होम / एक्सप्लेनर / दुनिया भर में EV की डिमांड, फिर भी वॉरेन बफे तेल कंपनियों में लगा रहे हैं पैसा, ऐसा क्यों?

दुनिया भर में EV की डिमांड, फिर भी वॉरेन बफे तेल कंपनियों में लगा रहे हैं पैसा, ऐसा क्यों?

विश्व के दिग्गज अरबपतियों में से एक और बर्कशायर हैथवे के सीईओ और चेयरमैन वॉरेन बफे का भरोसा अभी भी तेल कंपनियों पर ज्यादा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

नई दिल्लीः जहां दुनिया भर में ग्रीन एनर्जी, ग्रीन व्हीकल्स पर सरकारें और कंपनियां जोर दे रही हैं, क्लाइमेट चेंज की वजह से पर्यावरण और मौसम में जो बदलाव आ रहे हैं उससे हर कोई अपने को बदलने पर लगा है. वहीं विश्व के दिग्गज अरबपतियों में से एक और बर्कशायर हैथवे के सीईओ और चेयरमैन वॉरेन बफे का भरोसा अभी भी तेल कंपनियों पर ज्यादा है. पिछले कुछ सालों से वो लगातार तेल कंपनी के स्टॉक खरीदते जा रहे हैं और उसमें उनकी हिस्सेदारी 20 फीसदी तक पहुंच गई है. 

कंपनी के शेयरों की कीमत में उछाल

फोर्ब्स के अनुसार, 2019 से बफे ऑक्सिडेंटल पेट्रोलियम के शेयर खरीद रहे हैं. ऑक्सिडेंटल कार्बन प्रबंधन कंपनी बन रही है. उनके पास पर्मियन में शुरू होने वाले कार्बन कैप्चर एंड स्टोरेज (सीसीएस) उद्यम स्थापित करने की बड़ी योजनाएं हैं जहां उन्होंने कई वर्षों तक तेल और गैस का संचालन और उत्पादन किया है. इस कंपनी का शेयर साल-दर-साल के आधार पर 80 फीसदी तक बढ़ गया है. 

इस साल किया 27 बिलियन डॉलर का निवेश

Business Insider के अनुसार, बर्कशायर हैथवे ने इस साल कुल 27 बिलियन डॉलर का निवेश तेल कंपनियों में किया है. पहली तिमाही में शेवरॉन के 8 फीसदी स्टॉक खरीदने के लिए 17 बिलियन डॉलर का निवेश किया और फरवरी से लेकर के अभी तक ऑक्सिडेंटल पेट्रोलियम के 19 फीसदी से अधिक के स्टॉक की खरीद के लिए लगभग 10 बिलियन डॉलर का भुगतान किया है.

क्या खरीदने जा रहे हैं पूरी कंपनी

तेल की कीमतों और मांग में काफी उछाल देखने को मिला है. वहीं ग्रीन एनर्जी की तरफ कई बड़ी कंपनियों ने अपना रुख किया है. लेकिन बफे का लगातार गैस और तेल के प्रोडक्शन में लगी कंपनी में निवेश करके अपनी होल्डिंग को बढ़ाना प्रश्न पैदा करता है. ऑक्सिडेंटल की एक कंपनी स्पिनऑफ पर्मियन बेसिन में डायरेक्ट-एयर-कैप्चर सुविधा का निर्माण करने के लिए, एक कनाडाई कंपनी कार्बन इंजीनियरिंग के साथ जुड़ गई है.

बफे ने की थी तेल के बारे में यह राय

2011 में बफे ने कहा था "आपने पृथ्वी में बहुत सारे तिनके डाले हैं, और यह एक सीमित संख्या है. इसलिए, एक चीज जो मैं आपसे लगभग वादा कर सकता हूं, वह यह है कि किसी दिन तेल बहुत अधिक बिकेगा." (बफेट दुनिया भर में बड़ी संख्या में तेल रिसाव और कुओं और तेल की बढ़ती कमी का जिक्र कर रहे थे.)

सरकार का ईवी और अक्षय उर्जा पर जोर

भारत में भी कंपनियां ईवी और ग्रीन एनर्जी में अपना जोर दे रही हैं. अरबपति गौतम अडानी की कंपनी ने मंगलवार को सालाना एजीएम में कहा कि वो ग्रीन एनर्जी की मांग को पूरा करने के लिए 70 अरब डॉलर का निवेश करेंगे. भारत को कच्चे तेल के आयातक की जगह क्लनी एनर्जी का निर्यातक बनाने में मदद मिलेगी. इस कदम से तेल-गैस का इंपोर्ट कम होगा. उन्होंने यह भी कहा कि समूह अपनी वृद्धि को देश की आर्थिक प्रगति से जोड़कर देखता है.

सरकार की पॉलिसी के अनुरूप अब ज्यादातर ऑटो कंपनियां भी अपने ईवी फोर व्हील्स या टू-व्हीलर लेकर के आ गई हैं. इनकी बिक्री भी बढ़ गई है. वहीं घरों की छतों या खुले मैदान में विंड मिल अथवा सोलर पैनल व पार्क लगाने के लिए काफी सारी रिबेट मिल रही है. ये केवल भारत में देखने को नहीं मिल रहा है ब्लकि पूरी दुनिया में एक तरह से सरकारें मिलकर प्रयास कर रही हैं कि हम क्लाइमेट चेंज से होने वाले खतरों को कम करें. 

ऐसे में वॉरेन बफे का कदम आश्चर्य तो पैदा करता है, साथ ही यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या दुनिया तेल अथवा ग्रीन एनर्जी के बिना भी सोची जा सकती है या फिर ये केवल हवा-हवाई बाते हैं.

VIDEO: SBI में आपका अकाउंट है तो जरूर पढ़ें ये खबर


टैग्स
सम्बंधित खबरें

समझिए: भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण क्यों नहीं माना जाता?

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट कानूनी रूप से एक यात्रा दस्तावेज है, न कि नागरिकता का अंतिम प्रमाण.

26-June-2026

क्या है 65 साल पुराना सिंधु जल समझौता, जिससे पाकिस्तान में मचेगा हाहाकार, कितना होगा असर?

भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ 1960 से चले आ रहे जल समझौते का बोझ आगे नहीं ढोएगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद को प्रभावी रूप से बंद नहीं कर देता है.

24-April-2025

अमेरिका के टैरिफ लगाने से भारत के किस सेक्टर्स पर क्या होगा असर? जानिए डिटेल्स

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को बड़ा झटका दिया है. ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है. जिससे भारत के निर्यात पर गहरा असर देखने को मिल सकता है.

03-April-2025

भारत की तरक्की को कई गुना बढ़ा रही महिला एंटरप्रेन्योर, NeoGrowth की रिपोर्ट में आया सामने

3,000 से अधिक महिला उद्यमियों के सर्वेक्षण पर आधारित इस रिपोर्ट में महिलाओं की व्यापारिक सफलता और उनके सामने आने वाली चुनौतियों दोनों को दिखाया गया है.

06-March-2025

अडानी परिवार की शादी का उत्सव: परंपरा, आधुनिकता और समाज सेवा का संगम

यह शादी सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि अडानी परिवार की समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसमें हर पहलू में कला, परंपरा और सशक्तिकरण जुड़ा हुआ है.

24-February-2025


बड़ी खबरें

शहजाद पूनावाला के X बायो में बदलाव, BJP छोड़ने की अटकलों ने पकड़ा जोर

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने गुरुवार को अपने X प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें उनके बायो से 'नेशनल स्पोक्सपर्सन, BJP' हट चुका था.

14 hours ago

NSE IPO की राह हुई साफ, सेबी से 1,491 करोड़ रुपये में सुलझे सभी लंबित मामले

NSE के मुताबिक, सेबी की ओर से औपचारिक सेटलमेंट आदेश जारी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में लंबित सभी संबंधित मामले वापस ले लिए जाएंगे.

18 hours ago

NCR में प्रीमियम ऑफिस स्पेस पर M3M का बड़ा दांव, 600 करोड़ रुपये से बनेगा प्रीमियम बिजनेस हब

कंपनी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), बहुराष्ट्रीय कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और बड़े कॉरपोरेट्स की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है.

15 hours ago

भारत की रोजगार रिकवरी और वैश्विक उथल-पुथल: 5.5% बेरोजगारी की हकीकत

भारत की रोजगार यात्रा ने पिछले कुछ वर्षों में मजबूत सुधार दर्ज किया है. महामारी के बाद बेरोजगारी दर में आई गिरावट इस बात का संकेत है कि अर्थव्यवस्था ने रोजगार सृजन की क्षमता दिखाई है.

20 hours ago

ट्रंप का दावा- हमास के निरस्त्रीकरण पर बनी सहमति, गाजा से चरणबद्ध तरीके से हटेगी इजरायली सेना

ट्रंप के अनुसार, इस समझौते के तहत हमास का निरस्त्रीकरण और इजरायली सैनिकों की गाजा से वापसी चरणबद्ध तरीके से होगी.

20 hours ago