यह डील सिर्फ एक कारोबारी निवेश नहीं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की दीर्घकालिक रणनीतिक सोच का हिस्सा है, जो आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकती है.
समझौते के तहत शुरुआती चरण में भारत में 99 इंजन बनाने की योजना है. इसके लिए देश में एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जाएगी, जो कॉन्ट्रैक्ट फाइनल होने के करीब दो साल के भीतर शुरू हो सकती है.
दीक्षांत समारोह के दौरान संस्थान ने अपने पूर्व छात्रों को भी विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया. इसमें विशिष्ट पूर्व छात्र सम्मान और युवा पूर्व छात्र उपलब्धि सम्मान जैसे पुरस्कार शामिल रहे.
बीते कारोबारी सत्र यानी 10 अप्रैल को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE Sensex) 77550.25 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE Nifty 50) 24050.60 पर बंद हुआ था.
सन् 1933 में जन्मी आशा भोसले ने बहुत कम उम्र में ही संगीत की दुनिया में कदम रख दिया था. वह केवल एक गायिका नहीं थीं, बल्कि भारतीय संगीत की आत्मा थीं. उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी.
कंपनी ने डिविडेंड के लिए 17 अप्रैल 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है. इसका मतलब है कि इस तारीख तक जिन निवेशकों के पास कंपनी के शेयर होंगे, वही इस डिविडेंड के पात्र होंगे.
तुर्किये में फाउंड्री बिजनेस से बाहर निकलने का Mahindra & Mahindra का फैसला उसके ग्लोबल बिजनेस रीस्ट्रक्चरिंग का हिस्सा है.
कतर के ऊर्जा मंत्री साद शेरिदा अल-काबी ने दोहा में भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ बैठक की. कतर ने स्पष्ट किया कि वह भारत की LNG और LPG जरूरतों को लगातार और स्थिर रूप से पूरा करता रहेगा.
Flipkart के ट्रेंड्स के अनुसार, भारत में पेट केयर इंडस्ट्री अब एक तेजी से विकसित होता हुआ लाइफस्टाइल सेगमेंट बन चुकी है.
यूनिलीवर की यह रणनीति साफ संकेत देती है कि भविष्य की मार्केटिंग अब केवल विज्ञापनों पर निर्भर नहीं रहेगी. उपभोक्ता-आधारित सिफारिशें, क्रिएटर नेटवर्क और सोशल एंगेजमेंट आने वाले समय में ब्रांड बिल्डिंग का सबसे बड़ा आधार बन सकते हैं.
वेदांता का यह समझौता केवल एक औद्योगिक विस्तार नहीं, बल्कि भारत में एल्युमीनियम सेक्टर के लिए एक नए इकोसिस्टम की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है.
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय कंपनियों ने अब तक मजबूती दिखाई है, लेकिन बदलते भू-राजनीतिक हालात लागत, प्रोजेक्ट निष्पादन और मुनाफे पर दबाव बढ़ा रहे हैं.
भारत का यह न केवल शिपिंग कंपनियों को राहत मिलेगी, बल्कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारतीय व्यापार को भी मजबूती मिल सकती है.
RBI का यह प्रस्ताव NBFC सेक्टर में पारदर्शिता और सादगी लाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. इसके लागू होने पर बड़े वित्तीय संस्थानों की निगरानी और मजबूत हो सकेगी.
रिपोर्ट के अनुसार यूरोपीय संघ के साथ संभावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) भारत के निर्यात को बढ़ावा दे सकता है. इससे बाहरी मांग मजबूत होगी और मैन्युफैक्चरिंग तथा सर्विस सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी.
ईमानदारी (इंटेग्रिटी) संस्थानों में अनुसंधान और नवाचार की विश्वसनीयता के केंद्र में बनी रहती है.
मार्च 2026 के आंकड़े साफ बताते हैं कि अब भारतीय निवेशक पारंपरिक बचत विकल्पों से हटकर शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड्स की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं.
आरबीआई ने 50,000 रुपये से अधिक के हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन की सिफारिश भी की है. इसमें विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए “ट्रस्टेड पर्सन” द्वारा पुष्टि की व्यवस्था शामिल हो सकती है.
एक बार फिर राज्यसभा में हरिवंश नारायण की वापसी को केवल एक राजनीतिक नियुक्ति नहीं, बल्कि उस विचारधारा की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है जिसमें संवाद, संतुलन और जिम्मेदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है.
इस स्कीम का सब्सक्रिप्शन 8 अप्रैल 2026 को खुल चुका है और यह 22 अप्रैल 2026 तक निवेश के लिए उपलब्ध रहेगा.