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India-Canada विवाद का क्या आपकी थाली पर भी पड़ेगा असर, बढ़ जाएंगे दाल के दाम? 

खालिस्तान के मुद्दे पर भारत और कनाडा के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. भारत ने कनाडा के नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं भी निलंबित कर दी हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

भारत और कनाडा के बीच विवाद (India-Canada Tension) बढ़ने से एक सवाल यह भी उत्पन्न हो गया है कि क्या देश में दालों के दाम बढ़ने वाले हैं? दरअसल, भारत कनाडा से बड़ी मात्रा में दाल, खासकर मसूर खरीदता है. अब जब दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ कार्रवाई को आतुर नजर आ रहे हैं, तो क्या आयात प्रभावित होगा? खालिस्तान आतंकी की मौत को लेकर भारत और कनाडा आमने-सामने हैं. दोनों के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया है कि भारत सरकार ने कनाडा के नागरिकों की देश में एंट्री बैन कर दी है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भारत और भी कुछ कड़े फैसले ले सकता है. 

खपत से कम होती है पैदावार
भारत में दलहन की खपत सालाना करीब 230 लाख टन है, जबकि पैदावार इससे कम होती है. इसलिए भारत कनाडा से दाल आयात करता है. एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 22-23 में भारत ने 8.58 लाख टन मसूर दाल का आयात किया था, जिसमें से 4.8 लाख टन अकेले कनाडा से था. जबकि इस जून तिमाही के दौरान 3 लाख टन मसूर का आयात किया गया और इसमें कनाडा की हिस्सेदारी 2 लाख टन से ज्यादा रही. इसलिए आशंका जताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच बढ़ते विवाद से आम आदमी की थाली से मसूर गायब हो सकती है, क्योंकि डिमांड के अनुरूप सप्लाई नहीं होने से कीमत बढ़ना लाजमी है.  

इसलिए नहीं पड़ेगा कोई फर्क
हालांकि, सरकार का कहना है कि कनाडा के साथ ताजा विवाद के चलते दाल के आयात या इसकी कीमतों पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है. क्योंकि भारत किसी एक देश पर निर्भर नहीं है. एक मीडिया रिपोर्ट में कुछ वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और व्यापार निकायों के हवाले से बताया गया है कि मौजूदा हालातों से मसूर के आयात पर असर पड़ने की संभावना नहीं है. भारत पिछले कुछ समय से दाल के आयात में विविधता लेकर आया है और अब वो किसी एक देश पर बहुत अधिक निर्भर नहीं है. इसके अलावा, भारत ने हाल ही में अमेरिका से मसूर दाल के आयात को किसी भी प्रकार के सीमा शुल्क से पूरी तरह मुक्त कर दिया है. लिहाजा, दाल की कमी या कीमतें बढ़ने की आशंका नहीं है. 

कनाडा को होगा बड़ा नुकसान
अधिकारियों का कहना है कि कनाडा से पहले ही बड़ी मात्रा में दाल आयात हो चुकी है. अब अमेरिकी दाल आयात पर सीमा शुल्क में छूट की अनुमति भी मिल गई है. लिहाजा, आपूर्ति संबंधी कोई समस्या नहीं है. भारत ने इस साल ऑस्ट्रेलिया से भी मसूर दाल का काफी आयात किया है. एक्सपर्ट मानते हैं कि यदि दोनों देशों के रिश्ते जल्द नहीं सुधरते और भारत सरकार कनाडा से दाल न खरीदने का फैसला लेती है, तो कनाडा की मुश्किलें बढ़ जाएंगी. गौरतलब है कि भारत और कनाडा दोनों एक-दूसरे से कुछ न कुछ इम्पोर्ट करते हैं. भारत द्वारा कनाडा से मंगाए जाने वाले सामान की बात करें, तो उसमें दाल के साथ-साथ न्यूजप्रिंट, कोयला, फर्टिलाइजर, वुड पल्प और एल्युमीनियम जैसे सामान शामिल हैं. 


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