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RBI ने घटाई रेपो रेट: होम लोन होंगे सस्ते, रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ी रौनक

रेपो रेट घटने से रियल एस्टेट सेक्टर में नई जान आ गई है. EMI बोझ कम होने से खरीदारों की सक्रियता बढ़ेगी और डेवलपर्स को प्रोजेक्ट्स तेजी से आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा. वि

रितु राणा 5 months ago

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लेते हुए रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती की है. इसके साथ ही रेपो रेट घटकर 5.25 प्रतिशत पर आ गई है. यह कदम उन लाखों लोगों के लिए राहत लेकर आया है, जो घर खरीदने की तैयारी में हैं, क्योंकि अब होम लोन की EMI कम होने की पूरी संभावना है. रियल एस्टेट सेक्टर ने इस फैसले का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि आने वाले महीनों में मांग, निवेश और बिक्री में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय बाजार में विश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ अधूरी परियोजनाओं की गति भी बढ़ाएगा.

विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले तीन से छह महीनों में नई प्रोजेक्ट लॉन्च में तेजी आएगी और सेक्टर में नए निवेशकों की रुचि भी बढ़ेगी. इसके अलावा, रियल एस्टेट कंपनियों को कर्ज लेने की लागत कम होने से बड़ी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी, जिससे उपभोक्ताओं का भरोसा और अधिक मजबूत होगा.

रेपो रेट कटौती पर क्या कहते हैं रियल एस्टेट विशेषज्ञ?

क्रेडाई वेस्टर्न यूपी अध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स की कमी रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए अत्यंत स्वागतयोग्य कदम है. इस निर्णय से EMI कम होगी और घर खरीदने की प्रक्रिया आम परिवारों के लिए अधिक सहज बनेगी. हमारे अनुसार आने वाले महीनों में आवासीय मांग में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा. यह फैसला पूरे उद्योग में नए विश्वास और सकारात्मकता को जन्म देगा और रियल एस्टेट को अगली विकास गति प्रदान करेगा.

निराला वर्ल्ड सीएमडी सुरेश गर्ग ने कहा ब्याज दर में कमी से घर खरीदना पहले की तुलना में आसान होगा क्योंकि इससे खरीदारों की भुगतान क्षमता मजबूत होती है. अब लोग निर्णय लेने में देरी नहीं करेंगे, जिससे बिक्री और नए प्रोजेक्ट लॉन्च दोनों में तेजी आएगी. यह कदम केवल खरीददारों ही नहीं बल्कि पूरे रियल एस्टेट प्रणाली के लिए बड़ा प्रोत्साहन है और आने वाले समय में बाजार और अधिक सक्रिय दिखेगा.

एक्सॉटिका हाउसिंग  डायरेक्टर दिनेश जैन ने कहा यह फैसला उन परिवारों के लिए राहत है जो EMI की चिंता के कारण घर खरीदने का निर्णय टाल रहे थे. ब्याज दर कम होने से affordability बेहतर होगी और खरीदारों का आत्मविश्वास बढ़ेगा. इसका सकारात्मक असर बिक्री और डिलीवरी दोनों पर पड़ेगा. यह कदम बाजार को स्थिरता और विकास दोनों देने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा.

डिलिजेंट बिल्डर्स सीओओ कर्नल (से.नि.) अश्विनी नागपाल ने कहा इस निर्णय से रियल एस्टेट बाजार में सकारात्मकता बढ़ेगी और निर्माणाधीन परियोजनाओं को गति मिलेगी. इससे एंड-यूजर का भरोसा मजबूत होगा और खरीददारी के माहौल में सुधार होगा. यह कदम उद्योग के भविष्य को सुरक्षित और स्थिर बनाने वाला है.

रेनॉक्स ग्रुप चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा ने कहा आरबीआई का यह फैसला रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए बड़ा अवसर लेकर आया है. पहले से मजबूत मांग अब और तेज होगी. इस कटौती से मध्यम और लग्जरी दोनों श्रेणियों में घर खरीदने वालों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा और बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी.

लिक्विडिटी, स्थिरता और खरीदारों के आत्मविश्वास पर असर

BPTP CEO मानिक मलिक  ने कहा भारतीय रिजर्व बैंक का अपनी पॉलिसी पर बने रहने का फैसला, साथ ही भविष्य में होने वाले बदलावों के लिए एक सोच-समझकर उठाया गया कदम, आर्थिक हालात के बारे में एक संतुलित नजरिया दिखाता है. ऐसे उपायों ने ऐतिहासिक रूप से बेहतर फाइनेंशियल लिक्विडिटी और बाजार की स्थिरता में योगदान दिया है. इंडस्ट्री के नजरिए से, एक सपोर्टिव इंटरेस्ट-रेट माहौल घरों की किफायत बढ़ाने और खरीदारों का भरोसा मजबूत करने में मदद कर सकता है.

रूट्स डेवलपर्स डायरेक्टर जितेंद्र यादव ने कहा RBI का रेपो रेट को 25 bps कम करके 5.25% करने का फैसला रियल एस्टेट सेक्टर में नए जोश के लिए एक कैटलिस्ट है. उधार लेने की लागत कम होने से होम लोन ज्यादा सस्ते हो जाएंगे, जिससे घर खरीदने वालों की डिमांड बढ़ेगी. इससे डेवलपर्स को प्रोजेक्ट लॉन्च में तेजी लाने और काम पूरा होने की टाइमलाइन में सुधार करने में भी मदद मिलेगी, जिससे मुख्य हाउसिंग मार्केट में ग्रोथ और भरोसे का माहौल मजबूत होगा.

पायनियर अर्बन लैंड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सीनियर वाइस प्रेसिडेंट  ऋषभ पेरीवाल ने कहा रेपो रेट में 25 bps की कटौती रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अच्छी खबर है. इससे होम लोन सस्ते होंगे और लोगों के लिए घर खरीदना आसान होगा. यह कदम बाजार में मांग बढ़ाएगा और डेवलपर्स को प्रोजेक्ट शुरू करने व समय पर पूरा करने में सहायता करेगा.

मार्केट ट्रेंड और इकॉनमी पर असर

काउंटी ग्रुप डायरेक्टर अमित मोदी ने कहा  रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर इसे 5.25% करना, अगर पिछले एक साल की RBI की सोच के संदर्भ में देखें,दिसंबर 2024 में यही दर 6.50% थी,तो कुल 1.25% की बड़ी कमी दर्शाता है. इसमें कोई शक नहीं कि इससे घर खरीदने वाले लोगों और रियल एस्टेट सेक्टर, दोनों को बड़ा लाभ मिलेगा. भारत की अर्थव्यवस्था से भी अच्छी खबरें मिल रही हैं. महंगाई दर नियंत्रण में है और देश का GDP भी बढ़ रहा है. ये सभी कारक रियल एस्टेट सेक्टर की संभावनाओं को और मजबूत करेंगे.

AIPL डायरेक्टर इशान सिंह ने कहा RBI द्वारा 25 बेसिस पॉइंट की रेपो रेट कटौती रियल एस्टेट सेक्टर के लिए समय पर मिला बड़ा सहारा है. हाउसिंग लोन की ब्याज दरें घटने से खरीदार उन फैसलों को भी आगे बढ़ाएंगे जिन्हें वे टाल रहे थे, जिससे रेजिडेंशियल मार्केट में रफ्तार आएगी. यह सकारात्मक माहौल रिटेल और कमर्शियल स्पेस को भी फायदा पहुंचाएगा, जिससे एक ज्यादा सक्रिय और जीवंत रियल एस्टेट इकोसिस्टम बनेगा. कुल मिलाकर, यह कदम बाजार के भरोसे को मजबूत करता है और सभी सेगमेंट में टिकाऊ विकास की राह तैयार करता है.

HCBS डेवलपमेंट्स ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर सौरभ सहारन ने कहा रेपो रेट में 25 bps की कटौती होकर 5.25% होना रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अच्छी खबर है. इससे होम लोन सस्ते होंगे, लोगों के लिए घर खरीदना आसान होगा और बाजार में मांग बढ़ेगी. डेवलपर्स को भी फायदा मिलेगा क्योंकि कम ब्याज दरें प्रोजेक्ट शुरू करने और समय पर पूरा करने में मदद करेंगी. कुल मिलाकर, यह कदम खरीदारों का भरोसा बढ़ाएगा और रियल एस्टेट सेक्टर की ग्रोथ को और मजबूत करेगा.

बाजार में उम्मीद की नई लहर

विशेषज्ञों का कहना है कि ब्याज दर में यह कटौती न केवल खरीदारों को राहत देती है बल्कि बाजार में एक सकारात्मक भावना और नई ऊर्जा भी भरती है. घर खरीदने की योजना बना रहे उपभोक्ताओं का मनोबल बढ़ेगा, जिससे बिक्री में तेजी आएगी. इसके अलावा, रियल एस्टेट कंपनियों को भी वित्तीय दबाव कम होगा, जिससे वे अधूरी परियोजनाओं को तेजी से पूरा कर पाएंगे और नए प्रोजेक्ट लॉन्च करने में सक्रिय रहेंगे. सेक्टर में निवेशकों की रुचि बढ़ने से आर्थिक स्थिरता और विश्वास दोनों मजबूत होंगे.

विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस कटौती का असर केवल तत्काल नहीं रहेगा. आने वाले सालों में यह कदम रियल एस्टेट सेक्टर में स्थिरता, नए निवेश और विकास की मजबूत लहर लाएगा. खरीदारों और निवेशकों के भरोसे के बढ़ने से मध्यम, प्रीमियम और लग्ज़री सभी सेगमेंट्स में गतिविधियां तेज होंगी. बाजार विश्लेषक मानते हैं कि यह कदम रियल एस्टेट को सिर्फ एक आर्थिक राहत नहीं बल्कि भरोसे और आत्मविश्वास का पुनर्जागरण देगा, जिससे भारतीय हाउसिंग मार्केट और भी मजबूत और सक्रिय बनेगा.

 


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