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Explainer: डॉलर की मजबूती से आप की जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा? समझिये
डॉलर के मजबूत होने और रुपया कमजोर होने से देश का इंपोर्ट बिल बढ़ेगा. यानी जो सामान हम विदेशों से इंपोर्ट करते हैं, उसके लिए अब हमें ज्यादा कीमत चुकानी होगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: डॉलर की मजबूती (Strong Dollar) ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं की नींव हिला रखी है, पाउंड, येन, स्विस फ्रैंस समेत सभी देशों की करेंसीज डॉलर के सामने रोजाना बौना हो रही हैं. अगर आप टीवी का रिमोट थामे, चाय की चुस्कियों का मजा लेते हुए ये सोच रहे हैं कि इसका आप पर क्या असर पड़ेगा, डॉलर मजबूत होता है तो हो. आप जान लीजिये कि डॉलर की मजबूती से कोई भी अछूता नहीं है, आप भी नहीं.
डॉलर की मजबूती का आप पर असर
आप पर कैसे असर पड़ेगा इसे समझने से पहले ये समझते हैं कि डॉलर और दुनिया भर की करेंसीज में क्या रिश्ता होता है. डॉलर के मुकाबले रुपया कुछ साल पहले तक 70 पर था, जो अब 82 के स्तर पर है. इसका मतलब ये हुआ है कि अगर आपको 1 डॉलर खरीदना है तो आपको 70 की बजाय अब 82 रुपये खर्च करने होंगे. डॉलर दुनिया के लिए मुख्य ट्रेड करेंसी है, मतलब जो कुछ भी खरीदा या बेचा जाता है उसकी पेमेंट डॉलर में होती है, मतलब दुनिया के ट्रेड इनवॉयस का 80 परसेंट हिस्सा डॉलर मे हैं. हम यहां पर डॉलर की मजबूती से उन प्रभावों की बात करेंगे जो आसानी से समझ आएं, जो आम लोगों से जुड़ा हो.
देश में महंगाई बढ़ेगी
डॉलर के मजबूत होने और रुपया कमजोर होने से देश का इंपोर्ट बिल बढ़ेगा. यानी जो सामान हम विदेशों से इंपोर्ट करते हैं, उसके लिए अब हमें ज्यादा कीमत चुकानी होगी. यानी कोई भी ऐसी चीज जो इंपोर्ट हो रही है, उसके लिए हमें और आपको ज्यादा दाम देने होंगे. जैसे कच्चा तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, मशीनरी, सोना, केमिकल इत्यादि. मोबाइल, कार, इंपोर्ट जूते, कपड़े, गहने, टीवी, खाने का तेल और दूसरे सामान महंगे हो जाएंगे. आपको बता दें कि देश की जीडीपी का 20 परसेंट हिस्सा इंपोर्ट से आता है, साल 2021 में भारत ने इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक गुड्स पर 57 बिलियन डॉलर खर्च किया था. जो भारत की इंपोर्ट पर निर्भरता को दर्शाता है. भारत अपनी जरूरत का करीब 70 परसेंट कच्चा तेल इंपोर्ट करता है, जिससे पेट्रोल और डीजल बनता है, जब इंपोर्ट महंगा होगा तो इसकी वजह से ट्रांसपोर्टेशन लागत भी बढ़ेगी और महंगाई में भी इजाफा होगा.
विदेश में पढ़ाई महंगी
जो बच्चे अमेरिका, कनाडा या ऑस्ट्रेलिया में बच्चे पढ़ते हैं या पढ़ने जाने की सोच रहे हैं, उनके लिए वहां के खर्चों में इजाफा होगा. डॉलर की मजबूती के चलते विदेशी में उच्च शिक्षा भी काफी महंगी हो गई है. जो पढ़ाई पिछले साल तक 1 लाख डॉलर के एजुकेशन लोन या 70 लाख रुपये में हो जाती थी, अब उसके लिए 82 लाख रुपये देने होंगे. इसके अलावा छात्रों को फीस के अलावा रेंट और रोजमर्रा के खर्चों के लिए भी भारत में अपने परिवारों से ज्यादा पैसे मंगाने होंगे. क्योंकि जो सामान पहले उन्हें 70 रुपये का मिलता था अब उसके लिए उन्हें 82 रुपए चुकाने होंगे.
विदेश यात्रा करना महंगा होगा
अगर आप अमेरिका घूमने के लिए जाना चाहते हैं तो आपको कुछ ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है. क्योंकि हवाई टिकट की बुकिंग, वीजा फीस से लेकर बाकी खर्चों के लिए आपको डॉलर की जरूरत होगी. और इस वक्त एक डॉलर की कीमत 82 रुपये के पार है.
विदेशी सब्सक्रिप्शन महंगा होगा
अगर आपने किसी विदेशी मैगजीन, OTT, अखबार का सब्सक्रिप्शन ले रखा है तो उसके लिये आपको ज्यादा कीमत चुकानी होगी.
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