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शंघाई सहयोग संगठन में मोदी-पेजेशकियन की मुलाकात, ईरान के साथ भारत की कूटनीति पर टिकी नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 hours ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच दोनों नेताओं की यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है. दोनों नेताओं की यह बैठक SCO शिखर सम्मेलन से इतर हुई. यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर दुनियाभर की नजर है. हालांकि, मोदी और पेजेशकियन के बीच हुई बातचीत के एजेंडे और चर्चा के प्रमुख मुद्दों की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है. SCO शिखर सम्मेलन में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के अलावा सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होनी है.
प्रधानमंत्री ने सोमवार को एक्स पर अपनी और ईरान के राष्ट्रपति की मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए लिखा, 'उन्होंने बिश्केक में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की. ईरान के साथ विभिन्न क्षेत्रों में भारत की लंबे समय से चली आ रही मित्रता को और मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता दोहराई. आने वाले समय में हम अपने व्यापार के दायरे को बढ़ाने और उसमें विविधता लाने के इच्छुक हैं. हमने क्षेत्र में मौजूदा स्थिति पर चर्चा की. भारत स्थायी शांति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन जारी रखेगा.'
Met President Masoud Pezeshkian in Bishkek. Reiterated our commitment to strengthening India’s long standing friendship with Iran across diverse sectors. We want to expand and diversify our trade basket in the times to come.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 31, 2026
We had a discussion on the prevailing situation in… pic.twitter.com/qagQy5o108
मार्च में फोन पर हुई थी मोदी-पेजेशकियन की बातचीत
इस मुलाकात से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच मार्च में फोन पर बातचीत हुई थी. उस दौरान पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री मोदी को ईरान की स्थिति और क्षेत्र में चल रहे घटनाक्रम की जानकारी दी थी. बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत का रुख दोहराते हुए कहा था कि सभी मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए किया जाना चाहिए. मोदी ने ईरान सहित पूरे क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर भी जोर दिया था. इसके अलावा भारत ने ऊर्जा और सामान की आवाजाही को बिना किसी रुकावट के जारी रखने को महत्वपूर्ण बताया था.
युद्ध को लेकर पेजेशकियन ने क्या कहा?
SCO सम्मेलन में शामिल होने के लिए बिश्केक रवाना होने से पहले ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा था कि ईरान युद्ध नहीं चाहता है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर ईरान पर कोई हमला होता है तो उसका मजबूती से जवाब दिया जाएगा. पेजेशकियन ने कहा था कि क्षेत्र में अस्थिरता किसी भी देश के हित में नहीं है. उन्होंने आर्थिक और सुरक्षा से जुड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए क्षेत्रीय देशों के बीच अधिक सहयोग की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के देशों का इतिहास और सभ्यता हजारों साल पुरानी है और ये देश लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क और सहयोग में रहे हैं.
पेजेशकियन ने SCO को बताया महत्वपूर्ण मंच
ईरानी राष्ट्रपति ने SCO सम्मेलन को भी काफी महत्वपूर्ण बताया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पेजेशकियन ने कहा कि सम्मेलन में क्षेत्र के ज्यादातर नेता मौजूद रहेंगे और यह दुनिया में अलग-अलग और स्वतंत्र आवाजों की मौजूदगी का प्रतीक है. उन्होंने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के साथ-साथ आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया.
पुतिन से भी मिल सकते हैं पीएम मोदी
SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें होने की उम्मीद है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएम मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात कर सकते हैं. इसके अलावा किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी छठे विश्व घुमंतू खेलों के उद्घाटन समारोह में भी शामिल हो सकते हैं.
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