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Axis MF फ्रंटरनिंग केस में जांच तेज, IT विभाग ने की अधिकारियों से पूछताछ
IT विभाग ने 28 जुलाई को एक पूर्व फंड मैनेजर और एक बड़े म्यूचुअल फंड हाउस के चीफ ट्रेडर इक्विटीज और संबंधित शेयरब्रोकर्स, बिचौलियों के ठिकानों पर छापे मारे थे
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
मुंबई: इनकम टैक्स विभाग ने फ्रंटरनिंग केस में Axis Asset Management Co. के पूर्व अधिकारी और इससे जुड़े लोगों के ठिकानों पर जांच की है, Moneycontrol में छपी खबर के मुताबिक IT विभाग ने Axis MF के दो अधिकारियों से भी पूछताछ की है
25 ठिकानों पर छापेमारी
इनकम टैक्स विभाग ने 28 जुलाई को एक पूर्व फंड मैनेजर और एक बड़े म्यूचुअल फंड हाउस के चीफ ट्रेडर इक्विटीज और संबंधित शेयरब्रोकर्स, बिचौलियों के ठिकानों पर छापे और सीजर का ऑपरेशन चलाया था. ये जानकारी 5 अगस्त को वित्त मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में दी गई है. ये छापे मुंबई, अहमदाबाद, वडोदरा, भुज और कोलकाता के 25 ठिकानों पर की गई है. हालांकि मंत्रालय ने फंड हाउस और व्यक्तियों के नामों का खुलासा इसमें नहीं किया है.
कई अधिकारियों से IT की पूछताछ
सूत्रों ने बताया है कि वित्त मंत्रालय के बयान में पूर्व फंड मैनेजर और इक्विटीज चीफ ट्रेडर का जिक्र है, Axis AMC के पूर्व फंड मैनेजर और चीफ डीलर विरेश जोशी है, जिन्हें फ्रंटरनिंग के आरोपों के बाद निकाल दिया गया था. सूत्रों के मुताबिक छापे और सीजर की कार्यवाही के दौरान इनकम टैक्स विभाग ने जिनेश गोपानी जो कि Axis AMC के हेड ऑफ इक्विटी है, उनसे भी पूछताछ की थी. इसके अलावा आईटी विभाग ने Axis AMC के एक डीलर पवन झंगियानी से भी पिछले महीने छापों के दौरान पूछताछ की थी. फंड हाउस की वेबसाइट के मुताबिक वो अब भी Axis AMC में काम करते हैं. वित्त मंत्रालय ने कहा कि तलाशी अभियान के दौरान, इनकम टैक्स विभाग को फंड मैनेजर और चीफ ट्रेडर के बीच गलत तरीके से फायदा उठाने के लिए व्यापार से संबंधित विशिष्ट जानकारी साझा करने के सबूत मिले हैं. हालांकि इन सभी घटनाओं पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.
फ्रंटरनिंग क्या होता है
किसी म्यूचुअल फंड कंपनी में किसी कर्मचारी को उसकी कंपनी के ऑर्डर्स की इनसाइडर जानकारी मिल जाती है और वो उसका इस्तेमाल अपने निजी फायदे के लिए करता है तो उसे फ्रंटरनिंग कहते हैं. जैसे मान लीजिए कि आप किसी कंपनी में फंड मैनेजर हैं, आप शेयर बाजार में अगले दिन क्या खरीदने वाले हैं ये आपको पता है, जिस दिन आप कुछ खरीदेंगे जाहिर है वो शेयर भागेगा, इसलिए अपने निजी फायदे के लिए आप एक दिन पहले ही उन शेयरों को खरीदकर अपने पर्सनल अकाउंट में रख लेते हैं. अगले दिन जब कंपनी की ओर से ऑर्डर प्लेस किया जाता तो मौका देखकर आप मुनाफा कमाने के लिए शेयर बेचकर निकल जाते हैं. इसे ही फ्रंटरनिंग कहते हैं.
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