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पूर्व ACM आरकेएस भदौरिया का बढ़ गया कद, यूपी में मिली इस कॉरिडोर की अहम जिम्मेदारी
वायुसेना के पूर्व एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया का कद बढ़ाते हुए यूपी में योगी सरकार ने उनको एक अहम पद की जिम्मेदारी दी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः वायुसेना के पूर्व एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया का कद बढ़ाते हुए यूपी में योगी सरकार ने उनको एक अहम पद की जिम्मेदारी दी है. प्रदेश सरकार ने उनको उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) का चीफ नोडल ऑफिसर बनाया गया है. बीते वर्ष 30 सितंबर को रिटायर पूर्व एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया चार दशकों तक रक्षा सेवा में विभिन्न पदों पर रहे हैं.
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) के तहत एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो भारतीय एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र की विदेशी निर्भरता को कम करने के लिए भारत सरकार के प्रोत्साहन से उपकरण और कलपुर्जों का निर्माण होगा.
आगरा से है भदौरिया का नाता
एसीएम भदौरिया आगरा के पास के ब्लॉक जैतापुर कलाँ के गाँव कोरथ के रहने वाले हैं. वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, पुणे के पूर्व छात्र हैं और कमान और स्टाफ कॉलेज से रक्षा अध्ययन में परास्नातक हैं. एसीएम भदौरिया की भागीदारी यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास के लिए उत्प्रेरक होगी. वह भारतीय वायु सेना के पूर्व प्रमुख हैं, जो स्वदेशी रक्षा उद्योग का समर्थन करने और रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में आत्मा निर्भारत का समर्थन करने पर अत्यधिक ध्यान केंद्रित करते हैं.
ब्रह्मोस मिसाइलों का होगा उत्पादन
यूपी के डिफेंस कॉरिडोर में अगले तीन साल में (2025 तक) अत्याधुनिक ब्रह्मोस मिसाइलों (ब्रह्मोस-एनजी) का निर्माण शुरू किये जाने की योजना है. शुरू में 100 से अधिक मिसाइलों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया गया है, लेकिन पांच से सात साल में 900 करोड़ रुपये की मिसाइलों के उत्पादन का लक्ष्य है.
यूपी में डिफेंस कॉरिडोर के हैं यह 6 नोड्स
डिफेंस कॉरिडोर में कुल छह (झांसी, चित्रकूट, कानपुर, अलीगढ़, लखनऊ और आगरा) नोड्स हैं. इकाई लगाने वालों के लिए अब तक करीब 1643 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की जा चुकी है. इसमें से करीब 1600 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हो चुका है. निवेश के लिए कुल 93 एमओयू भी हो चुके हैं. इसमें से 72 इंडस्ट्रियल इकाइयों से और 21 संस्थाओं के साथ किए गए हैं. सर्वाधिक 35 एमओयू अलीगढ़ नोड्स के लिए हुए हैं. लखनऊ, कानपुर, झांसी और आगरा नोड्स के लिए क्रमशः 15, 12, 9 और 2 एमओयू हुए हैं. 30 कंपनियों को भूमि आवंटित की गई है, 27 को दी भी जा चुकी है.
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