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बैंक डिपॉजिट की स्पीड को मात दे रहा पोस्ट ऑफिस, जानिए इसके पीछे के 2 प्रमुख कारण
6 साल में पोस्ट ऑफिस स्मॉल सेविंग्स डिपॉजिट दोगुना से ज्यादा, बैंक डिपॉजिट डेढ़ गुना ही बढ़े.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: क्या आपने भी पोस्ट ऑफिस की किसी बचत स्कीम में निवेश किया है? यदि नहीं, तो आपको इस बारे में विचार करना चाहिए, क्योंकि पिछले 6 सालों में बैंक डिपॉजिट के मुकाबले पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं में निवेश तेजी से बढ़ा है. पिछले 6 सालों में स्मॉल सेविंग्स डिपॉजिट में दोगुनी वृद्धि हुई है, जबकि बैंक डिपॉजिट सिर्फ डेढ़ गुना ही बढ़ा है.
इसके पीछे मुख्य रूप से दो कारण हैं:
1. ज्यादा ब्याज दर: 2016-17 की बात करें तो उस वक्त बैंक और पोस्ट ऑफिस स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दर बराबर थी, यानी दोनों की ब्याज दर 4 प्रतिशत थी. वही ब्याज दर 2021-22 आते-आते बैंकों में औसतन 2.7 प्रतिशत तक हो गई, बजकि पोस्ट ऑफिस की ब्याज दरें 4 प्रतिशत ही रहीं. 2016-17 में 1 साल की स्मॉल सेविंग स्कीम्स में बैंक और पोस्ट ऑफिस 6.8 प्रतिशत की दर से ब्याज ऑफर कर रहे थे, लेकिन 2021-22 तक बैंकों की ब्याज दर 5.3 प्रतिशत हो गई. वहीं, पोस्ट ऑफिस की ब्याज दर 5.5 प्रतिशत रही.
2. ग्राहकों तक आसानी से पहुंच: स्मॉल सेविंग्स डिपॉजिट में दोगुनी वृद्धि के पीछे ज्यादा ब्याज दर के अलावा जो दूसरा प्रमुख कारण है वह पोस्ट ऑफिस का ग्राहकों तक आसानी से पहुंच है. बैंक ऑफ बड़ौदा की रिसर्च में यह बात सामने आई है कि देश में कुल 1.56 लाख पोस्ट ऑफिस हैं, जिनमें से 1.46 लाख यानी 90 प्रतिशत से ज्यादा पोस्ट ऑफिस ग्रामीण इलाकों में ही हैं. वहीं, देश में सभी बैंकों को मिलाकर कुल 1.51 लाख ब्रांच हैं, जिनमें से सिर्फ 53,380 यानी 35 प्रतिशत ब्रांच ही ग्रामीण इलाकों में हैं. इसलिए पोस्ट ऑफिस की नींव ग्रामीणों इलाकों में बैंकों के मुकाबले काफी मजबूत है.
बैंक ऑफ बड़ौदा की रिसर्च
बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कहा है कि फरवरी, 2022 तक बैंकों में कुल डिपॉजिट 170.2 लाख करोड़ रुपये था, जो 2016-17 में 107.5 लाख करोड़ रुपये था. इसके मुकाबले 2022 में पोस्ट ऑफिस में स्मॉल सेविंग्स डिपॉजिट 9.9 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो 2016-17 में 4.7 लाख करोड़ रुपये था. वृद्धि की रफ्तार के हिसाब से देखें तो बैंकों में कुल डिपॉजिट पिछले 6 वर्षों में 62.7 लाख करोड़ रुपये बढ़े, जबकि स्मॉल सेविंग्स डिपॉजिट 5.2 लाख करोड़ रुपये यानी दोगुनी तेजी से बढ़ा.
एक नजर आंकड़ों पर (सोर्स - बैंक ऑफ बड़ौदा)
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