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3 दिन में 26% टूटा Zomato का शेयर, आखिर क्यों आ रही है इतनी गिरावट

पिछले साल नवंबर में Zomato के शेयर ने 169.10 रुपये का ऑल टाइम हाई बनाया था, तब से लेकर अबतक ये 75 परसेंट से ज्यादा टूटा चुका है. पिछले साल 23 जुलाई 2021 को Zomato ने शेयर बाजार में एंट्री की थी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

मुंबई: Paytm के बाद अब फूड डिलिवरी कंपनी Zomato के शेयरों में गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है. बीते 3 दिनों में Zomato का शेयर 26 परसेंट से ज्यादा टूट चुका है, जिससे निवेशकों के 9000 करोड़ रुपये साफ हो चुके हैं. कल Zomato का शेयर 41.65 रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था, आज ये और गिरकर 40.95 रुपये पर खुला और ट्रेडिंग के दौरान 40.55 का नया ऑल टाइम लो बनाया. इसके पहले सोमवार को Zomato का शेयर 14 परसेंट टूटा था और 46 रुपये का निचला स्तर छुआ था. 

निवेशकों के 9000 करोड़ से ज्यादा साफ
पिछले साल नवंबर में Zomato के शेयर ने 169.10 रुपये का ऑल टाइम हाई बनाया था, तब से लेकर अबतक ये 75 परसेंट से ज्यादा टूटा चुका है. पिछले साल 23 जुलाई 2021 को Zomato ने शेयर बाजार में एंट्री की थी, लेकिन तबसे लेकर अबतक इसका शेयर 62 परसेंट तक टूट चुका है. इस गिरावट के चलते Zomato का मार्केट कैप भी अब 33 हजार करोड़ रुपये के नीचे चला गया है, जबकि लिस्टिंग के दिन इसका मार्केट कैप 98,849 करोड़ रुपये था. 

क्यों गिर रहे हैं Zomato के शेयर
फूड डिलिवरी के क्षेत्र में Zomato के अलावा Swiggy एक बड़ी कंपनी है, लेकिन Zomato इस क्षेत्र में इकलौती लिस्टेड कंपनी है. बावजूद इसके आखिर क्यों Zomato लगातार टूट रहा, क्या वजह है कि इसके शेयरों में गिरावट थम नहीं रही है. Zomato के शेयरों में गिरावट क्यों आ रही है, इसे समझने के लिए आपको समझना होगा कि जब कंपनी का IPO 23 जुलाई 2021 को  लाया गया था, उससे पहले प्रमोटर्स, कर्मचारियों और दूसरे शेयरहोल्डर्स को इसके शेयर दिए गए थे. ये सभी इन शेयरों को एक तय समससीमा से पहले नहीं बेच सकते, Zomato के केस में ये लॉक इन पीरियड 1 साल का था. मार्केट रेगुलेटर सेबी के नियमों के मुताबिक जिस कंपनी के प्रमोटर्स नहीं होते तो उसके प्री-IPO शेयरों का लॉक इन पीरियड 1 साल का होता है. 

ऐसे में 23 जुलाई 2022 को शेयरों का लॉक इन पीरियड खत्म हो गया, अब प्रमोटर्स, शेयरहोल्डर्स और कर्मचारी कंपनी में अपने शेयरों को बेच सकते हैं. यहां तक बात समझ आ गई तो आगे समझिए. हुआ यूं कि ये सभी लोग Zomato के शेयरो में ये शेयरोल्डर्स कुल पेडअप कैपिटल का 78 परसेंट हिस्सेदारी रखते हैं, यही वजह है कि जब इन्होंने अपने शेयर बेचने शुरू किए तो Zomato में लगातार गिरावट आती चली गई. लॉक इन पीरियड खत्म होने के बाद शेयरहोल्डर्स को किसी तरह के डिस्क्लोजर देने की भी जरूरत नहीं होती है, इसलिए मार्केट एक्सपर्ट्स ने पहले ही आगाह कर दिया था कि Zomato के शेयरों में तेज गिरावट आ सकती है.

Moore ने बेची अपनी पूरी शेयरहोल्डिंग
इसके आगे खबर ये है कि Zomato के शेयरों में बिकवाली का दबाव अभी खत्म नहीं हुआ है. पता चला है कि वेंचर कैपिटल फर्म Moore Strategic Ventures ने भी अपनी पूरी 4.25 करोड़ शेयरों को 44 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचकर कंपनी से किनारा कर लिया है. आंकड़ों के मुताबिक Moore के ट्रेड साइज 187 करोड़ रुपये रहा, जबकि उसने IPO से पहले ये होल्डिंग 191 करोड़ में खरीदी थी. यानी Moore को करीब 4 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है. 

आपको बता दें कि  Zomato की लिस्टिंग पिछले साल 23 जुलाई को हुई थी, 76 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले ये BSE पर 115 रुपये पर लिस्ट हुआ था यानी निवेशकों को 51 परसेंट का प्रीमियम मिला था. इतना ही नहीं कंपनी का मार्केट कैप 1 ट्रिलियन रुपये के भी पार निकल गया था, जब इसने 169 रुपये का ऑल टाइम हाई छुआ था, लेकिन उसके बाद से कंपनी ने कभी उस ऊंचाई की तरफ मुड़कर नहीं देखा.

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