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REIT-InvIT में बढ़ेगा निवेश, 5 साल में दोगुना हो सकता है AUM, ₹20 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान
ICRA के मुताबिक, वित्त वर्ष 2030-31 तक InvIT और REIT का संयुक्त AUM करीब ₹20 लाख करोड़ हो सकता है. सड़क, रिन्यूएबल एनर्जी, वेयरहाउसिंग और डेटा सेंटर जैसे सेक्टर इस वृद्धि को रफ्तार दे सकते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) और रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REIT) का बाजार अगले पांच वर्षों में तेजी से विस्तार कर सकता है. रेटिंग एजेंसी ICRA के अनुमान के मुताबिक, दोनों का संयुक्त एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) वित्त वर्ष 2025-26 के करीब ₹10 लाख करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2030-31 तक लगभग ₹20 लाख करोड़ हो सकता है. इस तरह अगले पांच वर्षों में संयुक्त AUM में सालाना औसतन करीब 15 फीसदी की वृद्धि का अनुमान है.
ICRA के मुताबिक, इस अवधि में InvIT का AUM बढ़कर करीब ₹13.5 लाख करोड़ और REIT का AUM लगभग ₹6.5 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है. इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट के मोनेटाइजेशन, रिन्यूएबल एनर्जी और फाइबर प्लेटफॉर्म के विस्तार के साथ कमर्शियल रियल एस्टेट, वेयरहाउसिंग और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से इस बाजार को समर्थन मिलने की उम्मीद है.
पांच साल में दोगुने से ज्यादा बढ़ा AUM
InvIT और REIT बाजार में पिछले पांच वर्षों में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है. दोनों का संयुक्त AUM वित्त वर्ष 2020-21 में करीब ₹4 लाख करोड़ था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर लगभग ₹10 लाख करोड़ हो गया.
इस दौरान InvIT का AUM मार्च 2021 के करीब ₹3.2 लाख करोड़ से बढ़कर मार्च 2026 में लगभग ₹7 लाख करोड़ हो गया. यानी इसमें सालाना औसतन करीब 17 फीसदी की वृद्धि हुई. वहीं, REIT का AUM इसी अवधि में करीब ₹70,000 करोड़ से बढ़कर ₹3.1 लाख करोड़ हो गया. REIT के AUM में सालाना औसतन करीब 33 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. वित्त वर्ष 2025-26 तक देश में 25 InvIT और छह सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध REIT थे.
सड़क क्षेत्र बना InvIT का बड़ा ग्रोथ इंजन
InvIT में सड़क क्षेत्र सबसे तेजी से विस्तार करने वाले सेगमेंट के तौर पर उभरा है. कुल InvIT AUM में सड़क क्षेत्र की हिस्सेदारी मार्च 2021 के 16 फीसदी से बढ़कर मार्च 2026 में 43 फीसदी हो गई. हालांकि, 44 फीसदी हिस्सेदारी के साथ टेलीकॉम अभी भी मामूली अंतर से सबसे बड़ा सेगमेंट है.
दूसरी ओर, REIT के पोर्टफोलियो में ऑफिस एसेट की हिस्सेदारी प्रमुख बनी हुई है. इसके साथ रिटेल और वेयरहाउसिंग जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार देखने को मिल रहा है.
नए एसेट से बढ़ेंगे ग्रोथ के मौके
ICRA की वाइस प्रेसिडेंट और ग्रुप हेड (कॉरपोरेट रेटिंग्स) अनुपमा रेड्डी के मुताबिक, InvIT और REIT बाजार अब ऐसे स्तर पर पहुंच गया है, जहां पारंपरिक एसेट के साथ नए तरह के एसेट में भी विस्तार की गुंजाइश है.
उनके मुताबिक, इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट का लगातार मोनेटाइजेशन और नई एसेट कैटेगरी का जुड़ना आगे ग्रोथ के नए अवसर पैदा कर सकता है. घरेलू संस्थागत निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और हाल में हुए नियामकीय बदलाव भी इन एसेट के लिए फंड जुटाने के विकल्पों को बेहतर बना सकते हैं.
नियामकीय बदलावों से मिल सकता है समर्थन
ICRA के अनुसार, पिछले एक दशक में हुए नियामकीय बदलावों ने InvIT और REIT बाजार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इन बदलावों से निवेशकों की पहुंच बढ़ी है और फंड जुटाने के विकल्पों का विस्तार हुआ है.
जनवरी 2026 में म्युचुअल फंड निवेश के लिए REIT को इक्विटी के रूप में वर्गीकृत किया गया. इसके अलावा 1 अक्टूबर 2026 से बैंकों को सीधे REIT स्तर पर कर्ज देने की अनुमति दी गई है.
ICRA का मानना है कि इन बदलावों से InvIT और REIT में पूंजी का प्रवाह बढ़ सकता है. साथ ही, फंड जुटाने के स्रोत बढ़ने और लंबी अवधि का कर्ज उपलब्ध होने से पुराने कर्ज की रीफाइनेंसिंग में भी मदद मिल सकती है.
इसके अलावा, स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टर की परिभाषा का दायरा बढ़ाकर सभी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) को शामिल किया गया है. इससे लंबी अवधि के घरेलू निवेशकों की भागीदारी बढ़ने की संभावना है.
InvIT-REIT में घरेलू निवेशकों की बढ़ी भागीदारी
घरेलू पूंजी भी इस सेक्टर की वृद्धि में अहम भूमिका निभा रही है. जून 2026 तक म्युचुअल फंड का InvIT और REIT में निवेश सालाना आधार पर 56 फीसदी बढ़कर ₹31,000 करोड़ से अधिक हो गया.
इसके साथ बीमा कंपनियों, पेंशन फंड, सॉवरेन फंड और रिटेल निवेशकों की भागीदारी भी बढ़ी है. स्थापित इश्यू में जोखिम के मुकाबले मिलने वाले रिटर्न ने भी निवेशकों की रुचि बढ़ाने में योगदान दिया है. ऐसे इश्यू का औसत एक्सटेंडेड इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (XIRR) करीब 14 फीसदी रहा है.
इसके अलावा, सरकारी बॉन्ड और AAA रेटिंग वाले कॉरपोरेट बॉन्ड की तुलना में InvIT और REIT की उधारी लागत का अंतर भी कम हुआ है.
पूंजी जुटाने की गतिविधियां भी बढ़ीं
बाजार के परिपक्व होने के साथ InvIT और REIT की ओर से पूंजी जुटाने की गतिविधियों में भी तेजी आई है. वित्त वर्ष 2019-20 से अब तक दोनों माध्यमों ने पब्लिक इश्यू, प्राइवेट प्लेसमेंट, प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट, इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट और राइट्स इश्यू के जरिए मिलकर करीब ₹20,000 करोड़ जुटाए हैं.
इसमें करीब 80 फीसदी रकम InvIT के जरिए जुटाई गई. अब तक जुटाई गई कुल पूंजी का करीब आधा हिस्सा पिछले तीन वर्षों में आया है. यह InvIT और REIT के जरिए फंड जुटाने वाली संस्थाओं की बढ़ती गतिविधि और निवेशकों के बीच इन माध्यमों की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है.
इन ट्रस्ट की एक अहम खासियत यह है कि इनके जरिए चालू और कमाई करने वाली संपत्तियों में फंसी पूंजी को निकालकर नई इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट परियोजनाओं में लगाया जा सकता है.
कर्ज और वैल्यूएशन से जुड़े जोखिम पर नजर जरूरी
हालांकि, ICRA के मुताबिक इस सेक्टर के सामने कुछ जोखिम भी बने हुए हैं. मध्यम से लंबी अवधि में अवसर मजबूत रहने के बावजूद ग्रोथ की रफ्तार और उसकी गुणवत्ता इस बात पर निर्भर करेगी कि कर्ज का प्रबंधन कितनी सावधानी से किया जाता है और नए एसेट खरीदते समय कितना वित्तीय अनुशासन बरता जाता है.
रीफाइनेंसिंग का जोखिम, संबंधित स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) पर कर्ज की शर्तें, एसेट वैल्यूएशन में बदलाव, एक साथ बड़ी मात्रा में नकदी की जरूरत और टैक्स नियमों में बदलाव ऐसे प्रमुख जोखिम हैं जिन पर नजर रखना जरूरी होगा.
ICRA के अनुसार, पर्याप्त नकदी बनाए रखना, कर्ज की मैच्योरिटी को अलग-अलग अवधि में बांटना और कैश फ्लो का बेहतर प्रबंधन करना जरूरी होगा. इससे InvIT और REIT का क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत बनाए रखने में मदद मिलेगी, खासकर जब संयुक्त AUM वित्त वर्ष 2030-31 तक अनुमानित ₹20 लाख करोड़ के स्तर की ओर बढ़ सकता है.
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