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हरिवंश नारायण सिंह का राज्यसभा में फिर नामांकन, राष्ट्रपति ने किया मनोनीत

एक बार फिर राज्यसभा में हरिवंश नारायण की वापसी को केवल एक राजनीतिक नियुक्ति नहीं, बल्कि उस विचारधारा की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है जिसमें संवाद, संतुलन और जिम्मेदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago

वरिष्ठ पत्रकार और अनुभवी संसदीय नेता हरिवंश नारायण सिंह एक बार फिर राज्यसभा के लिए मनोनीत किए गए हैं. राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने उन्हें उच्च सदन का सदस्य नामित किया है. यह निर्णय उनके लंबे संसदीय अनुभव और पत्रकारिता से आए संतुलित दृष्टिकोण की मान्यता के रूप में देखा जा रहा है.

पत्रकारिता से राजनीति तक का प्रेरक सफर

हरिवंश नारायण सिंह का सफर भारतीय मीडिया जगत से शुरू होकर राजनीति के शीर्ष सदनों तक पहुंचा है. उन्होंने लंबे समय तक ‘प्रभात खबर’ में कार्य किया और इसे एक मजबूत क्षेत्रीय अखबार के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई. पत्रकार के रूप में उन्होंने ग्रामीण भारत, सामाजिक मुद्दों और जमीनी समस्याओं को प्रमुखता दी, जिससे उनकी पहचान एक संवेदनशील और संतुलित संपादकीय दृष्टि वाले पत्रकार के रूप में बनी.

तीसरा कार्यकाल और बढ़ता संसदीय अनुभव

यह उनका तीसरा कार्यकाल होगा. इससे पहले वे 2014 में बिहार से राज्यसभा पहुंचे थे. हाल ही में उनका पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हुआ था, जिसके बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं.

अब राष्ट्रपति द्वारा उनके पुनर्नामांकन ने इन सभी अटकलों को समाप्त कर दिया है और इसे अनुभव तथा स्थिरता को प्राथमिकता देने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

राज्यसभा उपसभापति के रूप में भूमिका

हरिवंश नारायण सिंह को 2018 में पहली बार राज्यसभा का उपसभापति चुना गया था और 2020 में उन्हें दोबारा इस पद की जिम्मेदारी मिली. सदन के संचालन में उनकी शांत, संतुलित और निष्पक्ष कार्यशैली की व्यापक सराहना होती रही है. उन्होंने कई बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, खासकर तब जब सदन में गतिरोध की स्थिति बनी.

नियुक्ति का संवैधानिक आधार

सूत्रों के अनुसार, यह नामांकन संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत राष्ट्रपति के अधिकार का प्रयोग करते हुए किया गया है. बताया जा रहा है कि जिस सीट पर उन्हें मनोनीत किया गया है, वह पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के कार्यकाल समाप्त होने के बाद खाली हुई थी.

सादगी और संतुलित छवि

राजनीतिक ऊंचाइयों के बावजूद हरिवंश नारायण सिंह की पहचान एक सरल और जमीन से जुड़े व्यक्तित्व के रूप में बनी हुई है. उनकी कार्यशैली में पत्रकारिता के मूल्यों—तथ्य, संतुलन और निष्पक्षता की स्पष्ट झलक दिखाई देती है. इसी कारण उन्हें विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है.

 


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