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वे 5 प्रण, जो पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को दिलाए
पीएम मोदी ने जो पहला प्रण देशवासियों को दिलाया, वो है- विकसित भारत का संकल्प. पीएम मोदी ने सभी देशवासियों को कहा, "हमें अपनी विरासत पर गर्व होना चाहिए."
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: आज यानी, 15 अगस्त 2022 को पूरा देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किला से ध्वजारोहण किया और फिर करीब 1 घंटे 20 मिनट तक जोशीला भाषण दिया. पीएम मोदी ने इस दौरान पूरे देशवासियों को 5 प्रण दिलाए.
ये हैं वो 5 प्रण जो पीएम मोदी ने देशवासियों को दिलाए
1. विकसित भारत का संकल्प
2. गुलामी का पूर्णत: अंत
3. विरासत पर गर्व
4. एकता और एकजुटता
5. नागरिकों का कर्तव्य
पहला प्रण : विकसित भारत का संकल्प
पीएम मोदी ने जो पहला प्रण देशवासियों को दिलाया, वो है- विकसित भारत का संकल्प. पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छता अभियान हो या वैक्सीनेशन हो, ढाई करोड़ लोगों को बिजली कनेक्शन देना हो, खुले में शौच से मुक्ति हो या फिर Renewal Energy हो, हम सभी मानकों पर संकल्प से ही आगे बढ़ रहे हैं. इसलिए देश के लिए सभी भारतवासियों को विकसित भारत का संकल्प लेना होगा.
दूसरा प्रण : गुलामी का पूर्णत: अंत
देशवासियों को दूसरा प्रण दिलाते हुए पीएम मोदी ने कहा, "हमें किसी भी तरह के गुलामी से मुक्ति पानी होगी. हमारे मन के किसी भी कोने में गुलामी का एक भी अंश हो तो उसे बचने नहीं देना है. उसे बाहर फेंक देना है. हमें विदेशी सर्टिफिकेट नहीं चाहिए. हमें देश की हर भाषा पर गर्व होना चाहिए. डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप देश की उभरती सोच व ताकत का परिणाम है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति गुलामी की उसी सोच से मुक्ति का रास्ता है."
तीसरा प्रण : विरासत पर गर्व
पीएम मोदी ने सभी देशवासियों को कहा, "हमें अपनी विरासत पर गर्व होना चाहिए. सभी देशवासियों के लिए ये तीसरा प्रण है. जब हम अपनी धरती से जुड़ेगे, तभी ऊंचा उड़ेंगे और तभी विश्व को समाधान दे पाएंगे. इसलिए विरासत पर गर्व बहुत जरूरी है. मोटा धान हमारी विरासत का ही हिस्सा है. संयुक्त परिवार हमारी विरासत का हिस्सा है. पर्यावरण की सुरक्षा हमारी विरासत में छिपी है."
चौथा प्रण : एकता और एकजुटता
पीएम मोदी ने कहा, "चौथा प्रण एकता और एकजुटता है. 130 करोड़ देशवासियों में एकजुटता होनी चाहिए. हमें विविधता को सेलिब्रेट करना चाहिए. Gender Equality, श्रमिकों का सम्मान इसी प्रण का हिस्सा है. नारी का अपमान एक प्रमुख विकृति है, जिससे मुक्ति का रास्ता खोजना ही होगा."
पांचवां प्रण : नागरिकों का कर्तव्य
पीएम मोदी ने कहा कि नागरिकों का कर्तव्य पांचवां प्रण है. उन्होंने कहा, "नागरिकों के कर्तव्य से ही प्रगति का रास्ता तैयार होता है. यह मूलभूत प्रणशक्ति है. 24 घंटे बिजली की व्यवस्था करना सरकार का काम है, लेकिन बिजली की बचत करना आपका कर्तव्य है. खेतों में मिलने वाले पानी का सही इस्तेमाल, केमिकल मुक्त खेती नागरिकों का कर्तव्य होना चाहिए."
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