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ये दिग्गज कंपनी करेगी अपने ऑपरेशंस को कार्बन जीरो, विमानों में उपयोग करेगी ग्रीन तकनीक

2023 तक अपने विमानों के इंजन में वैकल्पिक ईंधन का प्रयोग शुरू करने के साथ ही कॉर्बन शून्य भी कर लेगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

नई दिल्लीः (ऊर्वी श्रीवास्तव) विश्व की प्रमुख लक्जरी कार निर्माता कंपनी रोल्स रॉयस जो विमानों के इंजन भी बनाती है वो 2023 तक अपने विमानों के इंजन में वैकल्पिक ईंधन का प्रयोग शुरू करने के साथ ही कॉर्बन शून्य भी कर लेगी. रोल्स रॉयस के प्रेसीडेंट भारत और साउथ एशिया किशोर जयरामन ने एनवॉयरमेंट, सोशल और गवर्नेस के बारे में बीडब्ल्यू ईएसजी, बीडब्ल्यू बिजनेसवर्ल्ड की संपादकीय लीड उर्वी श्रीवास्तव से कई मुद्दों पर खास बातचीत की. पेश हैं बातचीत के मुख्य अंशः

प्रश्नः रोल्स-रॉयस का स्थिरता के प्रति दृष्टिकोण क्या है?

हम तीन 'आई' में विश्वास करते हैं अर्थात इरादा (Inted), कार्यान्वयन (Implement) और नवाचार (Innovation). हर कोई हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए दुनिया को हरित और स्वच्छ स्थान बनाना चाहता है. मंशा लंबे समय से रही है और इसे लागू करने का समय आ गया है. रोल्स रॉयस सहित अन्य कंपनियां भी यह देख रहे हैं कि इसे अभी कैसे किया जाए. हमें एक मील के पत्थर के साथ यात्रा शुरू करनी होगी और हमें देखना होगा कि अंत कैसा होगा. अगर हम तीनों को लें तो हम रोल्स रॉयस में कार्यान्वयन यात्रा पर हैं. संयुक्त राष्ट्र के लिए नेट जीरो चार्टर हमारे लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत है. ग्लासगो सत्र में हमारे प्रधान मंत्री ने शुद्ध कार्बन शून्य (Net Carbon Zero) जाने के लिए वर्ष के रूप में 2070 का लक्ष्य रखा, जबकि कुछ अन्य देशों ने कहा कि 2050. रोल्स रॉयस में, संचालन के कुछ क्षेत्र 2023 तक Carbon Zero हो जाएंगे. सिविल एयरोस्पेस व्यवसाय में हमारे लिए वैकल्पिक ईंधन 2023 तक हमारे लिए एक संभावना होगी, जहां हमारे सभी उत्पाद संगत होंगे. 2030 तक, हमारे सभी उत्पाद शुद्ध पूरी तरह से कार्बन शून्य हो जाएंगे. 2050 तक हमारे चारों ओर पूरी तरह से कार्बन रहित वातावरण होना चाहिए. 

प्रश्नः रोल्स-रॉयस अपने नेट जीरो टारगेट्स को प्राप्त करने के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग कैसे कर रही है?

हमारे अनुसंधान और विकास का 75 फीसदी उन उत्पादों की ओर होगा जो हमारी नेट जीरो इनिशिएटिव को आगे बढ़ाते हैं. यह खर्च विशुद्ध रूप से टेक्नोलॉजी पर है, चाहे वह हमारी बिजली व्यवस्था हो या हमारे नागरिक एयरोस्पेस सिस्टम. नेट जीरो हासिल करने के लिए टेक्नोलॉजी हमारी रीढ़ होगी. यह तकनीक प्रकृति में भौतिक है, यह ईंधन के मामले में है, यह डेटा विश्लेषण के मामले में है, प्रौद्योगिकी हर जगह लागू होती है. 

प्रश्नः रोल्स-रॉयस 'कार्बन फर्स्ट' पहल कर रहा है. वह किस बारे में है, और कंपनी इसे और अधिक टिकाऊ बनाने के लिए कौन सी अन्य पहल कर रही है?

आज हम स्थायी वैकल्पिक ईंधन पर विचार कर रहे हैं, और हम उत्पादों को कैसे अनुकूलित कर सकते हैं और हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हम स्थिरता की सही यात्रा पर हैं. भविष्य ग्रीन का है और बिजली के लिए यह रिन्युबल सोर्स है, बिजली के लिए यह ग्रीम हाइड्रोजन होगा और इसका उपयोग हमारे इंजनों में लंबे समय तक कैसे किया जा सकता है. हमारे पास परमाणु टेक्नोलॉजी में भी बहुत अनुभव है, हम इस तकनीक को ले सकते हैं और इसे छोटे मॉड्यूलर परमाणु संयंत्र बनाने में उपयोग कर सकते हैं. दूसरा पक्ष इलेक्ट्रिक है और अब हम इलेक्ट्रिक प्रोपूल्शन पर भी काम कर रहे हैं. हम एक ऐसे विमान पर काम कर रहे हैं जिसका व्यवसायीकरण होना बाकी है. हम ईवीटीओएल (EVTOL) यानी इलेक्ट्रिक वाहन टेकऑफ और लैंडिंग पर भी विचार कर रहे हैं. इन सभी पहलुओं को अमल में लाने के लिए हमें मौजूदा तकनीक, आने वाली तकनीक को ध्यान में रखना होगा.

प्रश्नः एयरोस्पेस उद्योग में स्थिरता के बारे में आपकी क्या राय है और भारत इस क्षेत्र में बदलाव करने के लिए कितना तैयार है?

यह एक ग्रीन प्लानेट की यात्रा का हिस्सा बनने के बारे में है. यदि हम वास्तव में ऐसा करना चाहते हैं, तो यह सहयोग के माध्यम से ही होगा. यह ईंधन के माध्यम से होना है. इसलिए हम शेल जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी कर रहे हैं, अगर हम हवाई जहाजों के बारे में बात करते हैं तो हमें बोइंग के साथ साझेदारी करनी होगी. अगर हम सेवाओं के बारे में बात करते हैं, तो हमें ऐसे लोगों के साथ पार्टनरशिप करनी होगी जो बहुत ही ग्रीन तरीके से सेवाओं को उत्पन्न करने में सक्षम हैं. यह एक सहयोगी दृष्टिकोण है जिसमें कई स्टेकहोल्डर शामिल होंगे. यह पृथ्वी पर हर एक इंसान के लिए महत्वपूर्ण है और हमें दुनिया के कोने-कोने में हर किसी के साथ सहयोग करना है. हम वीसी जैन यूनिवर्सिटी, हुंडई के साथ काम करने जा रहे हैं और समय बीतने के साथ और अधिक सहयोग करने की सोच रहे हैं. 

प्रश्नः कुशल ईंधन और अधिक कुशल जेट इंजन को बढ़ावा देने के लिए रोल्स रॉयस क्या कर रही है? 

हमारा नवीनतम उत्पाद अल्ट्राफैन 25 फीसदी अधिक ईंधन कुशल होने जा रहा है. जब हम दक्षता को देखते हैं, तो विचार हमारे फॉसिल फ्यूल्स को और अधिक कुशल बनाने का है. नवीनतम अल्ट्राफैन अधिक कुशल है और लोगों को वर्तमान फ्यूल की तुलना में अधिक ग्रीन फ्यूल में ले जाने में सक्षम होगा. दूसरा हम इलेक्ट्रिक को भी भविष्य के रूप में देख रहे हैं. स्थायी वैकल्पिक ईंधन से पूरी तरह से इलेक्ट्रिक तक की यात्रा में समय लगने वाला है. यह ऐसी जगह नहीं है जहां हम प्रयोग कर सकें, क्योंकि लोगों की जिंदगी दांव पर है और हमें बहुत सावधान रहना होगा. हमें शत-प्रतिशत आश्वस्त होना होगा कि सब कुछ घड़ी के अनुसार होगा. हमें वहां से निर्माण करना होगा.

प्रश्नः समुदाय आज ESG का एक बड़ा हिस्सा है. रोल्स-रॉयस अपनी योजना में सामुदायिक कल्याण उपायों को कैसे शामिल कर रहा है?

हम एक औद्योगिक प्रौद्योगिकी कंपनी हैं और जब हम सामाजिक कार्य करते हैं, तो उसे इस बात से जुड़ना होता है कि हम कौन हैं. हमने एसटीईएम (विज्ञान प्रौद्योगिकी इंजीनियरिंग गणित) क्षेत्र में पहल शुरू की है और एक दशक से इसे कर रहे हैं. हम अगली पीढ़ी को एसटीईएम के फायदों के बारे में शिक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं, और इस क्षेत्र के लिए उनके आंतरिक जुनून को प्रज्वलित कर रहे हैं. जब हम ऐसा करते हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि हम इसे महिला वर्कफोर्स को साथ लेते हुए करें, क्योंकि वे एसटीईएम क्षेत्र में सक्रिय नहीं रही हैं. उम्मीद है कि भविष्य में उनमें से कुछ रोल्स-रॉयस कर्मचारियों के रूप में हमारे पास होंगे.

VIDEO: Ford में 3000 लोगों की छंटनी

 


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