होम / एक्सप्लेनर / भारत को कितना सस्ता क्रूड ऑयल दे रहा रूस? 6 महीने में इसका क्या हुआ असर?

भारत को कितना सस्ता क्रूड ऑयल दे रहा रूस? 6 महीने में इसका क्या हुआ असर?

भारत को रूस इतना सस्ता क्रूड ऑयल दे रहा रूस कि तेजी से हो रहा आयात. जानिए कितने रुपये कम हो सकती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्ली: मान लीजिए कि आप कोई सामान 100 रुपये में खरीदते हैं और आपको वही सामान कोई दूसरा दुकानदार सिर्फ 25 रुपये में दे तो आप किसके साथ सौदा करेंगे? जाहिर तौर पर जो दुकानदार आपको सस्ता सामान दे रहा है, आप उसके साथ ही सौदा करेंगे. क्रूड ऑयल के मामले में भारत भी अभी इसी रणनीति को अपनाए हुए है.

भारत को कितने में क्रूड ऑयल दे रहा रूस?
यूक्रेन के साथ युद्ध के कारण रूस कई प्रतिबंधों का सामना कर रहा है. ऐसे में वह अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए भारत को क्रूड ऑयल काफी सस्ते में बेच रहा है. अंतरराष्ट्रीय मार्केट की बात करें तो क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास है, लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के दावे के अनुसार प्रतिबंधों का सामना कर रहे रूस ने क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी गिरावट कर दी है और वह वर्तमान हालातों में क्रूड ऑयल 25 डॉलर प्रति बैरल की दर से बेच रहा है.

भारत के लिए इराक पर भी बढ़ गया दबाव
यही वजह है कि भारत इस ऑफर को हाथ से जाने नहीं देना चाहता. रूस क्रूड ऑयल इतना सस्ता दे रहा है कि भारत ने आयात तेजी से बढ़ा दिया है. यहां तक कि भारत पहले इराक से सबसे अधिक क्रूड ऑयल आयात करता था, लेकिन पिछले महीने यानी अक्टूबर में पहले नंबर पर रूस आ गया है. इसका दबाव इराक पर भी पड़ा है और वह भी अब भारत को कीमतों में छूट देने को तैयार है.

सस्ते क्रूड ऑयल का असर क्या हुआ
रूस के सस्ते क्रूड ऑयल का असर क्या हुआ है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि 2021-22 में पूरे साल में भारत ने रूस से जितना क्रूड ऑयल खरीदा था, 2022-23 के सिर्फ 6 महीनों में ही रूस से उससे 386% ज्यादा क्रूड ऑयल खरीद लिया है. इतना ही नहीं, भारत रूस से सस्ता क्रूड ऑयल इतनी तेजी से खरीद रहा है कि देश को एक साल में जितने क्रूड ऑयल की जरूरत है, उसका 54 प्रतिशत पहले 6 महीने (अप्रैल से सितंबर) में ही आयात कर लिया. इससे पहले भारत शुरुआती 6 महीनों में जरूरत का औसतन 47 प्रतिशत क्रूड ऑयल आयात करता था और आखिरी के 6 महीनों में आयात की रफ्तार बढ़ाता था, लेकिन इस फाइनेंशियल ईयर में भारत ने पहले ही आधे से अधिक क्रूड ऑयल की खरीददारी कर ली है.

हिस्सेदारी 2.01% प्रतिशत से सीधे 14.7% तक पहुंच गई
2020-21 में भारत ने रूस से 2.01% ही क्रूड ऑयल आयात किया था, लेकिन 2022-23 में यह हिस्सेदारी अक्टूबर से सितंबर तक ही 14.7% तक पहुंच चुकी है. 2021-22 में भारत ने एक साल में रूस से 18 हजार करोड़ रुपए का क्रूड ऑयल खरीदा था, जबकि 2022-23 के 6 महीनों में ही भारत ने रूस से 89 हजार करोड़ रुपए का क्रूड ऑयल खरीद लिया है.

रूस से क्रूड ऑयल आयात करने से किसे ज्यादा नुकसान
2021-22 में भारत सबसे अधिक क्रूड ऑयल इराक, सऊदी अरब, यूएई, यूएसए और नाइजीरिया से आयात करता था. भारत के लिए क्रूड ऑयल के ये टॉप 5 सप्लायर देश थे. रूस से आयात बढ़ाने का सबसे अधिक नुकसान अमेरिका को हुआ. उसकी आयात हिस्सेदारी में 3.86 प्रतिशत की कमी आई है. टॉप 5 सप्लायर देशों में सबसे ऊपर रूस के पहुंचने के बाद नाइजीरिया 5वें स्थान से नीचे खिसक गया है.

भारत के आम नागरिकों को मिल सकता है फायदा
भारत पिछले कुछ महीनों से लगातार सस्सा क्रूड ऑयल खरीद रहा है, लेकिन भारत के लोगों को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मई को एक्साइज ड्यूटी घटाई थी, जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में गिरावट आई थी. इससे तेल कंपनियों पर कोई असर नहीं पड़ा था. लेकिन ऐसा अनुमान है कि सस्ता क्रूड ऑयल खरीदने का फायदा अब आम लोगों को भी मिलने वाला है और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक की कमी हो सकती है. इसकी प्रबल संभावना इसलिए भी है, क्योंकि हिमाचल प्रदेश और गुजरात में चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है. ऐसे में तेल की कीमतों में गिरावट बहुत जल्द देखने को मिल सकती है.

VIDEO : इस बैंक ने पेश किया स्पेशल FD स्कीम, अब मिलेगा ज्यादा ब्याज; जानें नियम-शर्तें


टैग्स
सम्बंधित खबरें

समझिए: भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण क्यों नहीं माना जाता?

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट कानूनी रूप से एक यात्रा दस्तावेज है, न कि नागरिकता का अंतिम प्रमाण.

26-June-2026

क्या है 65 साल पुराना सिंधु जल समझौता, जिससे पाकिस्तान में मचेगा हाहाकार, कितना होगा असर?

भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ 1960 से चले आ रहे जल समझौते का बोझ आगे नहीं ढोएगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद को प्रभावी रूप से बंद नहीं कर देता है.

24-April-2025

अमेरिका के टैरिफ लगाने से भारत के किस सेक्टर्स पर क्या होगा असर? जानिए डिटेल्स

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को बड़ा झटका दिया है. ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है. जिससे भारत के निर्यात पर गहरा असर देखने को मिल सकता है.

03-April-2025

भारत की तरक्की को कई गुना बढ़ा रही महिला एंटरप्रेन्योर, NeoGrowth की रिपोर्ट में आया सामने

3,000 से अधिक महिला उद्यमियों के सर्वेक्षण पर आधारित इस रिपोर्ट में महिलाओं की व्यापारिक सफलता और उनके सामने आने वाली चुनौतियों दोनों को दिखाया गया है.

06-March-2025

अडानी परिवार की शादी का उत्सव: परंपरा, आधुनिकता और समाज सेवा का संगम

यह शादी सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि अडानी परिवार की समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसमें हर पहलू में कला, परंपरा और सशक्तिकरण जुड़ा हुआ है.

24-February-2025


बड़ी खबरें

नीट पेपर लीक विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पीएम मोदी को भेजा पद छोड़ने का प्रस्ताव

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक लंबा पत्र साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है.

27 minutes ago

पेपर लीक पर सरकार का बड़ा एक्शन, 10 साल की जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने वाले बिल को कैबिनेट की मंजूरी

प्रस्तावित संशोधन के तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट को कानूनी आधार दिया जाएगा.

1 day ago

जुलाई में निजी क्षेत्र की रफ्तार पड़ी सुस्त, 3 साल के निचले स्तर पर पहुंचा PMI

कमजोर मांग, बढ़ती लागत और सर्विस सेक्टर में सुस्ती के चलते कारोबारी गतिविधियों की रफ्तार पर दबाव देखने को मिला.

1 day ago

कर्नाटक में FDI का बड़ा उछाल, वित्त वर्ष 2026 में विदेशी निवेश करीब दोगुना होकर 13 अरब डॉलर पहुंचा

टेक्नोलॉजी, डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) में बढ़ते निवेश से राज्य को मिला फायदा

1 day ago

जून तिमाही में Hindustan Zinc का दमदार प्रदर्शन, मुनाफा 145% उछला, रेवेन्यू 77% बढ़ा

तिमाही नतीजों के बाद Hindustan Zinc का शेयर लगभग सपाट कारोबार करता दिखा. खबर लिखे जाने के दौरान शेयर 0.35% प्रतिशत की तेजी के साथ 533 रुपये पर कारोबार करता दिथा.

1 day ago