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आखिर कैसे अपने बच्‍चे की शिक्षा के लिए करें तैयारी, कितना निवेश है जरूरी? 

लगातार बढ़ती शिक्षा की बढ़ती लागत के बीच आने वाले 6 साल में ये दोगुनी हो जाएगी. इसके लिए जरूरी ये है कि आप ये जानें कि आपको बढ़ती शिक्षा महंगाई के बीच कितने निवेश की जरूरत है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

मान लेते हैं आज से 5 साल पहले अगर किसी बी ग्रेड कॉलेज में इंजीनियरिंग 5 लाख में हो जाती थी तो आज उसी कॉलजे में उसकी लागत 10 लाख से ऊपर जा चुकी है. शिक्षा के क्षेत्र को जानने वाले कहते हैं कि ये आने वाले समय में भी इसी तेजी से बढ़ती जाएगी. ऐसे में जरूरी है कि आप अपने बच्‍चे की शिक्षा के लिए आज से ही तैयारी शुरू कर दें, ताकि आप आने वाले समय के लिए तैयार हो सकें. 

समय के साथ बढ़ रही है एजुकेशन कॉस्‍ट 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वार्षिक बैंकबाजार एस्पिरेशन इंडेक्स अध्ययन के अनुसार, बच्चों के भविष्य के लिए बचत करना कई भारतीयों की शीर्ष आकांक्षाओं में से एक है, लेकिन पिछले दशक में उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति लगभग 6% रही है, शिक्षा में मुद्रास्फीति लगभग 11-12 प्रतिशत देखी गई है. इसका मतलब है कि शिक्षा की लागत हर छह से सात साल में दोगुनी हो सकती है. इसलिए, इस तरह से निवेश करना जरूरी है जिससे माता-पिता को एजुकेशन सेक्‍टर की इस महंगाई को मात देने में मदद मिले, जो लंबे समय में सीपीआई की दर से दोगुनी होती है.

कैसे समझें इसे आसानी से 
इस पूरे मसले को हम एक उदाहरण के जरिए समझ सकते हैं. एक निजी भारतीय विश्वविद्यालय में चार साल के बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (B.Tech) कोर्स की कीमत 10 लाख रुपये है, जबकि बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड सर्जरी (MBBS) कोर्स की कीमत लगभग 50 लाख रुपये है. यदि आपका बच्चा विदेश में स्नातक की पढ़ाई करना चाहता है, तो आपको आसानी से 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक तक का भुगतान करना पड़ सकता है. 

पिछले 10 सालों में किस रफ्तार से बढ़ी है महंगाई?
पिछले 10 सालों में शिक्षा क्षेत्र की महंगाई पर नजर डालें तो नजर आता है कि 2003 से लेकर 2023 तक कितना इजाफा हुआ है. अगर आप किसी भी प्रीमियर कॉलेज से दो साल का एमबीए करते हैं, तो उसके लिए जहां 2003 में आपको 3 लाख रुपये चुकाने होते थे वहीं 2013 में इसकी कॉस्‍ट 16.6 लाख रुपये तक जा पहुंची थी. वहीं 2023 की फीस पर नजर डालें तो ये कोई 24.6 लाख रुपये के आसपास बैठती है. इसमें जहां पहले 10 सालों में 18 प्रतिशत के अनुसार इजाफा हुआ है वहीं दूसरी ओर बाद के दस सालों में इसमें 4 प्रतिशत इजाफा हुआ है. 

आखिर कितना और कहां करें करें निवेश 

अब सबसे अहम सवाल ये है कि आप कितने सालों के लिए कैसे निवेश करें कि आप अपने लक्ष्‍य तक पहुंच पाएं. अगर आप 1000 रुपये महीने का अंशदान करते हैं तो आप इक्विटी म्‍यूचुअल फंड में पैसा लगाकर अगर आप 12 प्रतिशत रिटर्न पाते हैं तो 10 साल में 2,32,339 लाख रुपये, 15 साल में 504546 लाख रुपये, 20 साल में 999148 लाख रुपये पा सकते हो. अगर आप EPF में पैसा लगाते हैं तो उसमें 8.15% का ब्‍याज मिलता है, तो ऐसे में आप 10 साल में 185,738 लाख, 15 साल में 353056 लाख, 604198 लाख रुपये, 20 साल में 604198 लाख रुपये पा सकते हैं. सुकन्‍या योजना पर 8 प्रतिशत के अनुसार 10 साल में 184,166 लाख रुपये,  15 साल में 348,345 लाख रुपये,  और 20 साल में 592947 लाख रुपये पा सकते हैं. 
 


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