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Mckinsey के CEO ने भारत को लेकर बोल दिया कुछ ऐसा, चीन-पाक हो जाएंगे परेशान

मैकेंजी के सीईओ बॉब स्टर्नफेल्स ने कुछ ऐसा बोल दिया है, जिससे चलते पड़ोसी देश चीन व पाकिस्तान हैरान व परेशान हो जाएंगे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

नई दिल्लीः भारत की इकोनॉमी को लेकर के ग्लोबल मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म मैकेंजी के सीईओ बॉब स्टर्नफेल्स ने कुछ ऐसा बोल दिया है, जिससे चलते पड़ोसी देश चीन व पाकिस्तान हैरान व परेशान हो जाएंगे. स्टर्नफेल्स ने एक मीडिया कंपनी को दिए अपने इंटरव्यू में कहा कि आने वाला दशक नहीं, बल्कि आने वाली सदी भारत की है. भारत ही पूरी दुनिया को नई राह दिखाएगा क्योंकि ये देश प्रतिभाओं का कारखाना है और विश्व की कामकाजी आबादी में इसका हिस्सा 20 फीसदी तक होगा. मैकेंजी के सीईओ के इस बयान से जहां चीन को मिर्ची लगनी तय है, वहीं पाकिस्तान परेशान सकता है.

जीडीपी में भारत नंबर वन बना

स्टर्नफेल्स ने एक सवाल के जवाब में कहा कि अभी हाल ही में पहली तिमाही के जीडीपी ग्रोथ नंबर्स आए हैं. जहां भारत 13.5 फीसदी ग्रोथ के साथ पहले स्थान पर है, वहीं फ्रांस 0.5 फीसदी ग्रोथ के साथ दूसरे और 0.4 फीसदी ग्रोथ के साथ चीन तीसरे स्थान पर है. कोरोना के बाद जहां दुनिया भर के देशों की अर्थव्यवस्था चरमरा गई हैं वहीं भारत की अर्थव्यवस्था ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है. मैकेंजी के सीईओ ने कहा कि भारत टेलैंट्स की फैक्ट्री है.

ऐसे होगी भारत की सदी

Mckinsey CEO ने आगे कहा कि भारत में डेवलेपमेंट के सभी प्रमुख तत्व मौजूद हैं. एक बड़ी कामकाजी आबादी, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की पुनर्कल्पना करने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियां इस समय भारत में ही हैं. भारत एक देश बन चुका है जो डिजिटल पैमाने पर छलांगें लगा रहा है. इसलिए यह कहना कि अगला दशक भारत का होगा गलत है, बल्कि सही बात तो यह है कि अगली सदी तक दुनिया का कोई भी देश भारत का मुकाबला नहीं कर सकता. 

अपने कर्मचारियों की संख्या करेगी दोगुनी

फर्म के भारत में 5,000 लोग कार्यरत हैं जिसे वह दोगुना करके 10,000 करना चाहता है. यहां पर 40 फीसदी महिलाएं फिलहाल काम कर रही हैं, जिसको कंपनी बढ़ाकर 50 फीसदी करने जा रही है. मैंकेजी के सीईओ ने कहा कि कंपनी 2026 में 100 साल पूरे कर लेगी. 

कंपनी के वैश्विक घोटालों पर दी सफाई

स्टर्नफेल्स ने दुनिया के कई देशों मसलन दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब में लगे कंपनी पर भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी सफाई दी है. उन्होंने कहा कि दुनिया बदल गई है. दुनिया बहुत अधिक छानबीन वाली जगह बन गई है. हमने जो काम किया है वह बदल गया है. मैंने अपने भागीदारों से दो आयामों पर विकसित होने और इन दो आयामों को अलग करने का तरीका सीखने की आवश्यकता के बारे में बात की है. हमें एक ही समय में विनम्र और साहसी बनना सीखना होगा. विनम्र पक्ष में, हमें यह पहचानने में सक्षम होना चाहिए कि हमने कब गलतियां की हैं, यह पता लगाना है कि उन्हें कैसे ठीक किया जाए, और सुनिश्चित करें कि वे फिर कभी न हों.

हमें उन जगहों पर भी साहसी होने की जरूरत है जहां हम जांच से असहमत हैं और हमारी त्वचा काफी मोटी है जो चलते रहने के लिए पर्याप्त है. जैसे हम सऊदी में काम करते हैं, जहां हम स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास पर काम करते हैं और हम सऊदी नागरिकों के जीवन की मदद कर रहे हैं. हम उस काम पर कायम हैं. 

वैश्विक मंदी की आशंका मिश्रित

स्टर्नफेल्स ने आगे एक सवाल के जवाब में कहा कि दुनिया को लग रहा है महामारी, महंगाई और रूस-यूक्रेन संकट की वजह से मंदी आ सकती है. हालांकि यह तब होगा जब बेरोजगारी दर शून्य से ऊपर होगी. अमेरिका और यूरोप के कई देशों में बेरोजगारी दर शून्य के स्तर पर है और एशियाई देशों में यह पांच से आठ फीसदी के बीच झूल रही है. फिलहाल तेल की कीमतों में कमी होने से महंगाई दर कम होगी. महामारी की वजह से जो बेरोजगारी दर बढ़ गई थी, वो भी कई देशों में धीरे-धीरे कम होने लगी है. इसलिए वैश्विक मंदी की आशंका मिश्रित है-- ये आ भी सकती है और नहीं भी आ सकती है. 

VIDEO: BCCI की गतिविधियां 'दुकान' के समान: सुप्रीम कोर्ट

 


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