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IIIT दिल्ली दीक्षांत समारोह: डॉ. आनंद देशपांडे का संदेश ‘युवा बनाएंगे भारत की नई तकनीकी राह’
IIIT-दिल्ली का 14वां दीक्षांत समारोह ने यह स्पष्ट किया कि भारत की नई तकनीकी पीढ़ी न केवल ज्ञान में अग्रणी है, बल्कि देश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में नेतृत्व करने को भी तैयार है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago
इंद्रप्रस्थ सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली (IIIT-Delhi) ने शनिवार को अपना 14वां दीक्षांत समारोह बड़े उत्साह के साथ मनाया. इस अवसर पर स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट कार्यक्रमों के कुल 780 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं. कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को कुलाधिपति स्वर्ण पदक, संस्थान रजत पदक, सर्वांगीण प्रदर्शन पदक, सर्वश्रेष्ठ बी.टेक. परियोजना पुरस्कार, एम.टेक. उत्कृष्ठता स्वर्ण पदक, श्रेष्ठ एम.टेक. शोध प्रबंध पुरस्कार और पीएच.डी. शोध प्रबंध पुरस्कार प्रदान किए गए.
517 बी.टेक., 226 एम.टेक. और 34 पीएच.डी. छात्रों को मिली डिग्रियां
इस वर्ष कुल 517 बी.टेक. विद्यार्थियों ने डिग्री प्राप्त की, जिनका अध्ययन कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशंस, कंप्यूटर साइंस एंड एप्लाइड मैथमेटिक्स, कंप्यूटर साइंस एंड डिज़ाइन, कंप्यूटर साइंस एंड सोशल साइंसेज़, कंप्यूटर साइंस एंड बायोसाइंसेज, और कंप्यूटर साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में हुआ था. इसके अलावा 226 एम.टेक. छात्रों (जिनमें तीन द्वैध डिग्री धारक शामिल हैं) और 34 पीएच.डी. शोधार्थियों को भी उपाधि दी गई. इनके अनुसंधान क्षेत्र कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशंस, ह्यूमन-सेंटर्ड डिज़ाइन, गणित, तथा समाज विज्ञान और मानविकी रहे.
दिल्ली के उपराज्यपाल और संस्थान के कुलाधिपति विनय कुमार सक्सेना ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और मार्गदर्शकों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह सफलता केवल विद्यार्थियों की नहीं, बल्कि उन सभी की है जिन्होंने उनके साथ कदम से कदम मिलाकर उनका साथ दिया.
मुख्य अतिथि के रूप में शामिल पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के संस्थापक और चेयरमैन डॉ. आनंद देशपांडे ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “आप सभी अब अपने पेशेवर जीवन की नई शुरुआत करने जा रहे हैं. IIIT-दिल्ली के प्रशिक्षित और ऊर्जावान स्नातक भारत की तकनीक और इंजीनियरिंग को नई दिशा देंगे. यह वही पीढ़ी है जो ‘स्वावलंबी और विकसित भारत’ के प्रधानमंत्री मोदी के विजन को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी.”
नवाचार और प्रगति का वर्ष रहा 2024-25
संस्थान के निदेशक प्रो. रंजन बोस ने इस अवसर पर वार्षिक रिपोर्ट 2024-25 प्रस्तुत की. उन्होंने बताया कि यह वर्ष अकादमिक नवाचार, अत्याधुनिक शोध, उद्यमशील पहल और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों वाला रहा. स्नातकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “IIIT-दिल्ली में आपने यह सीखा है कि हर चुनौती एक अवसर है, अवसर अलग ढंग से सोचने का, सीखने का और अपनी क्षमता को पहचानने का. जैसे ही आप नई दुनिया में कदम रख रहे हैं, अपने ज्ञान को करुणा और जिम्मेदारी के साथ उपयोग करें. नवाचार करें, परिवर्तन लाएँ, लेकिन हमेशा मानवीयता को साथ रखें.”
बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन प्रो. राजेश श्रीवास्तव ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा, “IIIT-दिल्ली ने अपनी स्थापना के मूल उद्देश्यों नवाचार, उत्कृष्टता और सामाजिक प्रभाव को निरंतर आगे बढ़ाया है. चौदहवें दीक्षांत समारोह के इस अवसर पर यह देखकर खुशी होती है कि संस्थान शिक्षा, शोध और उद्यमशीलता के क्षेत्र में लगातार अग्रणी बना हुआ है. हमारे स्नातक न केवल तकनीकी ज्ञान लेकर जा रहे हैं, बल्कि यह जिम्मेदारी भी कि वे तकनीक को और अधिक मानवीय और उपयोगी बनाएं.”
दीक्षांत समारोह में सम्मानित विद्यार्थी
बी.टेक. पुरस्कार प्राप्तकर्ता:
1. कुलाधिपति स्वर्ण पदक: अर्नव अग्रवाल, नलिश जैन
2. संस्थान रजत पदक: अल्हद सेठी, सिद्धार्थ गुप्ता, एन नारोतम, जुबैदा फातिमा, शिवम कुरदा
3. सर्वांगीण प्रदर्शन पदक: नलिश जैन, वेदांत गुप्ता, आदित्य गिर्धर
4. सर्वश्रेष्ठ बी.टेक. परियोजना पुरस्कार: सेजल खुराना
एम.टेक. पुरस्कार प्राप्तकर्ता:
1. उत्कृष्ठ शैक्षणिक प्रदर्शन हेतु स्वर्ण पदक: पुनीत कुमार
2. श्रेष्ठ एम.टेक. शोध प्रबंध पुरस्कार: अमीषा गुप्ता, अल्का सिंह, आदित्य पीर, पुनीत कुमार, जीत टेकचंदानी, अभिषेक जैन
पीएच.डी. शोध प्रबंध पुरस्कार:
अविनाश आनंद, ख्याति, यमन कुमार, जस्मीत कौर, मानसी गोयल, गायत्री पांडा, आयुषी मित्तल, असीम श्रीवास्तव और विशाखा
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