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सुएला ब्रेवरमैन फिर बनीं ब्रिटेन की गृह मंत्री, भारत-यूके FTA डील का क्या होगा?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यूके में राजनीतिक स्थिरता से इस डील के लिये बातचीत तेज होगी, जिससे 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होने की संभावना है
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: भारतीय मूल के ऋषि सुनक के ब्रिटेन का प्रधानमंत्री (UK PM Rishi Sunak) बनने के बाद UK के लोग नई उम्मीद के साथ एक नई शुरुआत करने को तैयार हैं, साथ ही भारत और यूके के बीच रिश्तों को भी एक नया आयाम मिलने की आशा बढ़ गई है. सुनक के भारतीय मूल का होने की वजह से भारत में उनसे आशाएं थोड़ी ज्यादा ही हैं, लेकिन क्या इसका फायदा दोनों देशों के बीच अटकी हुई FTA डील को मिलेगा.
सुनक आगे बढ़ाएंगे FTA?
भारत और यूके के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर दिवाली की डेडलाइन थी, जो कि निकल चुकी है, अब उम्मीद की जा रही है कि दोनों देश इस डील को लेकर आगे बढ़ेंगे. दोनों देशों के बीच जनवरी में FTA को लेकर बातचीत शुरू हुई थी, लेकिन सहमति नहीं बन पाने की वजह से ये डील अबतक नहीं हो पाई. तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने खुद अक्टूबर की डेडलाइन तय की थी, लेकिन इन कुछ महीनों में यूके में घटनाक्रम इतनी तेजी से बदले की ये डील ठंडे बस्ते में चली गई.
वित्त मंत्री के तौर पर सुनक ने सराहा था
अब उम्मीद की जा रही है सुनक के प्रधानमंत्री बनने से इस डील को नया बल मिलेगा, क्योंकि उस दौरान वित्त मंत्री रहते हुए सुनक ने इस डील की काफी सराहना की थी. उन्होंने आधिकारिक रूप से FTA को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की थी. उन्होंने कहा था कि इस डील से दोनों देशों के लिए फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी और बीमा क्षेत्र में अपार मौके मिलेंगे. जुलाई में संवाददाताओं से बात करते हुए सुनक ने कहा था कि "मैं इस क्षेत्र में दुनिया में एक विशाल अर्थव्यवस्था और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और एक FTA के रूप में भारत की प्रभावशाली भूमिका निभाने का समर्थन करता हूं.
UK के लिये कितनी अहम है डील?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यूके में राजनीतिक स्थिरता से इस डील के लिये बातचीत तेज होगी, जिससे 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होने की संभावना है. वित्त वर्ष 2021-22 में भारत और यूके के बीच 17.5 बिलियन डॉलर का व्यापार हुआ था. JNU के प्रोफेसर बिस्वजीत धर का कहना है कि यूके के प्रधानमंत्री का पहला लक्ष्य अपने घरेलू मुद्दों को ठीक करना और इकोनॉमी को पटरी पर लाने के लिये होगा, ट्रेड डील पर तब नहीं होगी जब संकट होगा, बल्कि तब होगी जब इकोनॉमी बेहतर तरीके से प्रदर्शन कर रही होगी.
हम भारी आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे: सुनक
ब्रिटेन के 210 सालों के इतिहास में सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने अपने पहले संबोधन में कहा "यूके एक महान देश है, लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं है कि हम एक गहन आर्थिक चुनौती का सामना कर रहे हैं," सुनक का ये संदेश बताने के लिए काफी है कि उनकी पहली प्राथमिकता क्या होगी. उन्होंने कहा "आज हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, उनके लिए मैं वही संवेदना लाऊंगा. मैं जिस सरकार का नेतृत्व कर रहा हूं, वह अगली पीढ़ी, आपके बच्चों और पोते-पोतियों को उस कर्ज को चुकाने के लिए नहीं छोड़ेगी, जिनका भुगतान करने के लिए हम कमजोर हैं." मौजूदा आर्थिक हालातों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि "मैं इस सरकार के एजेंडे के केंद्र में आर्थिक स्थिरता और विश्वास को रखूंगा, इसका मतलब होगा कि आने वाले कठिन निर्णय, लेकिन आपने मुझे कोविड के दौरान लोगों और व्यवसायों की रक्षा के लिए वह सब कुछ करते देखा जो मैं कर सकता था."
सुएला ब्रेवरमैन फिर बनीं गृह मंत्री
ऋषि सुनक ने ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनते ही उन्होंने अपने कैबिनेट की शुरुआत भी कर दी है, जिसमें FTA को लेकर विवादों में आईं भारतीय मूल की सुएला ब्रेवरमैन भी शामिल हैं, सुनक ने वापस उन्हें गृह मंत्री बना दिया है, जबकि 6 दिन पहले ही उन्होंने गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था. अब देखना ये होगा कि इससे भारत और यूके के बीच FTA डील पर कोई निगेटिव असर पड़ेगा.
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