होम / एक्सप्लेनर / आखिर क्यों इस महारत्न तेल कंपनी पर आ गए हैं सकंट के बादल, मार्च से गिर रहा है प्राइस

आखिर क्यों इस महारत्न तेल कंपनी पर आ गए हैं सकंट के बादल, मार्च से गिर रहा है प्राइस

जून 2014 में देश की सबसे बड़ी तेल और गैस खोजकर्ता ओएनजीसी सबसे मूल्यवान कंपनी बनकर सुर्खियां बटोर रही थी, जिसका बाजार पूंजीकरण बढ़कर 3.7 लाख करोड़ रुपये हो गया था.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्लीः 2014 तक सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनियों में शुमार रही ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) की हालत दिन पर दिन खराब होती जा रही है. जून 2014 में देश की सबसे बड़ी तेल और गैस खोजकर्ता ओएनजीसी सबसे मूल्यवान कंपनी बनकर सुर्खियां बटोर रही थी, जिसका बाजार पूंजीकरण बढ़कर 3.7 लाख करोड़ रुपये हो गया था, जो उस समय की आईटी सेवाओं की दिग्गज कंपनी टीसीएस को पार कर गया था. यहां तक ​​कि उस समय ओएनजीसी के शेयर ने भी 314 रुपये प्रति शेयर के उच्चतम स्तर को छुआ था. 

मार्च 2022 से बिगड़ी हालत

मार्च 2022 में कंपनी का स्टॉक 27 फीसदी नीचे चला गया था. तब यह 194.6 रुपये पर कारोबार कर रहा था. अब आज की तारीख में कंपनी का शेयर और गिरकर बीएसई पर 132.80 रुपये के भाव से कारोबार कर रहा है. कंपनी का मार्केट कैप काफी गिर गया है, क्योंकि उसके पुराने तेल व गैस के कुंओं खाली हो गए हैं. इसके साथ ही ईंधन की बढ़ती कीमतों के दौरान भी उसे ज्यादा लाभ नहीं पहुंचा है. 

कंपनी ने तैयार किया था रोडमैप, लेकिन असर नहीं

कंपनी ने मई 2022 में एक रोडमैप तैयार किया था, जिसमें उसने अगले तीन वित्तीय वर्षों में लगभग 31,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय को आवंटित करते हुए, अपने अन्वेषण अभियान को और तेज करने के लिए कदम उठाने पर जोर दिया था. यह वित्त वर्ष 19-22 के दौरान पिछले तीन वित्त वर्ष में 20,670 करोड़ रुपये के अन्वेषण व्यय का 150 प्रतिशत है. ओएनजीसी ने इसके लिए प्रतिष्ठित वैश्विक बड़ी कंपनियों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग का लाभ उठाने की भी योजना बनाई थी.

6 महीनों में हुई बड़ी गिरावट

इन छह महीनों में कंपनी का शेयर लगातार गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है. जुलाई 2022 में शुरुआती पांच दिनों में कंपनी का शेयर 13 फीसदी तक गिर गया. मार्च 2022 तिमाही के लिए, कंपनी का राजस्व 37% YoY बढ़ा. इसने शुद्ध लाभ में 10% की सालाना वृद्धि की भी सूचना दी क्योंकि इसे तेल की कीमतों में वृद्धि से लाभ हुआ. कंपनी ने 8 मार्च 2022 को अपने 52-सप्ताह के उच्च ₹ 194.9 और 23 अगस्त 2021 को ₹ 108.5 के 52-सप्ताह के निचले स्तर को छुआ. वर्तमान में कंपनी 3.3 गुना के पीई (प्राइस टू अर्निंग) गुणक पर कारोबार कर रही है. यह अपने उद्योग पीई के 5.26 गुना से कम कारोबार कर रहा है और वर्तमान में इसका मूल्यांकन नहीं किया गया है. 

70 फीसदी कच्चे तेल का उत्पादन

ओएनजीसी भारत में सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली सबसे बड़ी तेल और गैस उत्पादन और अन्वेषण कंपनी है. कंपनी भारत के कच्चे तेल का 70% उत्पादन करती है. यह देश में कुल मांग के लगभग 57% के बराबर है. यह भारत की 84% प्राकृतिक गैस का भी उत्पादन करता है. ओएनजीसी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और भारत सरकार के स्वामित्व में है. यह देश में 11,000 किलोमीटर से अधिक पाइपलाइनों का मालिक है और इसका संचालन करता है.

उत्पादन में लगातार हो रही है बढ़ोतरी

राज्यसभा में सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, ओएनजीसी का स्टैंडअलोन कच्चे तेल का उत्पादन 2020-21 में 20.273 मिलियन मीट्रिक टन (MMT), 2019-20 में 20.714 MMT, 2018-19 में 21.111 MMT, 2017-18 में 22.305 MMT और 22.249 एमएमटी 2016-17 में था. दूसरी ओर कंपनी का प्राकृतिक गैस उत्पादन, 2020-21 में 22.096 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM), 2019-20 में 23.853 BCM, 2018-19 में 24.747 BCM, 2017-18 में 23.484 BCM और 2016-17 में 22.088 BCM रहा.  

VIDEO: असली में कौन हैं भगवान श्री कृष्ण? समझने के लिए ये वीडियो देखें

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

समझिए: भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण क्यों नहीं माना जाता?

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट कानूनी रूप से एक यात्रा दस्तावेज है, न कि नागरिकता का अंतिम प्रमाण.

26-June-2026

क्या है 65 साल पुराना सिंधु जल समझौता, जिससे पाकिस्तान में मचेगा हाहाकार, कितना होगा असर?

भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ 1960 से चले आ रहे जल समझौते का बोझ आगे नहीं ढोएगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद को प्रभावी रूप से बंद नहीं कर देता है.

24-April-2025

अमेरिका के टैरिफ लगाने से भारत के किस सेक्टर्स पर क्या होगा असर? जानिए डिटेल्स

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को बड़ा झटका दिया है. ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है. जिससे भारत के निर्यात पर गहरा असर देखने को मिल सकता है.

03-April-2025

भारत की तरक्की को कई गुना बढ़ा रही महिला एंटरप्रेन्योर, NeoGrowth की रिपोर्ट में आया सामने

3,000 से अधिक महिला उद्यमियों के सर्वेक्षण पर आधारित इस रिपोर्ट में महिलाओं की व्यापारिक सफलता और उनके सामने आने वाली चुनौतियों दोनों को दिखाया गया है.

06-March-2025

अडानी परिवार की शादी का उत्सव: परंपरा, आधुनिकता और समाज सेवा का संगम

यह शादी सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि अडानी परिवार की समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसमें हर पहलू में कला, परंपरा और सशक्तिकरण जुड़ा हुआ है.

24-February-2025


बड़ी खबरें

SBI ने AT-1 बॉन्ड से जुटाए ₹4,691 करोड़, निवेशकों के भरोसे से मजबूत हुई पूंजी

SBI ने इस AT-1 बॉन्ड इश्यू का बेस साइज 3,000 करोड़ रुपये रखा था, जबकि कुल इश्यू साइज 5,000 करोड़ रुपये था.

3 hours ago

भारत के रिटेल बाजार में D2C ब्रांड्स की बढ़ी पकड़, H1 2026 में लीजिंग गतिविधियों में 28% हिस्सेदारी: CBRE

देश में कुल रिटेल लीजिंग गतिविधि जनवरी से जून 2026 के बीच सालाना आधार पर 20 फीसदी बढ़कर करीब 39 लाख वर्ग फुट पहुंच गई. इसमें अप्रैल-जून तिमाही का योगदान करीब 20 लाख वर्ग फुट रहा.

3 hours ago

अडानी पोर्ट्स के Q1 नतीजे दमदार, मुनाफा ₹3,620 करोड़; इंटरनेशनल पोर्ट्स कारोबार ने दी रफ्तार

कार्गो वॉल्यूम, इंटरनेशनल पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स कारोबार की मजबूत ग्रोथ से बढ़ी कमाई. FY27 के लिए ₹45,000 करोड़ तक के रेवेन्यू का अनुमान बरकरार.

5 hours ago

लोकसभा से पास हुआ एंटी पेपर लीक संशोधन बिल; दोषियों को 10 साल जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माना

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने 27 जुलाई को यह संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया था. यह कदम देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच उठाया गया है.

4 hours ago

GST फ्रॉड पर बड़ा शिकंजा: ₹74,782 करोड़ के फर्जी ITC दावों का खुलासा, महाराष्ट्र-गुजरात में सबसे ज्यादा मामले

सरकार ने फर्जी GST रजिस्ट्रेशन के मामलों की जानकारी भी साझा की. वित्त वर्ष 2025-26 में जाली PAN और आधार कार्ड जैसे दस्तावेजों के जरिए बनाए गए 1,517 नकली GST रजिस्ट्रेशन पकड़े गए.

8 hours ago