजबूत वृद्धि के साथ खर्च और कर्ज में बढ़ोतरी भी अहम पहलू हैं. निवेशकों के लिए कंपनी की आय में आगे होने वाली वृद्धि, खर्च पर नियंत्रण और कर्ज के स्तर में बदलाव पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस (Adani Energy Solutions) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है. जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 148 फीसदी बढ़कर 1,323 करोड़ रुपये पहुंच गया. पिछले साल की समान अवधि में कंपनी ने 534 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था. इस दौरान कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू भी 53 फीसदी बढ़कर 10,076 करोड़ रुपये हो गया. हालांकि, मुनाफे और आय में बढ़ोतरी के साथ कंपनी के कुल खर्च और बकाया कर्ज में भी इजाफा हुआ है.
पिछली तिमाही के मुकाबले भी बढ़ा मुनाफा
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस का प्रदर्शन पिछली तिमाही के मुकाबले भी बेहतर रहा. जून 2026 तिमाही में कंपनी का मुनाफा 1,149 करोड़ रुपये था, जो सितंबर तिमाही में करीब 15 फीसदी बढ़कर 1,323 करोड़ रुपये हो गया. इसी अवधि में ऑपरेशन से रेवेन्यू करीब 4 फीसदी बढ़कर 9,711 करोड़ रुपये से 10,076 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.
सितंबर तिमाही में कंपनी की कुल आय सालाना आधार पर करीब 51 फीसदी बढ़कर 10,239 करोड़ रुपये रही. पिछले साल की समान तिमाही में यह 6,767 करोड़ रुपये थी. वहीं, कंपनी का टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) 746 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,767 करोड़ रुपये हो गया.
कंपनी का कुल खर्च 54% बढ़ा
कंपनी की आय और मुनाफे में बढ़ोतरी के साथ खर्च भी तेजी से बढ़ा है. सितंबर तिमाही में अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस का कुल खर्च सालाना आधार पर 54 फीसदी बढ़कर 8,756 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल की समान अवधि में यह 5,688 करोड़ रुपये था.
बिजली खरीदने पर कंपनी का खर्च दोगुने से ज्यादा बढ़कर 3,244 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह 1,601 करोड़ रुपये था. वहीं, निर्माण से जुड़े खर्च में भी बढ़ोतरी हुई. यह 1,625 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,256 करोड़ रुपये हो गया.
इसके अलावा, कंपनी का ब्याज खर्च 35 फीसदी बढ़कर 1,180 करोड़ रुपये रहा. पिछले साल की सितंबर तिमाही में यह 872 करोड़ रुपये था. डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन का खर्च भी 509 करोड़ रुपये से बढ़कर 601 करोड़ रुपये हो गया.
पहली छमाही में मुनाफा 136% बढ़ा
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर के दौरान भी कंपनी ने मजबूत वृद्धि दर्ज की. इस अवधि में अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 136 फीसदी बढ़कर 2,472 करोड़ रुपये हो गया. पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी का मुनाफा 1,046 करोड़ रुपये था.
पहली छमाही में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 47 फीसदी बढ़कर 19,787 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह 13,415 करोड़ रुपये था. इस दौरान कुल आय 13,793 करोड़ रुपये से बढ़कर 20,092 करोड़ रुपये हो गई. वहीं, टैक्स से पहले का मुनाफा 1,404 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,208 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
छह महीने में 2,622 करोड़ रुपये बढ़ा कर्ज
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के बकाया कर्ज में भी बढ़ोतरी हुई है. सितंबर 2026 के अंत तक कंपनी पर कुल बकाया कर्ज 51,520 करोड़ रुपये था. मार्च 2026 के अंत में यह 48,898 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था. इस तरह छह महीने में कंपनी के कुल बकाया कर्ज में 2,622 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई.
कंपनी के तिमाही नतीजों में मुनाफे और रेवेन्यू की मजबूत वृद्धि के साथ खर्च और कर्ज में बढ़ोतरी भी अहम पहलू हैं. निवेशकों के लिए कंपनी की आय में आगे होने वाली वृद्धि, खर्च पर नियंत्रण और कर्ज के स्तर में बदलाव पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा.
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