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क्या थी राकेश झुनझुनवाला की आखिरी इच्छा, जो रह गई अधूरी?

राकेश झुनझुनवाला ने आज से करीब दो साल पहले एक इंटरव्यू में बताया था कि वह कैसी अंतिम विदाई चाहते हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

शेयर बाजार का बिग बुल कहे जाने वाले राकेश झुनझुनवाला अब हमारे बीच नहीं हैं. 14 अगस्त को उनका मुंबई में निधन हो गया. दुनिया से रुखसत होने से कुछ वक्त पहले ही उन्होंने एविशन सेक्टर में बड़ा दांव खेला था. उनकी एयरलाइन 'आकासा' को अब उनकी गैर-मौजूदगी में उड़ान भरनी होगी. राकेश झुनझुनवाला ने जिंदगी में जो चाहा, वो पाया, लेकिन उनकी आखिरी इच्छा पूरी नहीं हो पाई.  

रिटायरमेंट प्लान पर ये था जवाब
राकेश झुनझुनवाला ने आज से करीब दो साल पहले एक इंटरव्यू में बताया था कि वह कैसी अंतिम विदाई चाहते हैं. इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, झुनझुनवाला ने कहा था कि वह अपने आखिरी दिन तक काम करना चाहते हैं. दरअसल, 60 साल का होने के बाद एक इंटरव्यू में बिग बुल से उनके रिटायरमेंट प्लान के बारे में पूछा गया था. जिसके जवाब में उन्होंने कहा, 'मैं अपनी जिंदगी के आखिरी दिन तक काम करना चाहता हूं. इससे पहले कि भगवान मुझे उठाए, कुछ ट्रेडिंग, इनवेस्टिंग करना और 2 ड्रिंक्स लेना चाहता हूं'.

इंटरव्यू में जताई थी ये इच्छा
उन्होंने कहा आगे था, मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि जब कभी आप मुझे लेने आ रहे हों, मुझे सुबह जल्दी उठकर योग करने दें, बढ़िया ब्रेकफास्ट करने, ऑफिस जाने दें. कुछ ट्रेडिंग-इनवेस्टमेंट करने दें और शाम को 2 बेहतरीन ड्रिंक्स लेने दें, इसके बाद आप मुझे ले जा सकते हैं. मैं अपने आखिरी समय तक काम करना चाहता हूं'. लेकिन भारत के वॉरेन बफे कहे जाने वाले झुनझुनवाला की यह अंतिम इच्छा पूरी नहीं हो पाई. कॉर्डिक अरेस्ट के चलते रविवार सुबह उनकी मृत्यु हो गई.

5 हजार से हजारों करोड़
राकेश झुनझुनवाला ने एक बार कहा था, 'मृत्यु, जीवन का एक हिस्सा है और इससे मुझे डर नहीं लगता. मुझे नहीं मालूम कि मौत कब आएगी. मैं इसकी भविष्यवाणी नहीं कर सकता. मृत्यु क्या है? मृत्यु, स्थायी नींद है'. बता दें कि झुनझुनवाला ने शेयर बाजार में 5000 रुपये से शुरुआत की थी और उन्होंने अपनी रणनीति, समझ और सूझबूझ के चलते हजारों करोड़ कमाए.   

‘बच्चे मेरी तरह न बनें’ 
बिग बुल नहीं चाहते थे कि उनके बच्चे उनकी तरह बनें. कुछ वक्त पहले उन्होंने कहा था, 'मैं चाहता हूं कि मेरे बच्चे वही करें, जिसमें उन्हें खुशी मिलती है. मुझे नहीं लगता कि दौलत खुशी का स्रोत है. मुझे लगता है कि अमीर व्यक्ति वह है, जिसे लगता है कि उसके पास उसकी जरूरतों से ज्यादा है. मैं नहीं चाहता कि मेरे बच्चे मेरी तरह बनें'.
 


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