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IIIT दिल्ली में शिक्षा और अनुसंधान का नया अध्याय: AI, साइबर सिक्योरिटी और इंटरनेशनल कोलैबोरेशन पर जोर
IIIT दिल्ली ने देश का पहला बी.टेक. कोर्स पेश किया है, जिसमें कंप्यूटर साइंस और इकनॉमिक थिंकिंग का अनोखा समावेश होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago
इंद्रप्रस्थ सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT Delhi) ने इस वर्ष एक अनोखा बीटेक कोर्स शुरू किया है जो कंप्यूटर साइंस और आर्थिक सोच (Economic Thinking) को जोड़ता है. यह देश का पहला ऐसा कोर्स है जो तकनीकी और आर्थिक विश्लेषण को एक साथ सिखाएगा. यह जानकारी शनिवार को IIIT दिल्ली के 14वें दीक्षांत समारोह के दौरान संस्थान के निदेशक प्रो रंजन बोस ने दी. उन्होंने कहा कि आज के समय में समस्याओं का समाधान किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा है, इसलिए यह इंटरडिसिप्लिनरी (Interdisciplinary) कोर्स छात्रों को बहुआयामी दृष्टिकोण के साथ प्रशिक्षित करेगा.
मानव-कंप्यूटर इंटरैक्शन पर नया पीजी डिप्लोमा
प्रोफेसर रंजन ने बताया कि IIIT Delhi ने ‘ह्यूमन-कंप्यूटर इंटरैक्शन’ पर एक नया पीजी डिप्लोमा कोर्स और माइनर प्रोग्राम भी लॉन्च किया है. संस्थान का कहना है कि भविष्य में मानव और कंप्यूटर का जुड़ाव और गहरा होगा, इसलिए यह आवश्यक है कि तकनीक को डिजाइन करते समय मानव केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया जाए.
फ्रांस के साथ संयुक्त मास्टर्स प्रोग्राम
संस्थान ने फ्रांस की टॉप यूनिवर्सिटी Université Côte d’Azur के साथ एक संयुक्त मास्टर्स प्रोग्राम भी शुरू किया है. यह “वन-प्लस-वन” टाइप का कोर्स है जिसमें भारतीय और फ्रेंच छात्र एक साथ दोनों संस्थानों में अध्ययन करेंगे. इससे छात्रों को वैश्विक अनुभव और अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान के अवसर मिलेंगे.
साइबर सिक्योरिटी पर फोकस, हरियाणा पुलिस के साथ प्रोजेक्ट
संस्थान की फैकल्टी REC Foundation के सहयोग से हरियाणा पुलिस के साथ दो करोड़ रुपये के साइबर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. इस प्रोजेक्ट के तहत एक ग्राफ डेटाबेस और विजुअलाइजेशन टूल तैयार किया जा रहा है जो संगठित अपराधों और साइबर हमलों का विश्लेषण करने में मदद करेगा. संस्थान उद्योग और सरकारी पेशेवरों को साइबर सिक्योरिटी और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निरंतर प्रशिक्षण भी दे रहा है.
AI अनुसंधान में अग्रणी
IIIT Delhi में 25 से अधिक फैकल्टी सदस्य AI (Artificial Intelligence) से जुड़ी रिसर्च में कार्यरत हैं. संस्थान का Infosys Centre for AI फेडरेटेड लर्निंग, जीनोमिक्स, ड्रग डिस्कवरी और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में काम कर रहा है. AI आधारित ड्रग डिस्कवरी और *सिंगल-सेल जीनोमिक्स* पर चल रहे प्रोजेक्ट देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं.
स्टार्टअप्स और इनोवेशन को प्रोत्साहन
संस्थान का iHub Anubhuti Incubation Centre अब तक 100 से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग दे चुका है जिनमें से 49 वर्तमान में सक्रिय हैं. पिछले एक वर्ष में इसने स्टार्टअप्स को ₹6.5 करोड़ की सीड फंडिंग* दी है. IIIT Delhi स्टार्टअप्स को टेक्नोलॉजिकल सपोर्ट देने के साथ-साथ इंडस्ट्री को रिसर्च-बेस्ड सॉल्यूशंस भी उपलब्ध करा रहा है.
AI आधारित हेल्थकेयर सॉल्यूशंस
IIIT Delhi के फैकल्टी ने AI आधारित एक सिस्टम तैयार किया है जो AIIMS के ICU में मरीजों के स्वास्थ्य का रियल टाइम डेटा विश्लेषण कर यह भविष्यवाणी कर सकता है कि अगले 24 घंटे में कौन-सा मरीज अधिक जोखिम में है. यह मॉडल डॉक्टरों को प्राथमिकता तय करने और बेहतर निगरानी में मदद करेगा.
स्पेस टेक्नोलॉजी सेंटर और नेशनल प्रोजेक्ट्स
IIIT Delhi ने हाल ही में Space Technology Centre की स्थापना की है जो अब सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है. यह केंद्र Manekshaw Centre के साथ जुड़े राष्ट्रीय कंसोर्टियम का हिस्सा है जिसमें IIT Kanpur, IIT Guwahati, IIT Dhanbad और IIT Jodhpur जैसे संस्थान शामिल हैं.
AI और अकादमिक रिसर्च में संतुलन पर जोर
संस्थान के निदेशक ने बताया कि UGC के दिशानिर्देशों के अनुसार शोधपत्रों में 10% तक AI टूल्स (जैसे Grammarly या ChatGPT) का उपयोग स्वीकार्य है, परंतु रिसर्च की मौलिकता बनाए रखना जरूरी है. संस्थान इस दिशा में छात्रों को प्रशिक्षण दे रहा है कि वे AI को सहायक के रूप में उपयोग करें, न कि पूर्ण निर्भरता के रूप में.
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