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होम लोन तक महिलाओं की पहुंच बढ़ाने की पहल, IIFL होम फाइनेंस और JICA के बीच 15 करोड़ डॉलर की डील
कंपनी के अनुसार, भारत में वर्ष 2030 तक करीब 2.2 करोड़ अतिरिक्त घरों की मांग बढ़ने का अनुमान है. वहीं, मौजूदा समय में देश में आवास ऋण लेने वालों में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 30 फीसदी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
कम आय वाली महिलाओं के लिए घर खरीदना आसान बनाने के उद्देश्य से आईआईएफएल होम फाइनेंस लिमिटेड (IIFL) और जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (JICA) के बीच 15 करोड़ डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं. इस समझौते के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) की पात्र महिलाओं को आवास ऋण उपलब्ध कराया जाएगा.
जेआईसीए से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल आईआईएफएल होम फाइनेंस के जरिए शहरी और शहरों के आसपास के इलाकों में घर खरीदने वाली कम आय वाली महिलाओं को कर्ज देने के लिए किया जाएगा. इस परियोजना में एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और एमयूएफजी बैंक समेत अन्य वित्तीय संस्थानों की भी भागीदारी होगी.
कंपनी के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य कम आय वाली महिलाओं तक आवास वित्त की पहुंच बढ़ाना है. समझौते के तहत जेआईसीए की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली राशि पात्र महिला ग्राहकों को आवास ऋण के रूप में दी जाएगी.
आईआईएफएल होम फाइनेंस के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी गिरीश कौसगी ने कहा कि जेआईसीए के साथ यह पहल कम आय वाली अधिक महिलाओं तक आवास ऋण पहुंचाने में मदद करेगी. उनके मुताबिक, अपना घर होने से महिलाओं और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिल सकती है और जीवन स्तर में सुधार हो सकता है.
कंपनी के अनुसार, भारत के शहरी क्षेत्रों में एक करोड़ से अधिक घरों की कमी है. वर्ष 2030 तक करीब 2.2 करोड़ अतिरिक्त घरों की मांग बढ़ने का अनुमान है. वहीं, मौजूदा समय में देश में आवास ऋण लेने वालों में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 30 फीसदी है.
आवास वित्त क्षेत्र में प्रशिक्षण पर भी जोर
इस समझौते के तहत केवल ऋण उपलब्ध कराने तक ही पहल सीमित नहीं रहेगी. जेआईसीए, जापान हाउसिंग फाइनेंस एजेंसी और अन्य साझेदार भारतीय आवास वित्त क्षेत्र से जुड़े नियामकों तथा आईआईएफएल होम फाइनेंस के कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित करने की योजना बना रहे हैं.
प्रशिक्षण में किफायती आवास और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए भवन निर्माण के तरीकों से जुड़े विषय शामिल होंगे. कंपनी के मुताबिक, यह पहल भारत सरकार के 'सभी के लिए आवास' के लक्ष्य के अनुरूप है.
इसमें समझौते की राशि, लाभार्थी वर्ग और आवास ऋण की पहुंच को शुरुआत में रखा गया है, जबकि प्रशिक्षण और ‘सभी के लिए आवास’ वाला हिस्सा खबर के अंत में बैकग्राउंड के रूप में रखा गया है.
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