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भारत का पहला सैलरी-केंद्रित क्रेडिट कार्ड लॉन्च, यूपीआई पेमेंट और रिवार्ड का नया अनुभव
यह पहल न केवल जिम्मेदार क्रेडिट उपयोग को बढ़ावा देती है, बल्कि भारत की कैशलेस और डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
वेतनभोगी वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सैलरीसे और सिटी यूनियन बैंक ने भारत का पहला सैलरी-केंद्रित क्रेडिट कार्ड ‘लेवल अप क्रेडिट कार्ड’ लॉन्च किया है. यह कार्ड 37.5% तक के सैलरी डे बोनस रिवार्ड और रूपे क्रेडिट कार्ड-ऑन-यूपीआई तकनीक के साथ डिजिटल भुगतान अनुभव को नया आयाम देता है. दरअसल, सैलरी-पावर्ड फाइनेंशियल वेलबीइंग प्लेटफॉर्म सैलरीसे ने सिटी यूनियन बैंक के सहयोग से इस लेवल अप क्रेडिट कार्ड को पेश किया है. यह कार्ड खास तौर पर वेतनभोगी कर्मचारियों की खर्च आदतों और मासिक जरूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है.
यूपीआई पर क्रेडिट, रोजमर्रा के खर्च पर रिवार्ड
भारतीय रिज़र्व बैंक के कैशलेस और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण के अनुरूप, यह क्रेडिट कार्ड यूपीआई भुगतान, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, मासिक बिलों और इन-स्टोर खरीदारी पर रिवार्ड प्रदान करता है. इससे रोजमर्रा के खर्च भी रिवार्ड के दायरे में आ जाते हैं.
भारत का पहला “सैलरी डे बोनस” फीचर
लेवल अप क्रेडिट कार्ड की सबसे बड़ी खासियत इसका “सैलरी डे बोनस” है. सैलरी मिलने वाले दिनों में कार्डधारकों को 37.5% तक अतिरिक्त रिवार्ड मिलते हैं. यह फीचर वेतन चक्र से जुड़े आवश्यक खर्चों पर अधिकतम लाभ सुनिश्चित करता है.
पारंपरिक कार्ड से अलग मॉडल
जहां सामान्य क्रेडिट कार्ड सीमित कैटेगरी में रिवार्ड देते हैं, वहीं यह कार्ड क्रेडिट को सीधे यूपीआई इकोसिस्टम से जोड़ता है. नियोक्ता-आधारित सैलरी वेरिफिकेशन के जरिए जिम्मेदार और अनुशासित क्रेडिट उपयोग को बढ़ावा दिया जाता है.
मजबूत बैंकिंग और फिनटेक का मेल
ग्राहक सैलरीसे ऐप के माध्यम से इस क्रेडिट कार्ड के साथ अन्य चुनिंदा फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स भी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं. इससे आवेदन प्रक्रिया सरल और तेज हो जाती है.यह साझेदारी सैलरीसे के सैलरी-ड्रिवन फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर और सिटी यूनियन बैंक की मजबूत नियामकीय विश्वसनीयता को एक साथ लाती है. उपयोगकर्ताओं को यूपीआई लेनदेन के दौरान ही रिवॉल्विंग क्रेडिट लाइन मिलती है, जिससे अलग-अलग लोन की जरूरत कम होती है.
डिजिटल भुगतान सिस्टम को मजबूती
रूपे और एनसीपीआई के क्रेडिट ऑन यूपीआई फ्रेमवर्क के जरिए यह कार्ड सुरक्षित, पारदर्शी और आसान क्रेडिट पहुंच सुनिश्चित करता है. साथ ही, यह भारत की कैशलेस अर्थव्यवस्था को भी समर्थन देता है.
सैलरीसे के सह-संस्थापक मोहित गोरिसरिया ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य वेतनभोगी कर्मचारियों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाना है. यह कार्ड रोजमर्रा की जिंदगी से मेल खाने वाले रिवार्ड, यूपीआई पर क्रेडिट और बेहतर लाइफस्टाइल सुविधाएं प्रदान करता है.
सिटी यूनियन बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर विजय आनंद आर के अनुसार, यह सहयोग डिजिटल समावेशन को बढ़ाने और जिम्मेदार क्रेडिट उपयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक अहम कदम है. बैंक भविष्य में भी सैलरीसे के साथ नए उत्पाद विकसित करने की योजना रखता है.
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