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मीडिया सेक्टर पर मजबूत पकड़ चाहते हैं Adani, इसलिए IANS पर लगाया दांव

अडानी समूह अब काफी हद तक हिंडनबर्ग के प्रभाव से बाहर निकल आया है. समूह अब अपनी विस्तार योजनाओं पर फोकस कर रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

गौतम अडानी (Gautam Adani) विस्तार की योजनाओं पर वापस लौट चुके हैं. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के चलते उन्हें कुछ समय के लिए इन योजनाओं पर ब्रेक लगाना पड़ा था. अब जब हिंडनबर्ग का प्रभाव लगभग खत्म हो चुका है, अडानी ने 'ब्रेक' से पैर हटाकर 'एक्सीलेटर' पर रख लिया है. अडानी समूह (Adani Group) के चेयरमैन गौतम अडानी इस समय दो सेक्टर्स पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. पहला सीमेंट और दूसरा मीडिया. कुछ दिन पहले ही उन्होंने सीमेंट सेक्टर की कंपनी सांघी सीमेंट (Sanghi Cement) का अधिग्रहण किया है और अब मीडिया कंपनी IANS को भी अपना बना लिया है.

1986 में हुई थी स्थापना
आईएएनएस यानी Indo-Asian News Service एक प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी है. इसकी स्थापना 1986 में भारतीय अमेरिकी पब्लिशर Gopal Raju ने India Abroad News Service के रूप में की थी, बाद में इसका नाम बदल दिया गया. IANS अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी में भी समाचार उपलब्ध कराती है. इसकी हिंदी सेवा की शुरुआत 1995 में हुई थी. हिंदी सेवा के तहत हर रोज करीब 150 स्टोरी तैयार की जाती हैं. अडानी समूह के इस न्यूज एजेंसी को अपना बनाने की खबर अचानक ही सामने आई है. हालांकि, फिलहाल ये साफ नहीं है कि अडानी ने यह सौदा कितने में किया है. 

इन्हें भी बनाया है अपना
उद्योगपतियों का मीडिया से प्यार कोई नया नहीं है. मीडिया अपने साथ तमाम तरह के फायदे लाता है और साथ ही इसमें अपार संभावनाएं भी मौजूद हैं. इसलिए गौतम अडानी भी खुद को इस सेक्टर में मजबूत करना चाहते हैं. IANS के अधिग्रहण के साथ उनके मीडिया पोर्टफोलियो में कंपनियों की संख्या बढ़कर 3 हो गई है. पिछले साल मार्च में अडानी ने क्विंटिलियन बिजनेस मीडिया (Quintillion Business Media) का अधिग्रहण किया था. क्विंटिलियन डिजिटल प्लेटफॉर्म BQ प्राइम का संचालन करता है. इसी तरह, अडानी ग्रुप एनडीटीवी (NDTV) को भी अपना बना चुका है. NDTV के अधिग्रहण को लेकर देश में काफी बवाल मचा था, लेकिन अडानी ने बड़े आराम से डील पूरी कर ली. 

और भी हो सकती हैं डील!
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अडानी समूह मीडिया सेक्टर में मजबूती से पैर जमाने की स्थिति में आ गया है. उसके पास NDTV जैसा बड़ा मीडिया हाउस है और IANS जैसी दिग्गज न्यूज़ एजेंसी. उनका यह भी कहना है कि गौतम अडानी आने वाले समय में कुछ और मीडिया कंपनियों को भी अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर सकते हैं. अडानी के NDTV के अधिग्रहण से ही यह साफ हो गया था कि उन्होंने इस सेक्टर को लेकर बड़ा प्लान बना रखा है. अब IANS की डील लॉक करके उन्होंने फिर यह साबित कर दिया है. बता दें कि वित्त वर्ष 2022-23 में आईएएनएस का रिवेन्यु 11.86 करोड़ रुपए रहा था.


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