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कौन हैं मनोज सोनी और उनके इस्तीफे को लेकर क्यों हो रही है इतनी चर्चा?
मनोज सोनी ने बचपन में तमाम परेशानियां झेलीं, लेकिन हिम्मत नहीं हारी, वह पढ़ते गए और सफलता की सीढ़ी चढ़ते गए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
ट्रेनी IAS अधिकारी पूजा खेडकर विवाद के बीच संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष मनोज सोनी (UPSC Chairman Manoj Soni) ने इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, सोनी का कहना है कि उन्होंने निजी कारणों से इस्तीफा दिया है. उन्होंने करीब 14 दिन पहले ही अपना इस्तीफा कार्मिक विभाग (DOPT) को भेज दिया था. सोनी अब सामाजिक और धार्मिक कामों पर ध्यान देंगे. बताया जा रहा है कि अभी सोनी का इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ है. उनका कार्यकाल मई 2029 तक है. मनोज सोनी ने 16 मई 2023 को UPSC का अध्यक्ष पद ग्रहण किया था. बता दें कि पूजा खेडकर विवाद को लेकर UPSC पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.
2 विवादों से उठे सवाल
मनोज सोनी के कार्यकाल में पूजा खेडकर और IAS अभिषेक सिंह को लेकर UPSC विवाद में रहा है. इन दोनों पर OBC और विकलांग कैटेगरी का गलत फायदा उठाकर सिलेक्शन लेने का आरोप है. अभिषेक सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा विकलांग कैटेगरी से पास की थी. उन्होंने खुद को लोकोमोटिव डिसऑर्डर से पीड़ित बताया था. हालांकि, उनके डांस और जिम में वर्कआउट के वीडियो सामने आने के बाद सिंह के दावे पर गंभीर सवाल खड़े हो गए. अभिषेक ने अपने एक्टिंग करियर के लिए IAS पद से इस्तीफा दे दिया था. वहीं, पूजा खेडकर कई गंभीर आरोपों का सामना कर रही हैं. UPSC ने अपनी जांच के बाद उनके खिलाफ FIR भी दर्ज कराई है.
संघर्ष भरा है बचपन
मनोज सोनी ने भले ही इस्तीफे के पीछे निजी कारणों का हवाला दिया है, लेकिन माना जा रहा है कि खेडकर विवाद के चलते UPSC की चयन प्रक्रिया पर उठे सवालों के चलते उन्होंने अपना पद छोड़ा है. सोनी का बचपन बेहद संघर्ष में बीता था. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 17 फरवरी 1965 को जन्मे मनोज सोनी जब पांचवीं क्लास में थे तभी उनके पिता की मौत हो गई थी. उनके पिता मुंबई की गलियों में घूम-घूमकर कपड़े बेचा करते थे. पिता के निधन के बाद मनोज ने परिवार का खर्चा चलाने और अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए घर-घर जाकर अगरबत्तियां बेचीं. लेकिन, तमाम कठनाइयों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. मनोज सोनी पॉलिटिकल साइंस के स्कॉलर हैं और इंटरनेशनल रिलेशंस में उन्होंने विशेषज्ञता हासिल की है. 1991 से 2016 तक मनोज सोनी ने सरदार पटेल यूनिवर्सिटी में पढ़ाया. उनके नाम सबसे कम उम्र में वाइस चांसलर (VC) बनने का भी रिकॉर्ड है. मात्र 40 साल की उम्र में वह बड़ौदा की महाराज सयाजीराव यूनिवर्सिटी के VC चुने गए थे. 1978 में मनोज अपनी मां के साथ मुंबई से गुजरात के आणंद चली गए थे.
क्या है UPSC की जिम्मेदारी?
UPSC की बात करें, तो भारत के संविधान के तहत यह एक संवैधानिक निकाय है. UPSC केंद्र सरकार की ओर से कई परीक्षाएं आयोजित करता है. इसके द्वारा हर साल सिविल सेवा परीक्षाएं (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और केंद्रीय सेवाओं- जैसे कि ग्रुप A और ग्रुप B में नियुक्ति के लिए एग्जाम आयोजित करवाए जाते हैं. गौरतलब है कि आयोग में अध्यक्ष के अलावा 10 सदस्य गवर्निंग बॉडी में होते हैं. पहले पूजा खेडकर और फिर अभिषेक सिंह विवाद को लेकर UPSC सवालों के घेरे में है. उनकी चयन प्रक्रिया और पारदर्शिता को लगातार कठघरे में खड़ा किया जा रहा है.
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