✕

होम / एक्सप्लेनर / व्यापार की नई ऊंचाइयों को छूने को तैयार भारत

व्यापार की नई ऊंचाइयों को छूने को तैयार भारत

सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक भारत का निर्यात 2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाए. इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें बेहतर प्रशासन की आवश्यकता है.

उर्वी श्रीवास्तव 4 years ago

नई दिल्ली: प्राचीन काल से ही व्यापार हर देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण रहा है. यह बात 21वीं सदी में भी सच है. व्यापार एक अर्थव्यवस्था के कई मापदंडों को निर्धारित करता है, चाहे वो मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में हो या रोजगार में, और यहां तक ​​कि करेंसी की ताकत में भी. भारत सरकार इसे समझती है और इसलिए भारत की व्यापार महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए वाणिज्य मंत्रालय के तहत एक समिति का गठन किया है.

नया प्रस्ताव क्या हैं?
सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक भारत का निर्यात 2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाए. इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें बेहतर प्रशासन की आवश्यकता है. इसे प्राप्त करने के लिए, भारत के निर्यात को बढ़ाने के लिए वाणिज्य मंत्रालय की ओर से प्रस्तावित ट्रेड प्रमोशन बोर्ड की स्थापना की गई है. इस काउंसिल का काम व्यापार से संबंधित पुनर्गठन निकाय को बढ़ावा देना और योजना बनाना होगा. इसका फोकस भारत की ब्रांडिंग और बाजारों को बेहतर बनाने पर है. इनमें लक्षित बाजार के रूप में कपड़ा, आईटी, चमड़ा क्षेत्र वगैरह शामिल हैं.

बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप ने पहले एक 14-खंड की रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें वाणिज्य मंत्रालय को खुद का पुनर्गठन करने के लिए कहा गया था. इस विकास के परिणामस्वरूप 'ट्रेड प्रमोशन बॉडी' का गठन हुआ. इस बॉडी में निजी क्षेत्र के प्रमुख खिलाड़ी शामिल होंगे जिन्हें काम करने की आजादी होगी. वे व्यापार के लिए लक्ष्य निर्धारित करेंगे और हर छह महीने में इसकी निगरानी करेंगे, जिसमें राज्य के साथ-साथ क्षेत्रीय स्तर भी शामिल हैं. 

ट्रेड प्रमोश बॉडी में 'ब्रांड इंडिया', सरकार से सरकार संपर्क, उद्योग संपर्क और निर्यातक प्रशिक्षण सहित 13 तत्व शामिल होंगे. कई देशों के साथ हमारी द्विपक्षीय और बहुपक्षीय व्यापार वार्ताएं हैं, बॉडी उसी के पुनर्गठन पर विचार करेगी. निर्यातकों और खरीदारों के लिए बॉडी के पास सिंगल डेटा सोर्स होगा. यह निर्यातकों और खरीदारों के लिए बाजार होगा. ये परिषद की प्राथमिक जिम्मेदारियां होंगी, जो वाणिज्य मंत्रालय के तहत काम करेंगी.

इसमें किस बदलाव की जरूरत है?
वर्ल्ड ट्रेड स्टैटिस्टिकल रिव्यू, 2021 के अनुसार, भारत का वैश्विक निर्यात में 1.6% और आयात का 2.1% हिस्सा है. पहले से ही मौजूद आंकड़ों के अलावा, भारत एक ऐसे चरण में है जहां रेपो दरें बढ़ रही हैं, महंगाई आसमान छू रही है, गैस की कीमतें बढ़ रही हैं और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव हो रहा है. हम वैश्विक राजनीतिक तनाव और मंदी के डर के बीच भी जी रहे हैं. आज मांग और निर्यात बहुत प्रभावित हो रहे हैं. इन बाधाओं के बावजूद, भारत फार्मा, जेम्स और ज्वेलरी, समुद्री और किसानों के उत्पादों, कपड़ा और चमड़ा, इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार उत्पादों और रसायनों में उत्पादन और निर्यात को बढ़ाना चाहता है.

ऐसे माहौल में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना जरूरी है. भारत को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए वाणिज्य मंत्रालय उसी के आसपास विवेकपूर्ण फैसले ले रहा है. वे वित्त वर्ष 31 तक भारत के निर्यात को $650 बिलियन से $2 ट्रिलियन तक ले जाने की योजना बना रहे हैं. अगर सरकार 2047 तक भारत के 100 ब्रांड्स को ग्लोबल चैंपियन बनाना चाहती है, तो हमें इन सुधारों की आवश्यकता है. कई एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के बजाय हमें एक सिंगल बॉडी फंक्शन बनाने की जरूरत है जो एक छतरी के रूप में काम करे और सभी को एक ही स्तर पर लाए. ट्रेड प्रमोशन काउंसिल सफल होगा या नहीं यह इस बात पर निर्भर करता है कि ट्रेड प्रमोशन बॉडी की संरचना कैसे होगी और उनके सुझावों को कैसे लागू किया जाएगा.

VIDEO: लैपटॉप के बदले ग्राहक को मिला डिटर्जेंट साबुन


टैग्स
सम्बंधित खबरें

समझिए: भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण क्यों नहीं माना जाता?

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट कानूनी रूप से एक यात्रा दस्तावेज है, न कि नागरिकता का अंतिम प्रमाण.

26-June-2026

क्या है 65 साल पुराना सिंधु जल समझौता, जिससे पाकिस्तान में मचेगा हाहाकार, कितना होगा असर?

भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ 1960 से चले आ रहे जल समझौते का बोझ आगे नहीं ढोएगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद को प्रभावी रूप से बंद नहीं कर देता है.

24-April-2025

अमेरिका के टैरिफ लगाने से भारत के किस सेक्टर्स पर क्या होगा असर? जानिए डिटेल्स

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को बड़ा झटका दिया है. ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है. जिससे भारत के निर्यात पर गहरा असर देखने को मिल सकता है.

03-April-2025

भारत की तरक्की को कई गुना बढ़ा रही महिला एंटरप्रेन्योर, NeoGrowth की रिपोर्ट में आया सामने

3,000 से अधिक महिला उद्यमियों के सर्वेक्षण पर आधारित इस रिपोर्ट में महिलाओं की व्यापारिक सफलता और उनके सामने आने वाली चुनौतियों दोनों को दिखाया गया है.

06-March-2025

अडानी परिवार की शादी का उत्सव: परंपरा, आधुनिकता और समाज सेवा का संगम

यह शादी सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि अडानी परिवार की समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसमें हर पहलू में कला, परंपरा और सशक्तिकरण जुड़ा हुआ है.

24-February-2025


बड़ी खबरें

भारतीय दीवार पर किसका होगा कब्जा?

जैसे-जैसे बिरला ओपस, जेएसडब्ल्यू ड्यूलक्स और पिडिलाइट की हैशा स्थापित दिग्गजों को चुनौती दे रही हैं, त्योहारी सीजन यह दिखाएगा कि क्या वितरण क्षमता, डीलर अर्थशास्त्र और पेंटर का प्रभाव लंबे समय से चली आ रही उपभोक्ता आदतों को बदल सकता है.

13 hours ago

अडानी समूह पर शॉर्ट-सेलिंग हमले की फुसफुसाहट

राजीव जैन के GQG ने ITC में अपनी हिस्सेदारी बेच दी. डीलिंग रूम में चर्चा है कि कुछ ऑफशोर खिलाड़ियों को इसका पहले से अंदाजा था और उन्होंने पहले ही फंड की प्रमुख होल्डिंग्स में शॉर्ट पोजीशन बना ली थी. एलन मस्क की X पोस्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज में बिकवाली को और बढ़ा दिया.

11 hours ago

विसर्जित भारत

2047 तक विकसित, दिवाली 2026 तक विसर्जित

13 hours ago

2037-38 की जरूरत की 84% हुई कोल्ड स्टोरेज क्षमता, पैक-हाउस और रीफर वाहनों की भारी कमी: रिपोर्ट

रिपोर्ट में प्रमुख बागवानी उत्पादन केंद्रों के आसपास बहु-वस्तु और अलग-अलग तापमान पर काम करने वाली सुविधाएं विकसित करने की जरूरत बताई गई है. इसके साथ भरोसेमंद रेफ्रिजरेटेड परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है.

14 hours ago

डीजल एक्सपोर्ट एक साल के टॉप पर, सितंबर में भारत से रोजाना 6.2 लाख बैरल का निर्यात; यूरोप सबसे बड़ा बाजार

सितंबर में डीजल निर्यात में आई तेजी ऐसे समय में हुई है जब यूरोप और अमेरिका समेत कई बाजारों में डीजल की कीमतें ऊंचे स्तर पर हैं.

17 hours ago