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सरकार ने लैपटॉप इम्पोर्ट पर क्यों लगाया बैन? बढ़ सकती हैं कीमतें?

सरकार द्वारा बैन का सीधा मतलब होगा नए नियमों के तहत लैपटॉप, टेबलेट और कंप्यूटर निर्माता कंपनियों को इम्पोर्ट लाइसेंस प्राप्त करना होगा.

पवन कुमार मिश्रा 2 years ago

हाल ही में भारत ने लैपटॉप, PC, टेबलेट और कुछ अन्य कंप्यूटर्स (Laptop ban) पर बैन लगा दिया था. देश में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और कुछ सुरक्षा कारणों से ऐसा किया गया था. जहां एक तरफ सरकार के इस फैसले से भारत में इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा मिला है, वहीं कुछ लोगों ने ‘लाइसेंस राज’ को लेकर सरकार पर निशाना भी साधा था. 

कंज्यूमर्स को होगी परेशानी?
पहले यह जान लेना जरूरी है कि आखिर सरकार द्वारा लगाए गए बैन का क्या मतलब है? अगर आसान शब्दों में कहें तो सरकार द्वारा बैन लगाने का सीधा मतलब ये होगा कि नए नियमों के तहत लैपटॉप, टेबलेट और कंप्यूटर निर्माता कंपनियों को इम्पोर्ट लाइसेंस प्राप्त करना होगा. जहां सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला देश में लैपटॉप और कंप्यूटर निर्माण को बढ़ावा दे सकता है, वहीं दूसरी तरफ हमें इस बात का ध्यान भी रखना होगा कि कंपनियों को जो समय लाइसेंस प्राप्त करने में लगेगा उसकी वजह से भारत में लैपटॉप और कंप्यूटरों के नए मॉडल्स की रिलीज में भी समय लगेगा. इससे भारतीय कंज्यूमर्स को थोड़ी परेशानी उठानी पड़ सकती है.

क्यों लगाया गया बैन? 
भारत सरकार द्वारा लगाए गए इम्पोर्ट के दो प्रमुख कारण तो आपको शुरुआत में ही बता दिए गए थे लेकिन आइए अब इस विषय पर थोड़ा गहराई से बात कर लेते हैं. भारत सरकार विदेशी कंपनियों को भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए आकर्षित तो करना चाहती ही है, साथ ही भारतीय कंपनियों को भी मौका देना चाहती हैं. कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो अप्रैल 2023 से जून 2023 के बीच इम्पोर्ट किए गए लैपटॉप, टेबलेट और कंप्यूटर्स की कीमत 19.7 बिलियन डॉलर्स थी. भारत में लैपटॉप, टेबलेट और कंप्यूटरों का इम्पोर्ट 6% प्रतिवर्ष की दर से बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. 

क्या बढेंगी कीमतें?
बैन लगाए जाने के बाद DGFT ने एक बयान में कहा था कि लैपटॉप, कंप्यूटर और टेबलेट को इम्पोर्ट करने की लाइसेंसिंग पूरी करने के लिए 31 अक्टूबर 2023 को आखिरी तारीख के रूप में चुना गया है. दूसरी तरफ एक सवाल ये भी है कि क्या लाइसेंसिंग के नियमों में बदलाव होने से लैपटॉप, टेबलेट या फिर कंप्यूटरों की कीमतों पर किसी तरह का प्रभाव नहीं पड़ेगा. देश में इम्पोर्ट की गई यूनिट्स की संख्या में बदलाव नहीं होगा, जिसकी वजह से लैपटॉप, टेबलेट और कंप्यूटरों की कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा.
 

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